चमन सिंह हत्याकांड: लाठी-डंडों से पीटकर किसान की हत्या, शव रखकर उग्र ग्रामीणों ने लगाया जाम
पुरानी रंजिश ने छीनी किसान की जान, पुलिस की कार्यवाही पर उठा सवा
मुख्य बिंदु (Highlights):
- 45 वर्षीय किसान चमन सिंह की लाठी-डंडों से पिटाई कर हत्या।
- आठ दिन पुराना विवाद बना मौत की वजह।
- शव रखकर ग्रामीणों ने लगाया नूरपुर-अमरोहा मार्ग पर जाम।
- पुलिस प्रशासन पर कार्रवाई न करने का आरोप।
- परिजनों में मातम, गांव में तनाव।
- जांच जारी, दोषियों पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन।
बिजनौर/अमरोहा। उत्तर प्रदेश के बिजनौर जनपद में शनिवार की देर शाम उस समय हड़कंप मच गया जब शिवाला कलां थाना क्षेत्र के गांव सेह निवासी किसान चमन सिंह (45 वर्ष) की लाठी-डंडों से बेरहमी से पिटाई कर दी गई। गंभीर चोट लगने और खून की उल्टियां होने के बाद अस्पताल ले जाते समय उनकी मौत हो गई। घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने शव को सड़क पर रखकर जाम लगाया और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
घटना की पूरी कहानी
- पुरानी रंजिश का खेल:
बताया जाता है कि करीब आठ दिन पहले चमन सिंह का गांव के ही हरदीप से किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। तभी से हरदीप और उसके साथी चमन से खुन्नस खाए बैठे थे। - शनिवार की शाम हमला:
चमन सिंह अपने घर के बाहर दोस्तों संग ताश खेल रहे थे। इसी दौरान हरदीप अपने साथियों के साथ वहां पहुंचा और अचानक लाठी-डंडों से हमला कर दिया। चमन को बुरी तरह पीटा गया। - मौत की ओर बढ़ते हालात:
हमले के दौरान चमन को गंभीर चोटें आईं और खून की उल्टियां होने लगीं। परिवारजन तुरंत उन्हें नूरपुर के स्वास्थ्य केंद्र लेकर गए, जहां से डॉक्टरों ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। मगर रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया।
गुस्साए ग्रामीणों का आक्रोश
- मौत की खबर फैलते ही परिजन और ग्रामीण शव को थाने के सामने नूरपुर-अमरोहा मार्ग पर रखकर जाम लगाने बैठ गए।
- ग्रामीणों का आरोप था कि आठ दिन पहले जब झगड़ा हुआ था तभी अगर पुलिस ने सही कार्रवाई की होती तो आज यह घटना नहीं होती।
- लोगों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और न्याय की मांग की।
पुलिस और प्रशासन की सक्रियता
- घटना की सूचना मिलते ही सीओ चांदपुर देश दीपक सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और हालात संभालने का प्रयास किया।
- मृतक किसान चमन सिंह का एक बेटा राजन है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
- एसपी देहात विनय कुमार सिंह ने कहा, “मामले की जांच की जा रही है। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
गंभीर सवाल और विश्लेषण
- क्या पुलिस ने विवाद के समय सही हस्तक्षेप किया होता तो यह हत्या टल सकती थी?
- ग्रामीणों की नाराज़गी इस बात की ओर इशारा करती है कि प्रशासनिक स्तर पर संवेदनशीलता और सक्रियता की कमी रही।
- अब देखने वाली बात होगी कि जांच कितनी तेजी से आगे बढ़ती है और आरोपियों पर क्या कार्रवाई होती है।
🖋 रिपोर्ट: Target TV Live डिजिटल डेस्क











