नजीबाबाद में आधार केंद्रों की कमी से बढ़ी जनता की परेशानी, सुधार की मांग तेज

नजीबाबाद: नगर पालिका परिषद नजीबाबाद में आधार कार्ड केंद्रों की सीमित संख्या जनता के लिए परेशानी का कारण बन रही है। इस समस्या को देखते हुए आरटीआई कार्यकर्ता मनोज शर्मा ने केंद्र और राज्य सरकार से आधार केंद्रों की संख्या बढ़ाने की मांग की है। उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और राज्य सरकार को शिकायत भेजकर इस विषय पर कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।
समस्या की जड़: सीमित आधार केंद्र और बढ़ती भीड़
वर्तमान में नगर पालिका क्षेत्र में केवल मुख्य डाकघर में आधार कार्ड बनाए और संशोधित किए जा रहे हैं। इसके कारण वहां बड़ी संख्या में लोग एकत्रित होते हैं, जिससे न केवल कर्मचारियों को कार्यभार बढ़ने की समस्या होती है, बल्कि महिलाओं, बुजुर्गों, बच्चों और दिव्यांगों को लंबी कतारों में खड़े रहने जैसी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
बैंकों में आदेश के बावजूद सुविधा नहीं
सरकार ने बैंकों को भी आधार कार्ड बनाने और संशोधन करने की अनुमति दी है, लेकिन नजीबाबाद में यह सुविधा प्रभावी रूप से लागू नहीं हो रही है। शिकायत में इस बात को रेखांकित किया गया है कि सरकारी आदेशों का पालन न होने के कारण नागरिकों को आवश्यक सेवाओं से वंचित रहना पड़ रहा है।
जनसंख्या के अनुरूप सेवाओं का विस्तार आवश्यक
नजीबाबाद की बढ़ती जनसंख्या को देखते हुए आधार केंद्रों की संख्या में वृद्धि की आवश्यकता महसूस की जा रही है। आधार कार्ड अब कई सरकारी और गैर-सरकारी सेवाओं के लिए अनिवार्य दस्तावेज बन चुका है, ऐसे में इसकी सुगम उपलब्धता सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
समाधान और संभावित कदम
शिकायतकर्ता ने मांग की है कि इस मामले की जांच कर बंद पड़े आधार केंद्रों की रिपोर्ट संबंधित मंत्रालय को भेजी जाए। प्रशासन को चाहिए कि वह न केवल मुख्य डाकघर में अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध कराए, बल्कि नगर के अन्य हिस्सों में भी आधार केंद्र स्थापित करे। साथ ही, बैंकों को आदेशों का पालन सुनिश्चित करने के लिए दिशानिर्देश जारी किए जाने चाहिए।
अगर जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो आम जनता की परेशानियां और बढ़ सकती हैं। आधार कार्ड जैसी आवश्यक सेवा को नागरिकों तक सरल और सुगम तरीके से पहुंचाने के लिए प्रशासन को जल्द ठोस कदम उठाने होंगे।












