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16 नवंबर से जनगणना का महाअभियान: अब घर बैठे खुद गिनिए अपना परिवार, 4 जनवरी को जारी होगी अंतिम मतदाता सूची

बिजनौर में 16 नवंबर से जनगणना का महाअभियान: अब घर बैठे खुद गिनिए अपना परिवार, 4 जनवरी को जारी होगी अंतिम मतदाता सूची

 

पहली बार डिजिटल जनगणना में मिलेगी स्व-गणना की सुविधा, 30 नवंबर तक ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे परिवार का ब्योरा; एक दिसंबर से घर-घर पहुंचेंगे प्रगणक, 8,555 कर्मचारी संभालेंगे जिम्मेदारी
अवनीश त्यागी | Target TV Live

बिजनौर, 05 नवंबर। आपके परिवार में कितने सदस्य हैं? उनकी उम्र, शिक्षा, रोजगार और निवास से जुड़ी जानकारी क्या है? आने वाले दिनों में यह जानकारी देश के विकास की महत्वपूर्ण तस्वीर तैयार करने का आधार बनेगी। जनगणना-2027 के तहत बिजनौर में 16 नवंबर से पहली बार डिजिटल स्व-गणना का अभियान शुरू होने जा रहा है। अब परिवारों को अपनी जनगणना संबंधी जानकारी दर्ज कराने के लिए प्रगणक का इंतजार नहीं करना होगा, बल्कि वे घर बैठे ऑनलाइन अपने परिवार का पूरा विवरण दर्ज कर सकेंगे। इसके लिए 30 नवंबर तक का समय निर्धारित किया गया है।

दूसरी ओर, विधानसभा चुनाव की तैयारियों के तहत मतदाता सूची को शुद्ध और अद्यतन बनाने के लिए भी महत्वपूर्ण अभियान शुरू हो रहा है। 12 नवंबर से मतदाता सूची पर दावे और आपत्तियां स्वीकार की जाएंगी, जबकि चार जनवरी 2027 को अंतिम निर्वाचक नामावली प्रकाशित होगी।

दो महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अभियानों की तैयारियों को लेकर जिलाधिकारी एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी उमेश प्रताप सिंह ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट स्थित महात्मा विदुर सभागार में प्रेस वार्ता कर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने नागरिकों से दोनों अभियानों में सक्रिय भागीदारी की अपील की।

अब खुद दर्ज करें अपने परिवार की जानकारी, 16 नवंबर से खुलेगा पोर्टल

जनगणना-2027 में पहली बार नागरिकों को स्व-गणना की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। बिजनौर में 16 से 30 नवंबर 2026 तक परिवार का कोई सदस्य निर्धारित सरकारी पोर्टल https://se-census.gov.in पर जाकर परिवार के सदस्यों की जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकेगा।

ऑनलाइन विवरण जमा होने के बाद एक विशिष्ट पहचान संख्या मिलेगी। इस संख्या को घर पहुंचने वाले प्रगणक को उपलब्ध कराना होगा, ताकि दर्ज विवरण का सत्यापन किया जा सके।

हालांकि स्व-गणना पूरी तरह वैकल्पिक है। जो परिवार ऑनलाइन जानकारी दर्ज नहीं कर पाएंगे, उनकी गणना एक दिसंबर से चार जनवरी तक घर-घर पहुंचने वाले प्रगणकों द्वारा की जाएगी।

जनगणना में 40 सवालों से सामने आएगी देश की सामाजिक-आर्थिक तस्वीर

इस बार जनसंख्या गणना के लिए 40 प्रश्नों की प्रश्नावली तैयार की गई है। इसमें केवल परिवार के सदस्यों की संख्या ही नहीं, बल्कि उनकी सामाजिक, शैक्षिक और आर्थिक स्थिति से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां भी जुटाई जाएंगी।

प्रश्नावली में नाम, आयु, लिंग, जन्मतिथि, जन्मस्थान, वैवाहिक स्थिति, परिवार के मुखिया से संबंध, धर्म, मातृभाषा और अन्य भाषाओं की जानकारी शामिल है।

इसके अलावा शिक्षा, साक्षरता, विद्यालय में उपस्थिति, रोजगार, आजीविका, काम की प्रकृति, वर्तमान और पूर्व निवास, प्रवासन के कारण, दिव्यांगता, महिलाओं से संबंधित निर्धारित जनसांख्यिकीय जानकारी तथा बैंकिंग सुविधाओं तक पहुंच से जुड़े विवरण भी संकलित किए जाएंगे।

इन आंकड़ों से भविष्य में यह तय करने में मदद मिलेगी कि किन क्षेत्रों में स्कूल, अस्पताल, रोजगार के अवसर, बुनियादी सुविधाएं और सरकारी संसाधनों की अधिक आवश्यकता है।

बिजनौर में 8,555 प्रगणक-सुपरवाइजर, घर-घर होगी जनसंख्या की गणना

जिलाधिकारी ने बताया कि जनगणना के दूसरे चरण को व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए जिले में 10 प्रतिशत रिजर्व सहित कुल 8,555 प्रगणक एवं सुपरवाइजर लगाए गए हैं।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 16 से 30 नवंबर तक स्व-गणना, एक दिसंबर 2026 से चार जनवरी 2027 तक घर-घर जनसंख्या गणना और पांच से नौ जनवरी 2027 तक पुनरीक्षण का कार्य किया जाएगा।

जनगणना के प्रथम चरण में 22 मई से 20 जून 2026 तक जिले में मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य पूरा किया जा चुका है। अब दूसरे चरण में मकानों में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति का विवरण संकलित किया जाएगा।

16वीं जनगणना के आंकड़ों से तय होगी विकास की भावी दिशा

जनगणना-2027 देश की 16वीं तथा स्वतंत्रता के बाद आठवीं जनगणना है। इस बार पूरी प्रक्रिया को डिजिटल माध्यम से संचालित किया जा रहा है।

जनगणना के आंकड़े सरकार के लिए विकास योजनाओं का आधार होते हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, आवास, आधारभूत सुविधाओं और सामाजिक कल्याण से संबंधित नीतियों के निर्माण में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका रहती है।

विशेष रूप से जनसंख्या के बदलते स्वरूप, शिक्षा के स्तर, रोजगार की स्थिति और लोगों के एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाने की प्रवृत्ति को समझने में ये आंकड़े उपयोगी होंगे। इस लिहाज से जनगणना केवल सरकारी औपचारिकता नहीं, बल्कि देश के भविष्य की जरूरतों का आकलन करने वाली महत्वपूर्ण प्रक्रिया है।

व्यक्तिगत जानकारी पूरी तरह गोपनीय, बैंक खाते की जानकारी नहीं मांगी जाएगी

जिलाधिकारी ने नागरिकों को आश्वस्त किया कि जनगणना के दौरान उपलब्ध कराई गई व्यक्तिगत जानकारी की गोपनीयता का विशेष ध्यान रखा जाएगा। जनगणना अधिनियम, 1948 के तहत व्यक्तिगत जनगणना अभिलेखों को कानूनी संरक्षण प्राप्त है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि नागरिक प्रगणकों को सही और पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराएं, लेकिन किसी को भी अपना बैंकिंग पासवर्ड, एटीएम पिन, यूपीआई पिन अथवा ओटीपी साझा न करें।

जनगणना के दौरान बेघर लोगों की गणना के लिए भी विशेष कार्ययोजना बनाई जा रही है। इसके लिए चार जनवरी की तिथि निर्धारित किए जाने की जानकारी दी गई। कार्य में लापरवाही बरतने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई का प्रावधान भी है।

चार जनवरी को अंतिम मतदाता सूची, 12 नवंबर से शुरू होंगे दावे-आपत्तियां

जनगणना के साथ-साथ निर्वाचन विभाग भी मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण की तैयारी में जुटा है। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर एक जनवरी 2027 की अर्हता तिथि के आधार पर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की निर्वाचक नामावलियों का पुनरीक्षण किया जाएगा।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार:

  • 12 नवंबर 2026: एकीकृत प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन।
  • 12 नवंबर से 11 दिसंबर: दावे एवं आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी।
  • 28 दिसंबर तक: दावे एवं आपत्तियों का निस्तारण।
  • 04 जनवरी 2027: अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन।

इस अभियान के जरिए नए पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने के साथ मतदाता सूची में मौजूद त्रुटियों को भी दूर किया जाएगा।

आठ विधानसभा क्षेत्रों में 45,715 नए मतदाता बनने के आवेदन

जिलाधिकारी ने बताया कि 11 अप्रैल से पांच नवंबर 2026 तक जिले की आठ विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में कुल 45,715 फार्म-6 प्राप्त हुए हैं। इनमें 18 से 19 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं के 9,896 आवेदन शामिल हैं।

इसी अवधि में नाम हटाने के लिए 14,777 फार्म-7 तथा संशोधन एवं अन्य निर्धारित बदलावों के लिए 39,545 फार्म-8 प्राप्त हुए हैं।

आंकड़ों के अनुसार युवा मतदाताओं को सूची में शामिल कराने की दिशा में भी बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए हैं। अब इनके सत्यापन और नियमानुसार निस्तारण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

388 शिक्षण संस्थानों में मतदाता साक्षरता क्लब, युवाओं को मिलेगा प्रशिक्षण

जिले की 388 शैक्षणिक संस्थाओं में इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब (ईएलसी) गठित किए जा चुके हैं। इनके माध्यम से विशेष रूप से 18-19 वर्ष आयु वर्ग के छात्र-छात्राओं को मतदाता पंजीकरण के प्रति जागरूक किया जाएगा।

युवाओं को फार्म-6 भरने, जन्मतिथि एवं निवास प्रमाण पत्र से संबंधित अभिलेखों की जानकारी दी जाएगी।

ऑनलाइन आवेदन नहीं कर पाने वाले पात्र नागरिकों के लिए 21 और 22 नवंबर तथा 28 और 29 नवंबर को विशेष अभियान दिवस आयोजित होंगे। इन दिनों बूथ पर जाकर ऑफलाइन फार्म-6 जमा किया जा सकेगा।

हेल्पलाइन 1855 और व्हाट्सएप चैटबॉट से मिलेगी मदद

जनगणना से जुड़ी जानकारी, सहायता और समस्या के समाधान के लिए राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1855 तथा व्हाट्सएप चैटबॉट नंबर 18001801855 जारी किए जाने की जानकारी जिलाधिकारी ने दी।

यदि किसी व्यक्ति या परिवार की किसी कारणवश गणना नहीं हो पाती है तो इसकी सूचना हेल्पलाइन पर दी जा सकती है। संबंधित अधिकारियों के माध्यम से गणना सुनिश्चित कराने की व्यवस्था की जाएगी।

दो अभियान, हर नागरिक की जिम्मेदारी

बिजनौर में मतदाता सूची पुनरीक्षण और जनगणना की तैयारियां एक साथ आगे बढ़ रही हैं। एक अभियान नागरिक के मतदान अधिकार को सुरक्षित रखने से जुड़ा है, तो दूसरा देश की सामाजिक और आर्थिक विकास योजनाओं के लिए प्रामाणिक आंकड़े जुटाने से।

ऐसे में नागरिकों को दो बातों पर विशेष ध्यान देना होगा। पहली, मतदाता सूची में अपना और परिवार के पात्र सदस्यों का नाम अवश्य जांचें। दूसरी, जनगणना में अपने परिवार की सही एवं पूरी जानकारी दर्ज कराएं।

क्योंकि मतदाता सूची में नाम होना लोकतांत्रिक अधिकारों के इस्तेमाल की पहली शर्त है और जनगणना में प्रत्येक व्यक्ति की सही गणना देश की विकास योजनाओं की मजबूत बुनियाद।

प्रेस वार्ता में एडीएम वित्त एवं राजस्व सहित संबंधित अधिकारी और मीडिया प्रतिनिधि मौजूद रहे।

अवनीश त्यागी Target TV Live | बिजनौर

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