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बिजनौर में बढ़ती चोरी की घटनाएँ: पुलिस कार्रवाई और सुरक्षा पर सवाल

बिजनौर में बढ़ती चोरी की घटनाएँ: पुलिस कार्रवाई और सुरक्षा पर सवाल

BIJNOR जनपद में चोरी की बढ़ती वारदातों ने लोगों को चिंता में डाल दिया है। हाल ही में शेरकोट और चांदपुर थाना क्षेत्रों में हुई दो बड़ी चोरी की घटनाओं ने पुलिस और स्थानीय प्रशासन की सतर्कता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, शेरकोट में हुई चोरी का खुलासा करते हुए पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन चांदपुर की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था की कमजोरी उजागर कर दी है।

शेरकोट: आरोपी की गिरफ्तारी से खुलासा, जरूरत बनी अपराध की वजह

शेरकोट थाना क्षेत्र के मोहल्ला शेखान में 20 लाख रुपये नकद और आभूषणों की चोरी की घटना से इलाके में सनसनी फैल गई थी। पीड़ित नजाकत की गैरमौजूदगी में उनके घर को निशाना बनाया गया। पुलिस ने जब मामले की जांच शुरू की तो आरोपी समीर का सुराग मिला। मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया और उसके पास से सोने-चांदी के आभूषणों के अलावा ₹45,168 नकद बरामद किए।

पूछताछ में समीर ने चौंकाने वाला खुलासा किया—उसने यह चोरी अपनी बीमार मां के इलाज के लिए की थी। आरोपी ने अपने ही चाचा के बंद पड़े मकान को निशाना बनाया और दिल्ली से शेरकोट आकर ताला तोड़कर चोरी को अंजाम दिया। चोरी के सामान को बेचने के इरादे से वह दोबारा शेरकोट आया, लेकिन पुलिस के जाल में फंस गया।

चांदपुर: शादी समारोह के दौरान डॉक्टर के घर लाखों की चोरी

दूसरी ओर, चांदपुर के हैजरपुर में डॉक्टर राजेंद्र सिंह के घर हुई चोरी की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी। चोरों ने घर में मौजूद पालतू कुत्ते और बुजुर्ग दंपति की मौजूदगी के बावजूद चोरी को अंजाम दिया।

यह वारदात तब हुई जब परिवार के अन्य सदस्य नजीबाबाद में एक शादी समारोह में गए हुए थे। चोरों ने घर के पीछे बने टीन सेट से चढ़कर रोशनदान के रास्ते घर में प्रवेश किया और अलमारी से तीन तोले का सोने का कंगन, डेढ़ तोले का गले का सेट, मंगलसूत्र, चेन, अंगूठी, कानों के टॉप्स, सोने का टीका और अन्य चांदी के आभूषण चुरा लिए। अनुमान के मुताबिक, चोरी गए सामान की कुल कीमत लगभग 10 लाख रुपये आंकी गई है।

पुलिस की भूमिका और सुरक्षा पर सवाल

शेरकोट मामले में पुलिस की तत्परता से आरोपी को पकड़ लिया गया, लेकिन चांदपुर की घटना में अब तक कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा है। पुलिस क्षेत्राधिकारी राजेश सोलंकी और फील्ड यूनिट ने घटनास्थल पर जांच की, लेकिन यह सवाल बना हुआ है कि चोरों ने इतनी सफाई से वारदात को अंजाम कैसे दिया?

इन घटनाओं ने स्थानीय निवासियों में भय और असुरक्षा की भावना पैदा कर दी है। खासकर शादी या अन्य समारोहों के दौरान बढ़ रही चोरी की घटनाएं यह दर्शाती हैं कि चोर पहले रेकी कर निशाना बनाते हैं।

जरूरी कदम और जागरूकता की जरूरत

इन घटनाओं से यह स्पष्ट होता है कि सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत है। पुलिस को रात के गश्त को बढ़ाने, सीसीटीवी कैमरों की निगरानी बढ़ाने और संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखने की आवश्यकता है। इसके अलावा, लोगों को भी अपने घरों की सुरक्षा के प्रति सतर्क रहना होगा।

बिजनौर में बढ़ती चोरी की घटनाएँ केवल पुलिस के लिए नहीं, बल्कि आम जनता के लिए भी एक चेतावनी हैं कि उन्हें अपनी सुरक्षा के उपाय खुद भी करने होंगे। समय रहते अगर पुलिस और नागरिक सतर्क नहीं हुए, तो ऐसे अपराधों की संख्या और बढ़ सकती है।

 

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