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“बिजनौर में रबी अभियान 2025-26 की गूंज: अनुदानित बीजों से बढ़ेगी उपज, घटेगा खर्च”

रबी अभियान 2025-26: बिजनौर में शुरू हुआ अनुदानित बीज वितरण — अब किसानों की बुवाई होगी और भी सशक्त व लाभदायक
📍बिजनौर | संवाददाता रिपोर्ट

रबी फसलों की बुवाई के मौसम ने दस्तक दे दी है, और इसी के साथ बिजनौर जनपद के किसानों के लिए खुशखबरी आई है। कृषि विभाग ने इस बार रबी अभियान 2025-26 की शुरुआत करते हुए किसानों के हित में बड़ा कदम उठाया है।
अब किसान भाइयों को गुणवत्तायुक्त बीज राज्य सरकार द्वारा अनुमोदित अनुदान दरों पर राजकीय कृषि निवेश भंडारों से आसानी से मिल सकेंगे।

किसानों के लिए सुवर्ण अवसर: अब नहीं झेलनी पड़ेगी महंगे बीजों की मार

रबी सीजन में फसलों की नींव यानी बीज की गुणवत्ता सबसे अहम मानी जाती है। यही वजह है कि इस बार जिला कृषि विभाग ने पहले ही चरण में गेहूं, सरसों, चना, मटर और मसूर जैसी प्रमुख फसलों के उच्च गुणवत्ता वाले प्रमाणित बीजों की उपलब्धता सुनिश्चित कर दी है।
अब तक जनपद के विभिन्न कृषि निवेश भंडारों में कुल:

  • गेहूं के 6515 कुंटल,
  • सरसों के 120 कुंटल,
  • चना के 12 कुंटल,
  • मसूर के 33 कुंटल,
  • मटर के 10 कुंटल बीज उपलब्ध हो चुके हैं।

इनका वितरण POS मशीन के माध्यम से पारदर्शी प्रक्रिया के तहत किया जाएगा, जिससे किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो जाएगी।

कौन लाभ उठा सकता है — नया या पंजीकृत किसान दोनों!

  • जो किसान अभी तक विभागीय पोर्टल पर पंजीकृत नहीं हैं, वे तत्काल पंजीकरण कराकर अनुदानित बीजों का लाभ उठा सकते हैं।
  • वहीं, जिनका पहले से पंजीकरण हो चुका है, वे सीधे जाकर राजकीय कृषि भंडारों से बीज क्रय कर सकते हैं।
  • यह व्यवस्था पूरी तरह पहले आओ, पहले पाओ के सिद्धांत पर आधारित है।

फसलवार अनुदान दरें और किसान अंश (संक्षेप में)

  • गेहूं (प्रमाणित बीज) – ₹2340 प्रति कुंटल (10 वर्ष से कम आयु)
  • चना (प्रमाणित बीज) – ₹5160 प्रति कुंटल (10 वर्ष से कम आयु)
  • मसूर (प्रमाणित बीज) – ₹5525 प्रति कुंटल (10 वर्ष से कम आयु)
  • मटर (प्रमाणित बीज) – ₹3546 प्रति कुंटल (10 वर्ष से कम आयु)
  • सरसों (प्रमाणित बीज) – ₹5423 प्रति कुंटल (15 वर्ष से कम आयु)

सभी फसलों पर निर्धारित सरकारी अनुदान लागू होगा, जिससे किसानों को वास्तविक बाजार दर की तुलना में काफी कम कीमत पर बीज उपलब्ध होंगे।

कृषि विभाग की पारदर्शी व्यवस्था

इस बार विभाग ने यह भी सुनिश्चित किया है कि सभी राजकीय कृषि निवेश भंडारों पर बीज दरें, अनुदान की राशि व किसान अंश की जानकारी सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित की जाए।
किसी भी प्रकार की शंका या जानकारी के लिए किसान सीधे मोबाइल नंबर – 7844996360 पर संपर्क कर सकते हैं।

💬 जिला कृषि अधिकारी का बयान

“रबी अभियान 2025-26 के तहत बीज वितरण की प्रक्रिया पारदर्शी और त्वरित बनाई गई है।
किसान समय से अनुदानित बीज लेकर बुवाई करें ताकि उत्पादकता बढ़े और लागत घटे। सरकार का लक्ष्य है कि हर किसान गुणवत्तायुक्त बीज का लाभ उठाए।”
जसवीर सिंह तेवतिया, जिला कृषि अधिकारी, बिजनौर

विश्लेषण: रबी अभियान बनेगा खेती का गेम-चेंजर

यह कदम न केवल किसानों को राहत देने वाला है, बल्कि कृषि उत्पादन की गुणवत्ता को भी नई दिशा देगा।

  • अनुदान पर मिलने वाले प्रमाणित बीजों से उपज में 15-20% तक की बढ़ोतरी संभव है।
  • किसानों की बीज लागत में सीधा 30-40% की कमी आएगी।
  • POS मशीन के जरिये वितरण से भ्रष्टाचार व गड़बड़ियों पर अंकुश लगेगा।

यह व्यवस्था ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने के साथ-साथ किसानों के आत्मनिर्भर भारत के सपने को भी साकार करेगी।

ग्रामीण किसानों के लिए सुझाव

  • समय से बुवाई करें — मौसम और फसल के अनुसार मिट्टी की नमी का ध्यान रखें।
  • केवल प्रमाणित भंडार से ही बीज लें।
  • बीज उपचार अवश्य करें, ताकि रोगों से फसल की सुरक्षा हो सके।
  • मिट्टी परीक्षण करवाकर उर्वरक का सही प्रयोग करें।

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