अनूपशहर: दोहरे हत्याकांड के दोषियों को आजीवन कारावास

बुलंदशहर/अनूपशहर : साल 2012 में अनूपशहर के आहार थाना क्षेत्र में हुए दोहरे हत्याकांड के मामले में कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए दो दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे) विनीत चौधरी ने हरेंद्र और परवेंद्र को हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास के साथ-साथ ₹30,000 के अर्थदंड की सजा सुनाई।
घटना का विवरण:
23 जुलाई 2012 को मथुरा से अनूपशहर के लिए एक जाइलो कार को किराए पर लिया गया था। कार का चालक विजेंद्र सिंह और उसके साथ गाड़ी मालिक का भतीजा हरिश्चंद्र इस यात्रा में शामिल थे। यात्रियों में दो पुरुष और तीन महिलाएं थीं। रास्ते में आरोपियों ने आहार थाना क्षेत्र के गांव अमरपुर के जंगल में विजेंद्र और हरिश्चंद्र की गोली मारकर हत्या कर दी।
पुलिस जांच और कोर्ट का फैसला:
मृतकों के शव बरामद कर पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया। गाड़ी मालिक शिव सिंह बघेल ने घटना की रिपोर्ट आहार थाने में दर्ज कराई थी। इस मामले की सुनवाई अनूपशहर स्थित अपर जिला एवं सत्र न्यायालय में हुई। अदालत ने साक्ष्यों के आधार पर हरेंद्र (निवासी कुतुबपुर, थाना शिकारपुर) और परवेंद्र (निवासी पथरेड़ी, थाना बिलासपुर, गुड़गांव) को दोषी पाया। वहीं, अन्य आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया।
शासन पक्ष का बयान:
जिला सहायक शासकीय अधिवक्ता नितिन कुमार त्यागी ने बताया कि कोर्ट ने दोषियों को उनके अपराध की सख्त सजा दी है। यह फैसला अन्य अपराधियों के लिए एक कड़ा संदेश है।
घटना का प्रभाव:
यह हत्याकांड क्षेत्र में सनसनीखेज घटना के रूप में देखा गया था। अब जब न्यायालय ने फैसला सुनाया है, तो पीड़ित परिवारों को न्याय मिलने की उम्मीद जगी है।
रिपोर्टर: किशोरी लाल शर्मा












