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‘स्क्रैप गैरेज’ का भंडाफोड़, ई-रिक्शा चुराकर पुर्जे-पुर्जे बेचने वाला शातिर ‘ऑटो कटर’ अरेस्ट

डिजिटल क्राइम फाइल: ‘स्क्रैप गैरेज’ का भंडाफोड़, ई-रिक्शा चुराकर पुर्जे-पुर्जे बेचने वाला शातिर ‘ऑटो कटर’ अरेस्ट

विशेष विश्लेषणात्मक रिपोर्ट – अवनीश त्यागी (TargetTvLive)

बिजनौर (हल्दौर): जनपद बिजनौर में पुलिस का इकबाल और अपराधियों पर कसता शिकंजा एक बार फिर रंग लाया है। थाना हल्दौर पुलिस ने वाहन चोरी के एक ऐसे हाइटेक और शातिराना पैटर्न का पर्दाफाश किया है, जो सीधे तौर पर लोकल ट्रांसपोर्टरों और गरीबों की आजीविका पर वार कर रहा था। चोरी की ई-रिक्शा को सीधे बेचने के बजाय उसे काटकर ‘स्पेयर पार्ट्स’ में तब्दील करने वाले गिरोह के मुख्य सरगना को पुलिस ने दबोच लिया है।

वारदात का सच: शिकायत से गिरफ्तारी तक की क्रोनोलॉजी

  • 20 अगस्त 2026 (वारदात व FIR): ग्राम लाडनपुर निवासी छत्रपाल सिंह ने अपने बेटे की ई-रिक्शा चोरी होने की रिपोर्ट दर्ज कराई (मु0अ0सं0 208/2026, धारा 303(2) बीएनएस)। तहरीर में आबिद निवासी महमूदपुर बाबता पर नामजद शक जताया गया।
  • 22 अगस्त 2026 (सटीक रेड व बरामदगी): उपनिरीक्षक गुरुचरण सिंह व प्रवीण कुमार की अगुवाई में पुलिस टीम (कांस्टेबल निर्दोष व ओमवीर) ने घेराबंदी कर आरोपी आबिद को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
  • मौके का मंजर: आरोपी के ठिकाने से चोरी की गई ई-रिक्शा (UP20BT 9697) साबुत नहीं, बल्कि पूरी तरह डिसमंतल (कटी हुई) मिली।

बरामदगी की सूची: ई-रिक्शा की कटी बॉडी, 4 बैटरियां, मोटर, एक्सल, शॉकर, कमानी, वायरिंग, ब्रेकशू, कंट्रोलर, हैंडल, चाबी, पेचकस और यहाँ तक कि वाहन के लोन अकाउंट स्टेटमेंट की छायाप्रति भी बरामद हुई। धारा 317(2) BNS की बढ़ोतरी कर आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।

आपराधिक कुंडली: 6 मुकदमों का ‘दागी’ इतिहास

पकड़ा गया आरोपी आबिद कोई नौसिखिया नहीं, बल्कि पुलिस रिकॉर्ड का अभ्यस्त अपराधी है। उस पर पहले से चोरी, कूटरचित दस्तावेज बनाने, नशीला पदार्थ पिलाकर लूटने और आर्म्स एक्ट के आधा दर्जन मामले दर्ज हैं:

मुकदमा संख्याधाराएंसंबंधित थाना208/2026303(2), 317(2) BNSहल्दौर, बिजनौर307/2023379, 411, 420, 468 IPCकोतवाली देहात, बिजनौर313/20234/25 आर्म्स एक्टकोतवाली देहात, बिजनौर315/2023323, 498A, 504, 506 IPC व दहेज अधि.नहटौर, बिजनौर256/2023120B, 328, 379, 411, 414, 420, 468 IPCनगीना देहात, बिजनौर273/2023328, 379, 411 IPCशेरकोट, बिजनौर

क्राइम एनालिसिस (TargetTvLive का नजरिया)

TargetTvLive के विश्लेषणात्मक आकलन के मुताबिक, पश्चिमी यूपी में अब वाहन चोर गिरोहों ने अपनी रणनीति बदल ली है। पूरी ई-रिक्शा बेचने में पकड़े जाने का खतरा ज्यादा रहता है, इसलिए आरोपी चोरी के कुछ ही घंटों के भीतर वाहन के एक-एक पुर्जे अलग कर देते हैं। बैटरियों और मोटर को कटबाजार (स्क्रैप मार्केट) में आसानी से खपा दिया जाता है।

हल्दौर पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने न केवल एक गरीब परिवार की आजीविका के साधन को कटने से बचाया (उसके पार्ट्स बरामद किए), बल्कि इस अंतरथाना गिरोह के पूरे नेक्सस को भी ध्वस्त कर दिया है।

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