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“रोज सिर्फ 1 घंटा योग और बीमारी छूमंतर!” ग्रेटर नोएडा का फ्री योग कैंप बना हेल्थ सेंटर

“रोज 1 घंटा योग = जिंदगी भर निरोग!” ग्रेटर नोएडा में फ्री योग कैंप बना हेल्थ का नया केंद्र

रिपोर्ट: ओम प्रकाश चौहान | वरिष्ठ स्वतंत्र पत्रकार

ग्रेटर नोएडा। बदलती जीवनशैली, बढ़ता तनाव और बीमारियों के खतरे के बीच ग्रेटर नोएडा के डेल्टा-3 सेक्टर में चल रहा निशुल्क योग शिविर लोगों के लिए “हेल्थ लाइफलाइन” बनकर उभर रहा है। भारतीय योग संस्थान (योग भवन) में प्रतिदिन चल रहे इस शिविर में बड़ी संख्या में लोग शामिल होकर न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक स्वास्थ्य भी सुधार रहे हैं।

क्या कहता है ग्राउंड रिपोर्ट?

शनिवार (11 अप्रैल) को योगाचार्य लाखन सिंह ने साधकों को विभिन्न योगासन और प्राणायाम का अभ्यास कराया। शिविर में अनुलोम-विलोम, कपालभाति, सूर्य नमस्कार, शीर्षासन, सर्वांगासन, पवनमुक्तासन जैसे योगाभ्यास कराए गए, जो शरीर को ऊर्जा और मन को स्थिरता प्रदान करते हैं।

समाजसेवी एवं वरिष्ठ पत्रकार ओम प्रकाश चौहान ने शिविर में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए साफ शब्दों में कहा—
👉 “यदि व्यक्ति नियमित रूप से योग और प्राणायाम अपनाए, तो उसे जीवन में किसी भी रोग का सामना नहीं करना पड़ेगा।”

योग शिविर क्यों बन रहा है ‘हेल्थ हब’?

  • ✔ पूरी तरह निशुल्क योग प्रशिक्षण
  • ✔ अनुभवी योगाचार्यों का मार्गदर्शन
  • ✔ हर उम्र के लोगों की सक्रिय भागीदारी
  • ✔ शारीरिक + मानसिक फिटनेस पर समान फोकस

यह शिविर सिर्फ एक्सरसाइज नहीं, बल्कि जीवनशैली सुधार अभियान बन चुका है।

योग का 3-स्टेप हेल्थ मॉडल (विशेष फॉर्मूला)

ओम प्रकाश चौहान ने योग को तीन चरणों में अपनाने की सलाह दी—

शारीरिक फिटनेस (30 मिनट)

  • खड़े, बैठकर, घुटनों व पेट के बल आसन
  • शरीर की लचीलापन और ताकत बढ़ाने पर जोर

मानसिक फिटनेस (20 मिनट)

  • प्राणायाम + ‘हंसी योग’
  • तनाव, चिंता और अवसाद से राहत

आध्यात्मिक संतुलन (10 मिनट)

  • ध्यान, मंत्र जाप और प्रार्थना
  • मन की स्थिरता और सकारात्मक ऊर्जा

👉 यह मॉडल “फुल बॉडी + माइंड + सोल बैलेंस” का एक प्रभावी फार्मूला माना जा रहा है।

कौन चला रहा है यह अभियान?

ग्रेटर नोएडा में इस पहल की नींव योगाचार्य रामचंद्र भास्कर ने रखी थी। वर्तमान में डेल्टा-3 केंद्र का संचालन योगाचार्य लाखन सिंह के सानिध्य में हो रहा है, जहां रोजाना एक घंटे का योगाभ्यास कराया जाता है।

स्थानीय लोगों की बढ़ती भागीदारी

शनिवार के शिविर में विनोद गुप्ता, पूरन बिष्ट, पीपी शर्मा, आरपी शर्मा, दीपक गर्ग, ऊषा, कुसुम गुप्ता, सीमा गर्ग, सरिता, निशा शर्मा, अर्चना सक्सेना, राजवती भाटी, सुमन भाटी, रमेश चंद्रा, संजय भार्गव, विशाल, आरिफ, ठाकुर सुदेश कुमार, राजीव सक्सेना सहित दर्जनों लोगों ने भाग लिया।

विकास दीक्षित ने लोगों से अपील की कि वे अधिक से अधिक लोगों को इस शिविर से जोड़ें और स्वस्थ जीवन की दिशा में कदम बढ़ाएं।

विश्लेषण: क्यों जरूरी हो गया है योग?

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में:

  • ❌ तनाव और डिप्रेशन तेजी से बढ़ रहे हैं
  • ❌ लाइफस्टाइल डिजीज (BP, डायबिटीज) आम हो रही हैं
  • ❌ शारीरिक गतिविधि कम हो रही है

ऐसे में यह योग शिविर एक लो-कॉस्ट, हाई-इम्पैक्ट हेल्थ सॉल्यूशन बनकर सामने आया है।

👉 खास बात यह है कि यहां “रोग के बाद इलाज” नहीं, बल्कि “रोग से पहले बचाव” पर फोकस किया जा रहा है।

निष्कर्ष: योग बन सकता है हेल्थ रिवोल्यूशन

ग्रेटर नोएडा का यह मॉडल अगर अन्य शहरों में भी लागू किया जाए, तो यह एक बड़े पब्लिक हेल्थ मूवमेंट का रूप ले सकता है।
निशुल्क, सुलभ और प्रभावी—योग आज की सबसे बड़ी जरूरत बन चुका है।

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