जनगणना 2026 की बड़ी तैयारी
38 केंद्रों पर ट्रेनिंग पूरी, डिजिटल ऐप से होगा डेटा कलेक्शन — एडीएम वान्या सिंह का निरीक्षण
रिपोर्ट: अवनीश त्यागी। TargetTvLive
बिजनौर, 18 अप्रैल 2026।
जनगणना 2026 को लेकर बिजनौर प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहा है। जिलाधिकारी श्रीमती जसजीत कौर के निर्देशन में जिलेभर में चल रहे तीन दिवसीय प्रगणक (Enumerators) एवं पर्यवेक्षक (Supervisors) प्रशिक्षण कार्यक्रम का आज सफल समापन हो गया। इस दौरान डिजिटल तकनीक पर विशेष फोकस रखते हुए प्रशिक्षण को आधुनिक और प्रभावी बनाया गया।
38 प्रशिक्षण केंद्रों पर हुआ व्यापक आयोजन
जिले की सभी तहसीलों और 4 नगर निकाय क्षेत्रों में कुल 38 प्रशिक्षण केंद्रों पर यह कार्यक्रम संचालित किया गया। तीसरे और अंतिम दिन प्रतिभागियों को मोबाइल ऐप के माध्यम से डेटा फीडिंग की लाइव प्रैक्टिस कराई गई, जिससे उन्हें फील्ड में काम करने का व्यावहारिक अनुभव मिल सके।
एडीएम वान्या सिंह ने किया ग्राउंड निरीक्षण
अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) वान्या सिंह ने वीआईटी कॉलेज स्थित प्रशिक्षण केंद्र का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पाया कि प्रगणकों और पर्यवेक्षकों में उत्साह और प्रतिबद्धता का उच्च स्तर देखने को मिला। उन्होंने प्रशिक्षण की गुणवत्ता पर संतोष व्यक्त किया।
डिजिटल जनगणना: इस बार तकनीक पर पूरा भरोसा
वान्या सिंह ने बताया कि इस बार जनगणना में डिजिटल प्लेटफॉर्म और मोबाइल ऐप का व्यापक उपयोग किया जा रहा है, जिससे डेटा संग्रहण में पारदर्शिता और सटीकता सुनिश्चित होगी।
“जनगणना एक राष्ट्रीय महत्व का कार्य है, जिसकी सफलता पूरी तरह सटीक डेटा पर निर्भर करती है,” — एडीएम वान्या सिंह
गोपनीयता और निष्पक्षता की दिलाई गई शपथ
प्रशिक्षण के दौरान सभी प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को गोपनीयता, निष्पक्षता, पारदर्शिता और निष्ठा के साथ कार्य करने की शपथ दिलाई गई। उन्हें निर्देशित किया गया कि वे घर-घर जाकर डेटा एकत्र करते समय सौम्य व्यवहार अपनाएं और हर कॉलम को सावधानीपूर्वक भरें।
फील्ड चुनौतियों पर हुई गहन चर्चा
प्रशिक्षण में संभावित फील्ड समस्याओं और उनके समाधान पर विस्तार से चर्चा की गई। मास्टर ट्रेनर्स, तहसीलदारों और अधिशासी अधिकारियों ने मिलकर प्रतिभागियों को व्यावहारिक मार्गदर्शन दिया।
ये अधिकारी रहे मौजूद
इस अवसर पर जिला प्रभारी जे.पी. यादव, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, फील्ड ट्रेनर्स और बड़ी संख्या में प्रगणक एवं पर्यवेक्षक उपस्थित रहे।
क्यों खास है यह ट्रेनिंग?
- पहली बार बड़े स्तर पर डिजिटल जनगणना मॉडल लागू
- रियल-टाइम डेटा एंट्री से त्रुटियों में कमी
- प्रशिक्षित मानव संसाधन से कार्य में तेजी
- पारदर्शिता और विश्वसनीयता में बड़ा सुधार
बिजनौर में जनगणना 2026 की तैयारियां अब अंतिम चरण में हैं। प्रशासन की सख्ती, डिजिटल तकनीक का उपयोग और प्रशिक्षित टीम इस बार जनगणना को तेज, सटीक और पारदर्शी बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे।












