बिजनौर: पीएम युवा योजना के तहत लंबित मामलों पर जिलाधिकारी की सख्ती

BIJNOR. जिलाधिकारी जसजीत कौर ने आज कलेक्ट्रेट स्थित महात्मा विदुर सभागार में पीएम युवा योजना से संबंधित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में जिलाधिकारी ने सभी बैंक प्रबंधकों को निर्देशित किया कि योजना के अंतर्गत लंबित सभी आवेदन पत्रों का 24 जनवरी 2025 तक गुणवत्ता के साथ निस्तारण सुनिश्चित करें।
योजना की प्राथमिकता पर जोर
बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि पीएम युवा योजना युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण योजना है। केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही इस योजना के तहत शिक्षित और कौशल प्रशिक्षित युवाओं को ब्याज मुक्त ऋण प्रदान किया जाता है। इसमें युवाओं को 5 लाख रुपए तक का ऋण उपलब्ध कराया जाता है, जिससे वे अपना रोजगार स्थापित कर सकें।
जिलाधिकारी ने योजना के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि यह आर्थिक सशक्तिकरण और रोजगार सृजन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से न केवल युवाओं को रोजगार मिलेगा बल्कि जिले के समग्र विकास में भी योगदान होगा।
बैंकों को चेतावनी
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि किसी भी बैंक प्रबंधक द्वारा शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन में अपेक्षित सहयोग नहीं दिया गया, तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर शिथिलता या लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने बैंक प्रबंधकों से अपील की कि वे आवेदन पत्रों का निस्तारण समयबद्ध तरीके से करें और युवाओं को इस योजना का लाभ सुनिश्चित कराएं। उन्होंने योजना के लाभार्थियों को ऋण वितरण प्रक्रिया को पारदर्शी और आसान बनाने पर भी जोर दिया।
बैठक में उपस्थित अधिकारी
बैठक में भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) और पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) के क्षेत्रीय प्रबंधक, डीसी एनआरएलएम, सहायक आयुक्त उद्योग, लीड बैंक प्रबंधक, और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
जिला प्रशासन द्वारा पीएम युवा योजना के क्रियान्वयन में तेजी लाने का यह कदम सराहनीय है। यह योजना न केवल युवाओं को आर्थिक आत्मनिर्भरता की ओर ले जाने में सहायक है, बल्कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में रोजगार के अवसर सृजित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
हालांकि, बैंकों की भूमिका इस योजना की सफलता में निर्णायक है। जिलाधिकारी का सख्त रुख यह सुनिश्चित करता है कि बैंकों द्वारा आवेदन पत्रों के निस्तारण में देरी और लापरवाही को रोका जा सके। अगर समयबद्ध तरीके से ऋण वितरण होता है, तो यह न केवल युवाओं के जीवन स्तर को सुधारने में मदद करेगा, बल्कि जिले की आर्थिक प्रगति को भी नई ऊंचाई पर ले जाएगा।
सरकार और बैंकिंग तंत्र के बीच समन्वय इस योजना को सफल बनाने में सबसे महत्वपूर्ण होगा।












