
दर्पण में दरार : कुंडलिया छंदों में समाज का सच
दर्पण में दरार : कुंडलिया छंदों में समाज का सच समीक्षक : चेतना सिंह, बेंगलुरु डॉ. सत्यवान सौरभ का काव्य-संग्रह “दर्पण में दरार” (प्रथम संस्करण

दर्पण में दरार : कुंडलिया छंदों में समाज का सच समीक्षक : चेतना सिंह, बेंगलुरु डॉ. सत्यवान सौरभ का काव्य-संग्रह “दर्पण में दरार” (प्रथम संस्करण

साहित्य और सत्ता की तस्वीरें: रसूख, दिखावा और लेखन की गरिमा लेखक : प्रियंका सौरभ मुख्य तर्क: लेखक की सच्ची पूँजी उसके शब्द और स्वतंत्रता

“विभाजन का दर्द…एकता का संकल्प”, गूंजा स्मृति दिवस का संदेश बिजनौर, 14 अगस्त 2025 आज बिजनौर के विकास भवन में माहौल भावुक भी था और

मशाल की परिभाषा नई,15 अगस्त 2025 1. प्रमुख: सीमा से अधिक सोच, अवसर और नागरिकता की बात पुराने दौर में विदेशी शासन से मुक्ति, अर्थात

“MINDS THAT SHAPED THE WORLD”– विज्ञान की दुनिया के महान दिमागों की प्रेरक कहानियां सुशी सक्सेना विज्ञान और खोज की अद्भुत यात्रा को समेटे एक
“जीवन का माली” भूमिका: लेखक अवनीश त्यागी कविता “जीवन का माली” एक प्रेरणादायक रचना है जो जीवन में सही मार्गदर्शन, अनुशासन और शिक्षा के महत्व

वस्त्रों का प्रभाव: जब परिधान विचारों को प्रभावित करने लगें विश्लेषक : अवनीश त्यागी समाज में परिधानों की भूमिका केवल तन ढकने तक सीमित नहीं
अवनीश त्यागी द्वारा “जीवन का आधार” नामक कविता की भूमिका लिखते हुए कहा है कि “जीवन का आधार” कविता नारी के गरिमामयी अस्तित्व और उसके

संवेदनहीन न्याय: जब कानून संवेदनशीलता खो देता है लेखक : प्रियंका सौरभ विश्लेषक : अवनीश त्यागी हाल ही में इलाहाबाद हाई कोर्ट के एक फैसले
🌟 जो अपनों का मान बढ़ाए,वही जग में मान पाए। –प्रियंका सौरभ (1)संघर्षों में डटे रहो तुम, हाथ अपनों का थाम लो, गैरों के आगे
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