शिक्षक ओमकार सिंह बने प्रदेश संगठन विस्तारक — आश्रित कल्याण समिति उ.प्र. ने दिया बड़ा दायित्व
संगठन विस्तार के क्रम में बिजनौर को मिला प्रादेशिक प्रतिनिधित्व, शिक्षकों में हर्ष की लहर
बिजनौर, 09 अक्टूबर 2025।
आश्रित कल्याण समिति उत्तर प्रदेश ने संगठन विस्तार के तहत एक अहम निर्णय लेते हुए बिजनौर जनपद के शिक्षक श्री ओमकार सिंह को प्रदेश संगठन विस्तारक/संगठन मंत्री के पद पर मनोनीत किया है।
समिति के प्रदेश प्रवक्ता अजीत सिंह, प्रदेश महासचिव विनय कुमार त्रिपाठी और प्रदेश अध्यक्ष प्रमाण कुमार के संयुक्त हस्ताक्षर से जारी इस मनोनयन पत्र के बाद शिक्षकों में उत्साह और विश्वास की नई लहर दौड़ गई है।
🔹 निर्णय का उद्देश्य
- संगठन विस्तार की प्रक्रिया को मजबूती देना।
- प्राथमिक शिक्षा क्षेत्र से जुड़े कर्मठ और अनुभवशील शिक्षकों को प्रादेशिक मंच पर लाना।
- शिक्षकों की समस्याओं के निवारण में गति और पारदर्शिता बढ़ाना।
🔹 ओमकार सिंह का परिचय
- जनपद बिजनौर के प्राथमिक विद्यालय सत्तार वाला, विकास खण्ड कोतवाली में शिक्षक के रूप में कार्यरत।
- संगठनात्मक सक्रियता, शिक्षक हितों की वकालत और संवाद क्षमता के लिए जाने जाते हैं।
- पहले से ही जनपद अध्यक्ष के रूप में संगठन में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे।
🔹 समिति की टिप्पणी
प्रदेश महासचिव विनय कुमार त्रिपाठी ने बताया कि “ओमकार सिंह ने सदैव शिक्षक संवर्ग की समस्याओं को प्राथमिकता दी है। उनका अनुभव संगठन को नई दिशा देगा।”
वहीं प्रदेश अध्यक्ष प्रमाण कुमार ने कहा कि “यह मनोनयन संगठन विस्तार की रणनीति का अहम हिस्सा है, जिससे राज्यस्तर पर शिक्षकों की आवाज़ और बुलंद होगी।”
🔹 संगठन में नई ऊर्जा
- शिक्षकों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बधाइयों की बाढ़ ला दी।
- प्रदेश के कई जिलों से ओमकार सिंह को शुभकामनाएँ मिल रही हैं।
- बिजनौर के शिक्षकों ने इसे “गर्व का क्षण” बताया।
प्रशासनिक पारदर्शिता के साथ आगे बढ़ेगा संगठन
मनोनयन पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि संगठन की नीतियों, नियमों और दिशा-निर्देशों का पालन अनिवार्य होगा।
संगठन ने आशा जताई है कि ओमकार सिंह की नियुक्ति से शिक्षक कल्याण और आश्रित परिवारों के हितों की रक्षा को और अधिक बल मिलेगा।
विश्लेषणात्मक दृष्टि से
- यह निर्णय संगठन के विकेंद्रीकरण और स्थानीय नेतृत्व को प्रोत्साहन देने की दिशा में अहम कदम है।
- शिक्षक वर्ग की जमीनी समस्याओं को सीधे प्रादेशिक स्तर पर उठाने की क्षमता अब बढ़ेगी।
- संगठन विस्तार से संवाद, सहयोग और नीति-निर्माण में शिक्षक समुदाय की भागीदारी सशक्त होगी।
निष्कर्ष
आश्रित कल्याण समिति उ.प्र. का यह निर्णय न केवल संगठनात्मक मजबूती का प्रतीक है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि समर्पण, कर्मठता और निष्ठा से कार्य करने वालों को हमेशा पहचान मिलती है।
बिजनौर के लिए यह उपलब्धि जिले के शिक्षा जगत में एक नई प्रेरणा बनकर उभरी है।
📍 रिपोर्ट : अवनीश त्यागी | डिजिटल न्यूज़ पोर्टल स्पेशल एडिशन | बिजनौर अपडेट्स 2025












