24 घंटे में चोरी का मोबाइल और 6 घंटे में बैल बरामद, मंदिर चोरी में दो गिरफ्तार; पीड़ितों ने जताया आभार
रिपोर्ट: अवनीश त्यागी। TargetTvLive
बिजनौर। चोरी की घटनाओं के बीच बिजनौर पुलिस की त्वरित कार्रवाई से जुड़े तीन मामले सामने आए हैं। एक मामले में चोरी हुआ मोबाइल करीब 24 घंटे के भीतर बरामद किया गया, दूसरे में बढ़ापुर थाना क्षेत्र से चोरी हुई बैल लगभग छह घंटे में बरामद कर ली गई। वहीं मंडावर थाना पुलिस ने मंदिरों में चोरी की घटनाओं का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर चोरी का सामान और वारदात में प्रयुक्त साइकिल बरामद करने का दावा किया है।
इन कार्रवाइयों के बाद कुछ पीड़ितों की ओर से वीडियो जारी कर पुलिस का आभार भी जताया गया है। तीनों मामलों में पुलिस की कार्रवाई का केंद्र बिंदु तेजी से सुराग जुटाना और चोरी की संपत्ति बरामद करना रहा।
24 घंटे में बरामद हुआ चोरी का मोबाइल
पहले मामले में एक युवक का मोबाइल चोरी हो गया था। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने तकनीकी माध्यमों और उपलब्ध सुरागों के आधार पर तलाश शुरू की। पुलिस के अनुसार करीब 24 घंटे के भीतर मोबाइल बरामद कर लिया गया।
मोबाइल मिलने के बाद पीड़ित ने वीडियो जारी कर पुलिस का आभार जताया। उसके लिए यह महज एक मोबाइल की बरामदगी नहीं, बल्कि चोरी के बाद उम्मीद लौटने जैसा अनुभव रहा।
पुलिस की इस कार्रवाई में तकनीकी जांच और उपलब्ध पुलिस संसाधनों की भूमिका महत्वपूर्ण रही।
छह घंटे में किसान की चोरी हुई बैल बरामद
दूसरी कार्रवाई थाना बढ़ापुर क्षेत्र से जुड़ी है। यहां एक किसान की बैल चोरी होने की सूचना पुलिस को दी गई। मामला सामने आते ही पुलिस ने तलाश और चेकिंग की कार्रवाई तेज की।
पुलिस के अनुसार करीब छह घंटे के भीतर चोरी हुई बैल बरामद कर ली गई। बैल वापस मिलने के बाद पीड़ित किसान ने भी पुलिस के प्रति आभार जताया।
किसान परिवारों के लिए पशुधन आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में चोरी हुई बैल की कम समय में बरामदगी पीड़ित परिवार के लिए बड़ी राहत मानी जा सकती है।
मंदिरों से मूर्ति और पीतल का सामान चोरी, दो आरोपी गिरफ्तार
तीसरा मामला थाना मंडावर क्षेत्र का है, जहां पुलिस ने मंदिरों में हुई चोरी की दो घटनाओं का खुलासा करने का दावा किया है।
पुलिस के अनुसार 6 सितंबर 2026 को कालेंद्री देवी मंदिर से नाग देवता की मूर्ति और पीतल का घंटा चोरी हुआ था। इस संबंध में वादी बोबी सक्सेना की तहरीर पर मु0अ0सं0 245/26, धारा 305(ए) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
इसके बाद 8 और 10 सितंबर को नर्मदेश्वर शिव मंदिर से थाल, पीतल का लोटा, चार छोटी घंटियां, तीन छोटे दीपक और पीतल की ज्योत चोरी होने की शिकायत सामने आई। इस मामले में वादी टीकम सिंह की तहरीर पर मु0अ0सं0 246/26 दर्ज किया गया।
पुलिस के मुताबिक जांच के दौरान सामने आए सुरागों के आधार पर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान—
विपिन कुमार पुत्र बिजेन्द्र सिंह, निवासी शेखुपुरा
शौकत पुत्र नजीर, निवासी कस्साबान
के रूप में बताई गई है।
पुलिस का दावा है कि आरोपियों के कब्जे से मंदिरों से चोरी किया गया सामान बरामद किया गया। वारदात में प्रयुक्त बताई जा रही साइकिल भी बरामद की गई। पुलिस के अनुसार मुकदमे में धारा 317(2) बीएनएस की बढ़ोतरी की गई है।
पुलिस टीम की भूमिका
मंडावर थाना पुलिस की इस कार्रवाई में उ0नि0 मनोज कुमार, उ0नि0 धर्मेन्द्र सिंह, का0 अजीत कुमार, का0 अमित कुमार, रि0का0 वैभव तोमर और रि0का0 तुषार राणा की भूमिका बताई गई है।
तीन कार्रवाइयों में एक बात समान—तेजी
इन तीनों मामलों की खास बात कार्रवाई की समय-सीमा है। एक ओर मोबाइल करीब 24 घंटे में बरामद हुआ, तो दूसरी ओर चोरी हुई बैल लगभग छह घंटे में वापस मिल गई। वहीं मंदिर चोरी के मामलों में पुलिस ने आरोपियों तक पहुंचने और कथित चोरी का सामान बरामद करने का दावा किया है।
इन कार्रवाइयों के बाद सामने आए पीड़ितों के धन्यवाद संदेश पुलिस के लिए अलग तरह का फीडबैक हैं। किसी भी पुलिस कार्रवाई की वास्तविक कसौटी केवल गिरफ्तारी नहीं, बल्कि पीड़ित को राहत और चोरी की संपत्ति की बरामदगी भी होती है।
TargetTvLive विश्लेषण: कार्रवाई की तेजी बनी चर्चा का कारण
बिजनौर पुलिस से जुड़े इन तीन मामलों में सबसे उल्लेखनीय पहलू त्वरित कार्रवाई और बरामदगी है। मोबाइल और बैल की कम समय में बरामदगी से पीड़ितों को तत्काल राहत मिली। मंदिर चोरी के मामले में मूर्ति और धार्मिक सामग्री की बरामदगी इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि ऐसी घटनाएं स्थानीय स्तर पर आस्था और कानून-व्यवस्था से जुड़ी संवेदनशीलता पैदा कर सकती हैं।
हालांकि किसी भी आपराधिक मामले में अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही तय होता है, लेकिन पुलिस की ओर से की गई त्वरित कार्रवाई और बरामदगी निश्चित रूप से जांच की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
TargetTvLive की नजर में इन घटनाओं का सबसे महत्वपूर्ण संदेश यही है कि चोरी की घटना के बाद शिकायत दर्ज कराने के साथ-साथ पुलिस की तकनीकी जांच, स्थानीय सूचना तंत्र और त्वरित कार्रवाई किस तरह पीड़ित को राहत पहुंचा सकती है।
ब्यूरो, बिजनौर। TargetTvLive
रिपोर्ट: अवनीश त्यागी












