Target Tv Live

यूपी में निजीकरण विरोधी प्रदर्शनों की तैयारी, गोरखपुर स्मार्ट मीटर घोटाले ने बढ़ाया गुस्सा

   विद्युत कर्मचारियों का 300वां दिन:
यूपी में निजीकरण विरोधी प्रदर्शनों की तैयारी, गोरखपुर स्मार्ट मीटर घोटाले ने बढ़ाया गुस्सा

मुख्य बिंदु:

  • प्रदेश के बिजली कर्मचारी 300 दिन से लगातार निजीकरण विरोधी आंदोलन में जुटे।

  • 23 सितंबर को लखनऊ सहित सभी जनपदों में व्यापक विरोध प्रदर्शन होगा।

  • गोरखपुर स्मार्ट मीटर घोटाले में अभियंताओं को निलंबित करने पर कर्मचारी हुए आक्रोशित।

  • प्रमुख शहरों में आज भी जोरदार विरोध प्रदर्शन आयोजित।

निजीकरण के आरएफपी दस्तावेज को मंजूरी न देने की अपील

विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश ने मुख्य सचिव श्री शशि प्रकाश गोयल से अपील की है कि पवार कारपोरेशन द्वारा तैयार किया गया संशोधित निजीकरण आरएफपी डॉक्यूमेंट मंजूरी न पाए।
संघर्ष समिति का कहना है कि इस प्रक्रिया में आल इंडिया डिस्कॉम एसोशिएशन की पूरी दखलंदाजी है और यह दस्तावेज़ निजी घरानों को लाभ पहुंचाने के लिए तैयार किया गया है।

23 सितंबर को व्यापक विरोध प्रदर्शन की योजना
  • विरोध प्रदर्शन सभी जनपदों में पावर कारपोरेशन के मुख्य कार्यालयों पर होगा।
  • राजधानी लखनऊ में शक्ति भवन पर विशेष प्रदर्शन।
  • प्रदर्शन भोजन अवकाश या कार्यालय समय के बाद आयोजित किया जाएगा ताकि बिजली आपूर्ति प्रभावित न हो।

“नवरात्र और रामलीला के दौरान उपभोक्ताओं को कोई कठिनाई नहीं हो, इसलिए प्रदर्शन सावधानीपूर्वक किया जाएगा।” – संघर्ष समिति

गोरखपुर स्मार्ट मीटर घोटाला: अभियंताओं की निलंबन से आक्रोश

  • मेसर्स जीनस कंपनी ने रिजेक्टेड लिस्ट में अभियंताओं की आईडी से छेड़छाड़ कर 17 सितंबर को आधी रात में अप्रूव किया।
  • 5 अभियंताओं को निलंबित किया गया, जिसे कर्मचारी “घोटाले को छुपाने की कोशिश” मान रहे हैं।
  • समिति ने उच्च स्तरीय जांच की मांग की और निलंबित अभियंताओं को तत्काल बहाल करने की अपील की।

“यदि जांच कराई गई तो बहुत बड़ा स्मार्ट मीटर घोटाला सामने आएगा।” – विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति

आज के विरोध प्रदर्शन की झलक

आज कई प्रमुख शहरों में विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया:
वाराणसी, आगरा, मेरठ, कानपुर, गोरखपुर, मिर्जापुर, आजमगढ़, बस्ती, अलीगढ़, मथुरा, एटा, झांसी, बांदा, बरेली, देवीपाटन, अयोध्या, सुल्तानपुर, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बुलंदशहर, नोएडा, गाजियाबाद, मुरादाबाद।

विशेषज्ञ विश्लेषण

विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तर प्रदेश में बिजली निजीकरण पर विवाद बढ़ता जा रहा है। कर्मचारी इसे जनहित और सुरक्षा खतरे के लिहाज से अस्वीकार्य मान रहे हैं। गोरखपुर स्मार्ट मीटर घोटाले जैसी घटनाओं ने विरोध को और भी तेज कर दिया है।

अगर सरकार ने कर्मचारी आंदोलन की उपेक्षा की, तो 23 सितंबर को होने वाले विरोध प्रदर्शन और भी हिंसक या व्यापक रूप ले सकते हैं।

संयोजक: शैलेन्द्र दुबे
संपर्क: 9415006225

 

Leave a Comment

यह भी पढ़ें