बिजनौर के सीमावर्ती 18 गांवों में विकास की नई बयार
हाइलाइटर
- ग्राम पंचायतों को आय बढ़ाने के लिए प्रेरित करने का निर्देश
- गांवों में डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण होगा अनिवार्य
- गुलदार प्रभावित ग्रामों में खुले में शौच पर सख्ती
- ग्रामीण पुस्तकालय बनेंगे सक्रिय और बहुउद्देशीय
- पंचायतों को OSR की पाँच गुना प्रोत्साहन राशि मिलेगी
- व्यक्तिगत शौचालय निर्माण और अपशिष्ट प्रबंधन की होगी सख्त निगरानी
डीएम जसजीत कौर ने अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश, हर गांव तक पहुंचेगी सरकारी योजनाओं की सौगात
बिजनौर, 22 सितंबर, 2025। उत्तराखंड से सटे बिजनौर के सीमावर्ती गांव अब विकास और जनकल्याण की मुख्यधारा में शामिल होने जा रहे हैं। जिलाधिकारी जसजीत कौर की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में यह फैसला लिया गया कि 18 गांवों को सभी सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों से पूरी तरह संतृप्त किया जाएगा।
हर गांव में कर्मियों की शत-प्रतिशत तैनाती
जिलाधिकारी ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि आंगनबाड़ी कार्यकत्री, आशा बहू और सफाई कर्मियों की कमी तुरंत पूरी की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की रुकावट बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
“सीमावर्ती गांवों को विकास की मुख्यधारा में लाना हमारी प्राथमिकता है। हर स्तर पर काम को प्रभावी बनाना जरूरी है।” – डीएम जसजीत कौर
अवैध कब्जों पर सख्त कार्यवाही और सार्वजनिक सुविधाओं का निर्माण
राजस्व अधिकारियों को आदेश दिया गया कि जिन गांवों में अवैध कब्जा पाया जाए, उसे तुरंत हटाकर सार्वजनिक भूमि पर खेल मैदान, पार्क, आंगनबाड़ी केंद्र और शौचालय का निर्माण कराया जाए।
इसका उद्देश्य गांव के सभी निवासियों को प्रत्यक्ष लाभ देना और जीवन स्तर सुधारना है।
स्वच्छ पेयजल और बुनियादी ढांचे पर विशेष ध्यान
डीएम ने जल निगम के अधिकारियों को निर्देश दिया कि सीमावर्ती गांवों में टंकियों का निर्माण और पाइपलाइन मरम्मत मानक के अनुसार पूरी की जाए।
साथ ही, सड़क निर्माण और स्वास्थ्य सेवाओं की शत-प्रतिशत उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
जंगली जानवरों से सुरक्षा और राहत
वन विभाग को आदेश दिया गया कि जिन गांवों में जंगली जानवरों के प्रवेश को रोकने के लिए फेंसिंग कार्य चल रहा है, उसकी प्रगति की रिपोर्ट तुरंत उपलब्ध कराई जाए।
इसके अलावा, गुलदार या अन्य जंगली जानवरों के हमले से घायल ग्रामीणों को तत्काल आर्थिक सहायता दी जाएगी।
योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने के लिए कैंप
डीएम ने कृषि, स्वास्थ्य, समाज कल्याण, लोक निर्माण, जल निगम और पंचायत राज सहित सभी विभागों को रोस्टर बनाकर गांवों में कैंप आयोजित करने के निर्देश दिए।
इन कैंपों के माध्यम से पात्र लाभार्थियों का चयन कर उन्हें सरकारी योजनाओं से जोड़ा जाएगा।
सामाजिक और सांस्कृतिक ढांचे को सशक्त करना
जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देश दिए गए कि सभी गांवों में अंत्येष्टि स्थल, पंचायत घर और बरात घर बनाए जाएँ।
इससे ग्रामीण जीवन में सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियाँ सहज रूप से संचालित हो सकेंगी।
बैठक में शामिल वरिष्ठ अधिकारी
बैठक में परियोजना निदेशक डीआरडीए, जिला विकास अधिकारी, उपायुक्त मनरेगा एवं एनआरएलएम, वरिष्ठ कोष अधिकारी, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी सहित अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद थे।
🔹 हाइलाइटर और बुलेट पॉइंट्स
- 18 सीमावर्ती गांवों को प्राथमिकता के आधार पर विकास योजनाओं का लाभ।
- आंगनबाड़ी, आशा बहू और सफाई कर्मियों की शत-प्रतिशत तैनाती।
- अवैध कब्जे हटाकर सार्वजनिक सुविधाओं का निर्माण।
- स्वच्छ पेयजल, सड़क और स्वास्थ्य सेवाओं की शत-प्रतिशत उपलब्धता।
- जंगली जानवरों से प्रभावित ग्रामीणों को तत्काल आर्थिक सहायता।
- कैंप लगाकर पात्र लाभार्थियों को सरकारी योजनाओं से जोड़ा जाएगा।
- अंत्येष्टि स्थल, पंचायत घर और बरात घर का निर्माण।
बिजनौर प्रशासन की यह पहल सीमावर्ती गांवों को विकास की मुख्यधारा में लाने, ग्रामीण जीवन स्तर सुधारने और सरकारी योजनाओं का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक पहुँचाने की दिशा में एक मजबूत और ठोस कदम है।











