सीएम योगी ने किया ‘नमो युवा रन’ का शुभारंभ, दिया नशामुक्त भारत का संदेश

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हाइलाइट्स
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ से दिया नशामुक्त भारत का संदेश
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हजारों युवाओं की भागीदारी, “फिटनेस के साथ अवेयरनेस” का मंत्र
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‘नमो युवा रन’ को बनाया गया सोशल मूवमेंट – खेल, देशभक्ति और स्वास्थ्य का संगम
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ड्रग्स के खिलाफ युवाओं की निर्णायक भूमिका पर जोर
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भारत को ‘फिट और ड्रग-फ्री’ बनाने का संकल्प
पूरा विश्लेषणात्मक लेख
‘नमो युवा रन’ से उठी नशामुक्त भारत की अलख
लखनऊ में रविवार सुबह का नजारा अनोखा रहा। हजारों युवा सड़क पर दौड़ते नजर आए, लेकिन यह केवल स्पोर्ट्स रन नहीं थी। यह थी—“नमो युवा रन”, जिसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस रन का मकसद है—नशे के खिलाफ एक जनजागरण आंदोलन खड़ा करना।
युवा शक्ति का संकल्प, नशे के खिलाफ युद्ध
सीएम योगी ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि नशा सिर्फ शरीर को नहीं, बल्कि समाज और भविष्य को भी खोखला करता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत की असली ताकत उसकी युवा शक्ति है और यही शक्ति नशे को जड़ से खत्म कर सकती है।
खेल और जागरूकता का संगम
इस रन में बड़ी संख्या में स्कूली छात्र-छात्राओं, कॉलेज स्टूडेंट्स, खेलकूद संघों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने भाग लिया। प्रतिभागियों ने बैनर-पोस्टर के साथ यह संदेश दिया कि “Say No to Drugs, Say Yes to Life”।
क्यों खास है ‘नमो युवा रन’?
- नशा मुक्त भारत अभियान से जुड़ा जन आंदोलन
- फिटनेस और स्वास्थ्य पर जोर
- युवाओं को नेतृत्व की भूमिका में लाने का प्रयास
- सामाजिक और सांस्कृतिक चेतना का समावेश
राजनीतिक और सामाजिक संदेश
‘नमो युवा रन’ को लेकर साफ है कि सरकार युवाओं की ताकत को सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का माध्यम मान रही है। ड्रग्स जैसे बड़े खतरे के खिलाफ यह कदम सिर्फ एक इवेंट नहीं, बल्कि एक राष्ट्रीय संदेश है।
“नमो युवा रन” केवल दौड़ नहीं, बल्कि ड्रग्स के खिलाफ भारत की जंग का प्रतीक है। युवाओं का उत्साह और सीएम योगी का संदेश इस बात का सबूत है कि आने वाले समय में यह मुहिम एक जनांदोलन बनेगी।
👉 आपका क्या मानना है? क्या ऐसे रन समाज को नशामुक्त बनाने में प्रभावी साबित होंगे?










