गंगा स्नान मेला-2025 की तैयारियों का डीएम ने लिया जायजा
श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोपरि — जिलाधिकारी जसजीत कौर ने दिए सख्त निर्देश
“डीएम जसजीत कौर ने बालावाली घाट पर तैयारियों का जायजा लेते हुए अधिकारियों को दिए निर्देश।”
सुरक्षा, सफाई और सुविधा पर प्रशासन की पैनी नजर — वन विभाग को गुलदार प्रभावित क्षेत्र में पेट्रोलिंग बढ़ाने के निर्देश
बिजनौर, 01 नवम्बर 2025। जनपद बिजनौर में कार्तिक पूर्णिमा गंगा स्नान मेले को लेकर तैयारियों ने जोर पकड़ लिया है। शनिवार दोपहर जिलाधिकारी जसजीत कौर ने तहसील नजीबाबाद के अंतर्गत बालावाली एवं नांगल सोती क्षेत्रों का दौरा कर मेले की व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर उपस्थित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और स्वच्छता में किसी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
“श्रद्धालुओं को मिले सहज और सुरक्षित अनुभव” — डीएम का संदेश
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने घाटों पर अस्थाई एवं मोबाइल शौचालयों, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल आपूर्ति, स्वास्थ्य शिविर, यातायात नियंत्रण, और पार्किंग प्रबंधन का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने कहा कि,
“गंगा स्नान मेला श्रद्धा और आस्था का प्रतीक है, इसलिए हमारी जिम्मेदारी है कि प्रत्येक आगंतुक को सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण मिले। प्रशासन के सभी विभाग तालमेल से काम करें।”
गुलदार प्रभावित क्षेत्र में बढ़ी निगरानी
डीएम जसजीत कौर ने विशेष रूप से वन विभाग को निर्देश दिए कि बालावाली क्षेत्र के आसपास गुलदार प्रभावित इलाकों में वन सुरक्षा कर्मियों की नियमित पेट्रोलिंग की जाए और आवश्यकतानुसार पिंजरे भी लगाए जाएं। उन्होंने कहा कि वन्यजीव सुरक्षा और मानव सुरक्षा दोनों प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल हैं।
सुरक्षा और कानून-व्यवस्था पर प्रशासन सतर्क
निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक अभिषेक झा समेत पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। डीएम ने स्पष्ट कहा कि
“मेले के दौरान भीड़ नियंत्रण, ट्रैफिक मैनेजमेंट और सुरक्षा गश्त में किसी प्रकार की ढिलाई नहीं होगी। सभी अधिकारी अपने-अपने दायित्वों को समय से पूरा करें।”
स्वच्छता और पेयजल पर विशेष फोकस
डीएम ने नगर निकायों और जल निगम के अधिकारियों को निर्देशित किया कि घाटों की निरंतर सफाई हो, पर्याप्त मात्रा में स्वच्छ पेयजल, कचरा निस्तारण व्यवस्था और चूना छिड़काव सुनिश्चित किया जाए।
स्थानीय प्रशासन की सक्रियता से बढ़ा विश्वास
स्थानीय निवासियों और व्यापारियों ने भी प्रशासन की तत्परता पर संतोष जताया। लोगों ने कहा कि इस बार मेले में सुविधाएं बेहतर और संगठित नजर आ रही हैं।
विश्लेषणात्मक दृष्टि से — प्रशासन की तैयारी, जनसहभागिता से होगी सशक्त
गंगा स्नान मेला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि जनभावनाओं, पर्यावरण संतुलन और स्थानीय अर्थव्यवस्था से जुड़ा उत्सव है। इस बार जिलाधिकारी जसजीत कौर के नेतृत्व में प्रशासनिक तैयारियों की गंभीरता यह दर्शाती है कि सरकार आस्था के इस पर्व को “स्वच्छता, सुरक्षा और सुव्यवस्था” की त्रिवेणी बनाना चाहती है। यदि विभागीय समन्वय और स्थानीय जनसहयोग कायम रहा, तो यह आयोजन प्रदेश में एक मिसाल बन सकता है।