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ग्रेटर नोएडा में जमीन खरीदना हुआ महंगा, नई दरें 1 अप्रैल से लागू

ग्रेटर नोएडा में जमीन खरीदना हुआ महंगा, नई दरें 1 अप्रैल से लागू

रिपोर्ट: ओमप्रकाश चौहान

ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा में जमीन खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए यह खबर महत्वपूर्ण हो सकती है। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) ने अपनी 84वीं बोर्ड बैठक में वित्त वर्ष 2025-26 के लिए संपत्ति की दरों में 12-15 प्रतिशत की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। यह निर्णय आगामी 1 अप्रैल से प्रभावी होगा, जिससे आवासीय, औद्योगिक, संस्थागत और ग्रुप हाउसिंग संपत्तियों की कीमतों में उल्लेखनीय वृद्धि देखी जाएगी।

प्रमुख निर्णय और प्रभाव

  • बजट स्वीकृति: YEIDA ने 9991.85 करोड़ रुपये का बजट पास किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 3034.65 करोड़ रुपये अधिक है। इसमें भूमि अधिग्रहण के लिए 5789 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
  • नए दरें:
    • आवासीय संपत्ति: 35,000 रुपये प्रति वर्गमीटर (पहले 25,900 रुपये)
    • कॉमर्शियल संपत्ति: 74,000 – 84,000 रुपये प्रति वर्गमीटर (पहले 51,800 – 62,000 रुपये)
    • ग्रुप हाउसिंग: 52,500 रुपये प्रति वर्गमीटर (पहले 32,375 रुपये)
    • इंस्टीट्यूशनल संपत्ति: 10,990 – 18,030 रुपये प्रति वर्गमीटर (पहले 7,930 रुपये)
    • औद्योगिक संपत्ति: 9,550 – 15,767 रुपये प्रति वर्गमीटर (पहले 8,670 – 14,240 रुपये)

भूमि अधिग्रहण और विकास पर जोर

प्राधिकरण ने किसानों को मुआवजे की दर बढ़ाकर 4300 रुपये प्रति वर्गमीटर कर दी है, जिससे नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण सुगम होगा। इसके अलावा, 1102 करोड़ रुपये एयरपोर्ट परियोजना और 1946 करोड़ रुपये विकास कार्यों के लिए आवंटित किए गए हैं।

आवासीय और औद्योगिक क्षेत्र पर प्रभाव

संपत्ति की कीमतों में इस वृद्धि से ग्रेटर नोएडा में घर खरीदने की लागत बढ़ेगी, जिससे मध्यम और निम्न आय वर्ग के लोगों को कठिनाई हो सकती है। हालांकि, औद्योगिक और वाणिज्यिक निवेशकों के लिए यह एक संकेत है कि क्षेत्र में बुनियादी ढांचे का विकास तेजी से हो रहा है, जिससे भविष्य में रियल एस्टेट की कीमतों में और बढ़ोतरी की संभावना है।

क्या कहता है यह निर्णय?

इस वृद्धि से यह स्पष्ट होता है कि यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में बुनियादी ढांचे और कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने पर जोर दे रहा है। हालांकि, इससे रियल एस्टेट सेक्टर को कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है, खासकर रिहायशी संपत्ति की मांग पर।

YEIDA द्वारा दरों में बढ़ोतरी का निर्णय विकास और बुनियादी ढांचे को गति देने के लिए उठाया गया कदम है। हालांकि, यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि यह आम जनता और निवेशकों पर दीर्घकालिक रूप से क्या प्रभाव डालता है।

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