अमानगढ़ टाइगर रिजर्व में वन, वन्यजीवो की सुरक्षा पर खतरा भाव DFO ने STPF मांगा

बिजनौर: उत्तर प्रदेश के अमानगढ़ टाइगर रिजर्व में वन कर्मियों की भारी कमी के कारण वन एवं वन्यजीवों की सुरक्षा पर संकट गहराता जा रहा है। यहां 35 स्वीकृत पदों के सापेक्ष मात्र 13 कर्मी कार्यरत हैं, जिससे जंगल की सुरक्षा व्यवस्था कमजोर पड़ रही है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए डीएफओ ज्ञान सिंह ने स्पेशल टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स (STPF) के गठन का प्रस्ताव प्रमुख मुख्य वन संरक्षक (PCCF) वाइल्डलाइफ को भेजा है।
कर्मियों की कमी और सुरक्षा पर असर
अमानगढ़ टाइगर रिजर्व, जो जिम कॉर्बेट टाइगर रिजर्व से सटा हुआ है, उत्तर प्रदेश के प्रमुख वन्यजीव अभयारण्यों में से एक है। यहां बाघ, हाथी, तेंदुए समेत कई दुर्लभ प्रजातियों के जीव पाए जाते हैं। लेकिन 35 कर्मियों की जरूरत के मुकाबले केवल 13 कर्मियों की तैनाती से गश्त, निगरानी और संरक्षण संबंधी कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं।
डीएफओ ज्ञान सिंह के अनुसार, वन विभाग में स्टाफ की कमी का सीधा असर वन्यजीवों की सुरक्षा पर पड़ता है। अवैध शिकार, अवैध कटाई और मानव-वन्यजीव संघर्ष जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। बिना पर्याप्त स्टाफ के, जंगलों की लगातार निगरानी संभव नहीं हो पाती, जिससे वन्यजीव अपराधियों के हौसले बुलंद हो सकते हैं।
STPF गठन क्यों जरूरी?
डीएफओ ज्ञान सिंह द्वारा भेजे गए प्रस्ताव में STPF के गठन की आवश्यकता को प्रमुखता से दर्शाया गया है। STPF एक विशेष सुरक्षा बल होता है, जो टाइगर रिजर्व और अन्य संरक्षित क्षेत्रों में वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करता है। इस बल में प्रशिक्षित कर्मियों को शामिल किया जाता है, जो जंगल की गश्त, निगरानी, और वन्यजीव अपराधों की रोकथाम में अहम भूमिका निभाते हैं।
यदि प्रस्ताव को स्वीकृति मिलती है, तो अमानगढ़ टाइगर रिजर्व को एक समर्पित सुरक्षा बल मिलेगा, जिससे जंगलों की सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ होगी। यह न केवल वन्यजीव संरक्षण के लिए फायदेमंद होगा, बल्कि अवैध गतिविधियों पर भी लगाम लगाने में मदद करेगा।
वन्यजीव संरक्षण के लिए मजबूत कदम जरूरी
वन्यजीव संरक्षण विशेषज्ञों का कहना है कि सरकार और वन विभाग को जल्द से जल्द इस स्टाफ की कमी को दूर करने के लिए कदम उठाने चाहिए। डीएफओ ज्ञान सिंह ने भी इस समस्या को प्राथमिकता देते हुए STPF के गठन का प्रस्ताव भेजा है, ताकि अमानगढ़ जैसे महत्वपूर्ण रिजर्व में सुरक्षा चाक-चौबंद रखी जा सके।
यदि इस समस्या का जल्द समाधान नहीं किया गया, तो अमानगढ़ टाइगर रिजर्व में वन्यजीवों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है। सरकार को न केवल STPF के गठन पर शीघ्र निर्णय लेना चाहिए, बल्कि वन विभाग में रिक्त पदों को भी जल्द भरने की आवश्यकता है।
अमानगढ़ टाइगर रिजर्व में कर्मियों की भारी कमी एक गंभीर समस्या है, जिससे जंगल और वन्यजीवों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है। डीएफओ ज्ञान सिंह द्वारा STPF के गठन का प्रस्ताव एक सकारात्मक कदम है, जिसे जल्द स्वीकृत किया जाना चाहिए। सरकार और वन विभाग को मिलकर इस दिशा में त्वरित कार्रवाई करनी होगी, ताकि अमानगढ़ टाइगर रिजर्व की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।











