बलरामपुर चीनी मिल में टीबी मरीजों को पोषण पोटली वितरण
जन-भागीदारी से स्वास्थ्य सुधार की पहल
बलरामपुर: बुधवार को बलरामपुर चीनी मिल के परिसर में 100 दिवसीय विशेष टीबी जागरूकता अभियान के तहत एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. मुकेश कुमार रस्तोगी ने 25 टीबी रोगियों को पोषण पोटली वितरित की। यह पहल बलरामपुर चीनी मिल के सहयोग से संभव हो सकी, जिसमें जनरल मैनेजर प्रोडक्शन उदय वीर सिंह की मुख्य भूमिका रही।
टीबी उन्मूलन में पोषण का महत्व
टीबी (तपेदिक) रोगियों के लिए पोषण एक महत्वपूर्ण कारक होता है, क्योंकि कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली इस बीमारी को बढ़ा सकती है। इस संदर्भ में, पोषण पोटली वितरण एक सराहनीय कदम है। यह पहल न केवल रोगियों को आवश्यक पोषण प्रदान करने में सहायक होगी, बल्कि उनके उपचार प्रक्रिया को भी तेज़ करने में मदद करेगी।
समुदाय और औद्योगिक क्षेत्र की साझेदारी
बलरामपुर चीनी मिल द्वारा किए गए इस सहयोग से यह स्पष्ट होता है कि स्वास्थ्य सुधार केवल सरकारी प्रयासों तक सीमित नहीं रह सकता। स्थानीय उद्योगों और समुदाय की भागीदारी से ही व्यापक स्तर पर स्वास्थ्य जागरूकता और सहायता संभव हो सकती है।
कार्यक्रम की व्यापकता और उपस्थिति
इस आयोजन में जिला क्षय रोग अधिकारी अजय कुमार शुक्ल, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संतोष कुमार श्रीवास्तव, जिला मलेरिया अधिकारी राजेश पांडेय, जिला कार्यक्रम समन्वयक अविनाश विक्रम सिंह सहित अन्य स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं चीनी मिल के कर्मचारी उपस्थित रहे। इससे यह स्पष्ट होता है कि सरकारी विभागों और निजी क्षेत्र के बीच एक प्रभावी समन्वय स्थापित किया जा रहा है।
बलरामपुर चीनी मिल द्वारा किया गया यह प्रयास एक अनुकरणीय पहल है, जो यह दर्शाता है कि यदि उद्योग और समाज मिलकर कार्य करें तो गंभीर बीमारियों के उन्मूलन में तेजी लाई जा सकती है। इस तरह की गतिविधियाँ भविष्य में भी जारी रहनी चाहिए ताकि टीबी जैसी बीमारी को जड़ से खत्म करने में मदद मिल सके।












