बिजनौर में डेयरी सेक्टर को मिलेगी नई रफ्तार! आधुनिक पशुपालन से किसानों की आय बढ़ाने का रोडमैप तैयार

बिजनौर: उत्तर प्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से डेयरी क्षेत्र को नई दिशा देने में जुटी है। इसी कड़ी में बुधवार को विकास भवन सभागार में दुग्ध विकास विभाग एवं पशुपालन विभाग द्वारा संयुक्त रूप से जनपद स्तरीय डेयरी कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में किसानों और पशुपालकों को आधुनिक डेयरी प्रबंधन, नंदबाबा दुग्ध मिशन, पशु स्वास्थ्य, चारा प्रबंधन तथा सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई।
मुख्य विकास अधिकारी ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और कहा कि वैज्ञानिक तरीके से पशुपालन अपनाकर किसान अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि कर सकते हैं।
किसानों को क्या-क्या बताया गया?
कॉन्क्लेव में विशेषज्ञों ने आधुनिक डेयरी प्रबंधन, दुग्ध नीति-2022, पशुओं की पहचान, रोग नियंत्रण, टीकाकरण, चारा प्रबंधन और डेयरी व्यवसाय के लिए बैंक ऋण जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. लोकेश कुमार अग्रवाल, कृषि वैज्ञानिक डॉ. के.के. सिंह, पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अनुराग चौधरी, डॉ. घनश्याम वर्मा तथा इंडियन बैंक के प्रतिनिधियों ने किसानों को वैज्ञानिक पशुपालन अपनाने के लाभ बताए।
मुख्यमंत्री गो-संवर्धन योजना के लाभार्थियों को मिले चयन-पत्र
कार्यक्रम के दौरान वित्तीय वर्ष 2026-27 के अंतर्गत मुख्यमंत्री गो-संवर्धन योजना के चयनित लाभार्थियों को चयन-पत्र वितरित किए गए। अधिकारियों ने किसानों से सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ लेने तथा डेयरी व्यवसाय को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने की अपील की।
क्यों अहम है यह पहल?
विशेषज्ञों का मानना है कि खेती की बढ़ती लागत और मौसम की अनिश्चितता के बीच डेयरी व्यवसाय किसानों के लिए स्थायी आय का मजबूत विकल्प बन सकता है। यदि प्रशिक्षण, पशु चिकित्सा सुविधाएं, गुणवत्तापूर्ण चारा और आसान वित्तीय सहायता समय पर उपलब्ध हो, तो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिल सकती है।
TargetTvLive Analysis
बिजनौर में आयोजित यह डेयरी कॉन्क्लेव केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं बल्कि किसानों को तकनीक, प्रशिक्षण और सरकारी योजनाओं से जोड़ने का महत्वपूर्ण प्रयास है। यदि इस पहल का प्रभावी क्रियान्वयन होता है तो जिले में दूध उत्पादन बढ़ने के साथ-साथ रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी विकसित हो सकते हैं।












