श्रावण शिवरात्रि 2026
कांवड़ियों के लिए जिला पंचायत का मेगा प्लान, प्रमुख मार्गों पर रोशनी और CCTV से होगी 24×7 निगरानी

प्रमुख बिंदु
- श्रावण शिवरात्रि 2026 के लिए जिला पंचायत की व्यापक तैयारी।
- प्रमुख कांवड़ मार्गों पर अस्थायी प्रकाश व्यवस्था।
- संवेदनशील स्थानों पर CCTV आईपी कैमरे लगाए जा रहे हैं।
- नजीबाबाद, कोतवाली, नहटौर, नूरपुर और मोहम्मदपुर देवमल क्षेत्र शामिल।
- श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता।
रिपोर्ट: अवनीश त्यागी | TargetTvLive
बिजनौर, 03 अगस्त |
श्रावण शिवरात्रि कांवड़ मेला 2026 को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और श्रद्धालु-केंद्रित बनाने के लिए जिला पंचायत बिजनौर ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौटने वाले लाखों कांवड़ियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जिले के प्रमुख कांवड़ मार्गों पर अस्थायी प्रकाश व्यवस्था, CCTV आईपी कैमरे और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी विकास मिश्रा ने बताया कि इस वर्ष का लक्ष्य कांवड़ यात्रा को अधिक सुरक्षित, सुगम और तकनीक आधारित बनाना है। इसी उद्देश्य से विभिन्न विकास खंडों में चरणबद्ध तरीके से कार्य कराए जा रहे हैं।
प्रमुख कांवड़ मार्गों पर विशेष व्यवस्था
जिला पंचायत द्वारा नजीबाबाद, कोतवाली, नहटौर, नूरपुर तथा मोहम्मदपुर देवमल विकास खंडों के प्रमुख मार्गों पर अस्थायी प्रकाश व्यवस्था स्थापित की जा रही है। इनमें मोटा महादेव मंदिर, भागूवाला मार्ग, नजीबाबाद बाईपास, कन्या गुरुकुल मार्ग, सरवनपुर, गुनियापुर, चंदक, मंडावर, रायपुर रोड, बुंदकी-नगीना मार्ग, आदेश नगर चौकी, सतरूद्दीन नगर तथा नूरपुर क्षेत्र के कई महत्वपूर्ण कांवड़ मार्ग शामिल हैं।
रात्रिकालीन यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए अतिरिक्त प्रकाश व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
CCTV निगरानी से होगी सुरक्षा मजबूत
इस बार सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए भागूवाला-मोटा महादेव मार्ग, कोतवाली रोड, बुंदकी-नगीना मार्ग सहित कई संवेदनशील स्थानों पर अस्थायी CCTV आईपी कैमरे लगाए जा रहे हैं।
इन कैमरों के माध्यम से भीड़ नियंत्रण, यातायात प्रबंधन तथा किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने में प्रशासन को मदद मिलेगी।
पिछले वर्ष के अनुभवों से तैयार हुई नई रणनीति
अपर मुख्य अधिकारी विकास मिश्रा ने बताया कि वर्ष 2025 में भी जिला पंचायत ने कांवड़ मार्गों पर प्रकाश व्यवस्था एवं CCTV की व्यवस्था कराई थी। इस वर्ष उन्हीं व्यवस्थाओं का विस्तार किया गया है तथा श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए कई मार्गों पर अतिरिक्त सुविधाएं जोड़ी गई हैं।
श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता
जिला पंचायत का कहना है कि कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं बल्कि बड़े स्तर का जनप्रबंधन भी है। इसलिए सुरक्षा, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था और तकनीकी निगरानी जैसे सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तैयारियां की जा रही हैं, ताकि लाखों श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के अपनी यात्रा पूरी कर सकें।
TargetTvLive विश्लेषण
बिजनौर उत्तर भारत के प्रमुख कांवड़ मार्गों में शामिल है। हर वर्ष लाखों श्रद्धालु जिले से होकर गुजरते हैं। ऐसे में जिला पंचायत द्वारा प्रकाश व्यवस्था और CCTV निगरानी का विस्तार न केवल दुर्घटनाओं की आशंका को कम करेगा, बल्कि कानून-व्यवस्था और ट्रैफिक प्रबंधन को भी अधिक प्रभावी बनाएगा। यदि सभी व्यवस्थाएं समय पर पूरी हो जाती हैं, तो इस बार की कांवड़ यात्रा पिछले वर्षों की तुलना में अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित साबित हो सकती है।












