दिल्ली विधानसभा बजट सत्र में भाजपा को घेरेगी ‘आप’, सड़क पर भी लड़ेगी जनता के हक की लड़ा

सड़क पर भी लड़ेगी जनता के हक की लड़ाई
रिपोर्ट : सुषमा रानी
नई दिल्ली।: दिल्ली विधानसभा के आगामी बजट सत्र में आम आदमी पार्टी (आप) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर जमकर हमला बोलने के लिए तैयार है। “आप” ने भाजपा पर दिल्ली की जनता के साथ विश्वासघात करने का आरोप लगाया है, खासकर महिलाओं को प्रति माह ₹2500 और होली पर मुफ्त एलपीजी सिलेंडर देने की ‘मोदी की गारंटी’ को जुमला करार दिया है। “आप” का कहना है कि भाजपा की दिल्ली सरकार ने इस योजना को लागू करने के बजाय तीन-सदस्यीय समिति गठित कर इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया है।
भाजपा का वादा निकला झूठा:
“आप” का कहना है कि दिल्ली की महिलाओं को वित्तीय सहायता का भरोसा दिया गया था, लेकिन भाजपा ने अपने वादे को पूरा करने की जगह टालमटोल की रणनीति अपनाई। “आप” ने भाजपा पर यह आरोप भी लगाया कि उसे जनता की भलाई से कोई सरोकार नहीं है और वह सिर्फ झूठे वादों के सहारे चुनावी फायदे के लिए लोगों को गुमराह करती है।
मुनाफे के बजट के बावजूद कोई राहत नहीं:
“आप” ने अपने बयान में कहा कि दिल्ली की भाजपा सरकार को एक वित्तीय रूप से मजबूत अर्थव्यवस्था सौंपी गई थी, लेकिन इसके बावजूद वह जनता को लाभ पहुंचाने में नाकाम रही है। “आप” का सवाल है कि जब दिल्ली का बजट मुनाफे में है, तो महिलाओं को उनकी जायज वित्तीय सहायता से क्यों वंचित किया जा रहा है? भाजपा ने ‘मोदी की गारंटी’ देकर जनता को गुमराह किया और अब इससे पीछे हट गई।
विधानसभा में लोकतंत्र पर हमला:
दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने भाजपा पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जब “आप” विधायक जनता के मुद्दे उठाते हैं, तो उन्हें निलंबित कर दिया जाता है, जबकि भाजपा विधायकों को गलत आचरण के बावजूद बचाया जाता है। आतिशी ने इसे लोकतंत्र पर सीधा हमला करार दिया।
जनता तक पहुंचाएगी भाजपा के विश्वासघात की कहानी:
“आप” ने साफ कर दिया है कि वह इस विश्वासघात को विधानसभा के अंदर और सड़कों पर उठाएगी। पार्टी ने कहा कि भाजपा जनता से खुली बहस करने से डरती है और अपने झूठे वादों को छिपाने के लिए लोकतांत्रिक आवाजों को दबा रही है। इस बजट सत्र में “आप” विधायक भाजपा की वादाखिलाफी और जनहित में विफलता को बेनकाब करेंगे।
भाजपा को जवाब देना होगा:
“आप” ने भाजपा से सवाल किया कि आखिर ‘मोदी की गारंटी’ को ‘मोदी का जुमला’ क्यों बना दिया गया? दिल्ली की जनता को उनके अधिकारों से वंचित क्यों किया जा रहा है? “आप” ने कहा कि वह भाजपा को जवाबदेही से भागने नहीं देगी और इस मुद्दे को हर दिल्लीवासी तक पहुंचाएगी।
यह बजट सत्र “आप” के लिए सिर्फ एक राजनीतिक लड़ाई नहीं बल्कि जनता के अधिकारों की लड़ाई होगी। पार्टी ने भाजपा को चुनौती दी है कि वह अपने किए गए वादों पर सफाई दे, वरना जनता इसका जवाब आगामी चुनावों में देगी।











