चैत्र नवरात्रि, श्रीरामनवमी की तैयारियों पर मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक
विशेष सुरक्षा और सुविधाओं के निर्देश
लखनऊ।: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चैत्र नवरात्रि और श्रीरामनवमी के अवसर पर प्रदेश भर में व्यापक तैयारियों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए। प्रमुख देवी मंदिरों और शक्तिपीठों में भारी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना को देखते हुए प्रशासन को विशेष सतर्कता बरतने के लिए कहा गया है।
अखंड श्रीरामचरितमानस पाठ और सूर्य तिलक
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी जनपदों में 24 घंटे का श्रीरामचरितमानस का अखंड पाठ आयोजित किया जाए। यह पाठ 5 अप्रैल की दोपहर से प्रारंभ होकर 6 अप्रैल को दोपहर 12 बजे श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में श्रीरामलला के सूर्य तिलक के साथ संपन्न होगा। इस विशेष आयोजन के लिए मंदिरों और अन्य धार्मिक स्थलों में आवश्यक व्यवस्थाएं प्रारंभ कर दी गई हैं।
बिजली आपूर्ति और स्वच्छता अभियान
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि चैत्र नवरात्रि के दौरान पूरे प्रदेश में निर्बाध 24 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। इसके अलावा, नगर विकास विभाग और ग्राम्य विकास विभाग को नगरों और गांवों में मंदिरों एवं देवालयों के साथ-साथ संपूर्ण क्षेत्र में स्वच्छता बनाए रखने के लिए विशेष अभियान चलाने का आदेश दिया गया है। आवश्यकतानुसार अतिरिक्त सफाई कर्मियों की तैनाती भी की जाएगी।
श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा
मुख्यमंत्री ने कहा कि देवीपाटन मंदिर (बलरामपुर), शाकुंभरी देवी मंदिर (सहारनपुर), विंध्यवासिनी देवी धाम (मिर्जापुर) सहित अन्य प्रमुख मंदिरों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचेंगे। ऐसे में कतारबद्ध श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जूट मैटिंग, पेयजल की समुचित व्यवस्था और छाजन की व्यवस्था की जानी चाहिए, ताकि तेज धूप में किसी को असुविधा न हो।
भीड़ प्रबंधन और कानून-व्यवस्था
पुलिस विभाग को स्थानीय आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए बेहतर भीड़ प्रबंधन और फुट पेट्रोलिंग की कार्ययोजना लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा, यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि मंदिरों के आसपास अंडा, मांस आदि की दुकानें न लगें और किसी भी प्रकार की अवैध स्लॉटरिंग न हो।
आयोजन की व्यापकता और धार्मिक आस्था
चैत्र नवरात्रि और श्रीरामनवमी हिंदू धर्म के महत्वपूर्ण पर्वों में शामिल हैं। इन आयोजनों को लेकर प्रदेश सरकार की ओर से की जा रही व्यवस्थाएं न केवल श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रख रही हैं, बल्कि धार्मिक आस्था को भी सम्मान दे रही हैं।
इन व्यापक तैयारियों के साथ, प्रदेश सरकार का प्रयास है कि श्रद्धालु बिना किसी कठिनाई के अपने धार्मिक कर्तव्यों का निर्वहन कर सकें और धार्मिक स्थलों पर एक सकारात्मक और सुव्यवस्थित माहौल बना रहे।











