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क्लर्क के पौत्र ने मारी बाजी! UPPCS में 133वीं रैंक लाकर बने असिस्टेंट कमिश्नर

क्लर्क के पौत्र ने मारी बाजी! UPPCS में 133वीं रैंक लाकर बने असिस्टेंट कमिश्नर

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बिजनौर | स्पेशल डिजिटल रिपोर्ट | रिपोर्ट: सुनील पाल।         संपादन : अवनीश त्यागी 

सीमित संसाधनों के बीच बड़े सपनों को साकार करने की प्रेरक मिसाल बनकर उभरे हैं मंडावर (बिजनौर) के उज्जवल शर्मा, जिन्होंने UPPCS 2026 परीक्षा में 133वीं रैंक हासिल कर वाणिज्य कर सहायक कमिश्नर के पद पर चयनित होकर पूरे जिले का नाम रोशन कर दिया है। उनकी इस उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है।

संघर्ष से सफलता तक: क्लर्क परिवार से निकला अफसर

उज्जवल शर्मा के दादा आशाराम शर्मा, जो महात्मा गांधी इंटर कॉलेज, मंडावर में क्लर्क रहे, अपने सादगीपूर्ण जीवन और ईमानदारी के लिए पहचाने जाते थे। परिवार में शिक्षा, अनुशासन और नैतिक मूल्यों को हमेशा सर्वोच्च स्थान दिया गया—यही मजबूत नींव आज उज्जवल की सफलता के रूप में सामने आई है।

पिता का संघर्ष, मां के संस्कार और बेटे की कामयाबी

उज्जवल के पिता सुनील शर्मा ने अपने जीवन की शुरुआत एक छोटे इलेक्ट्रॉनिक्स व्यवसाय से की, लेकिन कड़ी मेहनत के दम पर आगे बढ़ते हुए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) में इंश्योरेंस मैनेजर बने।
माता नीलम शर्मा ने बेटे को अनुशासन, समर्पण और धैर्य का पाठ पढ़ाया—जो उनकी सफलता का आधार बना।

शिक्षा की विरासत: परिवार बना सफलता की कुंजी

उज्जवल के छोटे भाई प्रज्वल शर्मा नोएडा में सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं, जो यह दर्शाता है कि परिवार में शिक्षा और करियर को लेकर एक स्पष्ट दृष्टिकोण और निरंतरता रही है।

मंडावर से प्रशासनिक सेवा तक: युवाओं के लिए प्रेरणा

मोहल्ला बाजार कलां, मंडावर जैसे कस्बे से निकलकर प्रशासनिक सेवा तक पहुंचना आसान नहीं, लेकिन उज्जवल ने यह कर दिखाया।
उनकी सफलता यह साबित करती है कि बड़े सपनों के लिए बड़े शहर नहीं, बल्कि बड़ा हौसला और निरंतर मेहनत जरूरी है।

विश्लेषण: छोटे कस्बों से उभरती नई ताकत

उज्जवल शर्मा की सफलता यह बताती है कि—
👉 अब छोटे शहरों और कस्बों के युवा भी बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं
👉 डिजिटल शिक्षा और ऑनलाइन संसाधनों ने तैयारी को नई दिशा दी है
👉 परिवार का समर्थन और आत्मविश्वास सफलता की रीढ़ बन रहा है

यह बदलते भारत की नई तस्वीर है, जहां प्रतिभा अब सीमाओं में बंधी नहीं है।

बिजनौर में जश्न, बधाइयों की बौछार

जैसे ही उज्जवल शर्मा के चयन की खबर सामने आई, मंडावर और पूरे बिजनौर में खुशी की लहर दौड़ गई।
परिवार को लगातार फोन और सोशल मीडिया के माध्यम से बधाइयां मिल रही हैं। स्थानीय लोगों ने इसे क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण बताया है।

TargetTvLive संपादक की ओर से शुभकामनाएं

TargetTvLive के संपादक अवनीश त्यागी ने उज्जवल शर्मा को बधाई देते हुए कहा—
👉 “यह सफलता केवल एक परिवार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की प्रेरणा है। उज्जवल जैसे युवा ही देश का भविष्य हैं।”

निष्कर्ष

उज्जवल शर्मा की यह उपलब्धि एक मजबूत संदेश देती है—
“संघर्ष, संस्कार और संकल्प से ही सफलता का रास्ता बनता है।”

यह कहानी उन लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा है जो सीमित संसाधनों के बावजूद अपने सपनों को साकार करने की हिम्मत रखते हैं।

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