बिजनौर में आधी रात गोलियों की तड़तड़ाहट: खाकी को ललकारने वाला शातिर गोकश मुठभेड़ में लंगड़ा, खून से लथपथ होकर गिरा
विशेष रिपोर्ट: अवनीश त्यागी | TargetTvLive
बिजनौर (उत्तर प्रदेश)। पश्चिमी यूपी में गोकशों और अपराधियों पर खाकी का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। थाना हल्दौर पुलिस ने बीती देर रात एक सनसनीखेज मुठभेड़ के दौरान भवानीपुर जंगल कांड के मुख्य वांछित अपराधी जावेद को गोली मारकर ढेर कर दिया। सोतखेड़ी तिराहे के पास खुद को पुलिस की घेराबंदी में घिरा देख इस शातिर अपराधी ने जान से मारने की नीयत से पुलिस टीम पर सीधा फायर झोंक दिया था। पुलिस की सटीक जवाबी कार्रवाई में गोली अभियुक्त के बाएं पैर में जा लगी, जिसके बाद वह खून से लथपथ होकर जमीन पर गिर पड़ा।
भवानीपुर कांड का बदला या पुलिस का एक्शन?
22 जुलाई 2026 को भवानीपुर के जंगलों में हुई गोकशी की घटना के बाद से ही इलाके में पुलिस का शिकंजा कस चुका था। उस रात पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान लईक नामक आरोपी को गोली मारकर पकड़ा था, लेकिन जावेद अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया था।
21 अगस्त की रात मुखबिर की सटीक सूचना पर थानाध्यक्ष बिजेन्द्र राठी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने सोतखेड़ी तिराहे पर जाल बिछाया। खबर थी कि जावेद स्प्लेंडर बाइक से इलाके में एक और बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में घूम रहा है। जैसे ही पुलिस ने उसे सरेंडर करने को कहा, उसने अवैध तमंचे से दनादन गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। पुलिस ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए आत्मरक्षार्थ गोली चलाई और आरोपी को मौके पर ही लंगड़ा कर दबोच लिया।
अपराध का काला साम्राज्य और बरामदगी
जावेद सिर्फ गोकश ही नहीं, बल्कि इलाके का जाना-माना दुराचारी और शातिर अपराधी है, जिस पर रेप और जानलेवा हमले जैसी संगीन धाराएं दर्ज हैं।
अपराध का लेखा-जोखा (FIR History):
- मु0अ0सं0 303/2021: धारा 376 (दुष्कर्म), 354, 323, 341, 504, 506 IPC के तहत केस दर्ज।
- मु0अ0सं0 179/2026: धारा 3/5/8 गोवध अधिनियम, 109(1) BNS व आर्म्स एक्ट।
- मु0अ0सं0 210/2026: धारा 109(1) BNS और 3/25/27 आर्म्स एक्ट (ताजा मुठभेड़ मामला)।
मौके से बरामद सामान:
- हथियार: 01 अवैध तमंचा 315 बोर, 02 जिंदा कारतूस और 01 खोखा कारतूस।
- कटान के औजार: 04 धारदार छुरियां (2 बड़ी, 2 छोटी) और 01 कुल्हाड़ी।
- वाहन: दिल्ली नंबर की स्प्लेंडर प्लस बाइक (DL5SAK1763)।
एनकाउंटर स्पेशलिस्ट टीम इस जांबाज ऑपरेशन को अंजाम देने वाली टीम में थानाध्यक्ष बिजेन्द्र राठी, उपनिरीक्षक शेर सिंह, कांस्टेबल प्रभात, टिंकु, गंगाधर, अंकित कुमार और अजय प्रताप शामिल रहे। इस बड़ी कार्रवाई के बाद जिले भर के गोकशों और अपराधियों में हड़कंप मच गया है।












