बिजनौर में जिलाधिकारी का औचक निरीक्षण: शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता पर जोर

BIJNOR. बिजनौर जिले में शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी जसजीत कौर ने खंड विकास मोहम्मदपुर देवमल के ग्राम पंचायत फरीदपुर काज़ी स्थित कंपोजिट विद्यालय का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्कूल में छात्रों की उपस्थिति, शिक्षा के आधुनिक संसाधनों, मिड-डे मील की गुणवत्ता और स्वच्छता व्यवस्था की गहन समीक्षा की।
विद्यालय में उपस्थिति को लेकर सख्त निर्देश
निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि विद्यालय में छात्रों की उपस्थिति अपेक्षाकृत कम थी। इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जाहिर की और शिक्षकों को निर्देश दिए कि वे छात्रों के अभिभावकों से संपर्क कर उनकी नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करें। उन्होंने शिक्षकों को प्रेरित किया कि वे छात्रों को स्कूल आने के लिए प्रोत्साहित करें, ताकि नामांकन और वास्तविक उपस्थिति के बीच अंतर को कम किया जा सके।
तकनीकी शिक्षा को मिला बढ़ावा

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने विद्यालय में स्थापित एस्ट्रोनॉमी और कंप्यूटर लैब का भी जायजा लिया। उन्होंने इस बात पर संतोष व्यक्त किया कि विद्यार्थी अंतरिक्ष और कंप्यूटर संबंधी आधुनिक शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। छात्रों के ज्ञान स्तर को देखकर उन्होंने शिक्षकों की सराहना की और इस पहल को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।
मिड-डे मील की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान

विद्यालय में छात्रों को दिए जाने वाले मध्याह्न भोजन (मिड-डे मील) की गुणवत्ता की भी जांच की गई। जिलाधिकारी ने खुद भोजन का निरीक्षण किया और उसकी गुणवत्ता को संतोषजनक पाया। उन्होंने यह भी सुनिश्चित किया कि भोजन मीनू के अनुसार ही तैयार किया जा रहा है और छात्रों को पौष्टिक आहार मिल रहा है।
स्वच्छता और पोषण पर विशेष जोर
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने विद्यालय परिसर और शौचालयों की सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने किचन गार्डन और आंगनबाड़ी केंद्र का भी दौरा किया, जहां उन्होंने महिलाओं को पोषाहार वितरित किया। यह पहल ग्रामीण क्षेत्र में पोषण स्तर सुधारने की दिशा में एक सकारात्मक कदम मानी जा रही है।
बच्चों के ज्ञान का परीक्षण और संतोषजनक प्रदर्शन

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने छात्रों से विभिन्न विषयों से संबंधित प्रश्न पूछे, जिनका उन्होंने संतोषजनक उत्तर दिया। इससे यह स्पष्ट हुआ कि विद्यालय में छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान की जा रही है। उन्होंने प्रधानाचार्य को निर्देश दिए कि वे स्वच्छता और शैक्षिक माहौल को और अधिक सुदृढ़ करें।
विश्लेषण: शिक्षा सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल
जिलाधिकारी जसजीत कौर का यह निरीक्षण शिक्षा व्यवस्था को सुधारने की दिशा में एक प्रभावी कदम कहा जा सकता है। ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की गुणवत्ता को सुनिश्चित करने के लिए इस तरह की औचक जांच न केवल शिक्षकों और प्रशासन को जवाबदेह बनाती है, बल्कि छात्रों और अभिभावकों में भी जागरूकता बढ़ाने में सहायक होती है।
तकनीकी शिक्षा, पोषण, स्वच्छता और उपस्थिति को लेकर दिए गए निर्देश यह दर्शाते हैं कि प्रशासन स्कूलों में एक समग्र सुधार लाने की दिशा में कार्य कर रहा है। अगर इसी तरह के प्रयास लगातार जारी रहे, तो निश्चित रूप से ग्रामीण शिक्षा प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।












