बिजनौर में कार्तिक गंगा स्नान मेले की तैयारियां तेज: SDM स्मृति मिश्रा को कमान, 20 से 24 नवंबर तक विदुर कुटी घाट पर उमड़ेगा आस्था का सैलाब
TargetTvLive, बिजनौर (विशेष रिपोर्ट — अवनीश त्यागी): महाभारत कालीन ऐतिहासिक एवं पावन स्थली विदुर कुटी के गंगा तट पर इस वर्ष आयोजित होने वाले भव्य ‘कार्तिक गंगा स्नान मेला 2026’ की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। जनपद बिजनौर के ग्राम दारानगर गंज स्थित विदुर कुटी गंगा घाट पर 20 नवंबर से 24 नवंबर तक चलने वाले इस आस्था के महासंगम को लेकर प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है।
लाखों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी उमेश प्रताप सिंह ने बड़ा प्रशासनिक निर्णय लिया है। मेले में मुस्तैद कानून-व्यवस्था और सुगम व्यवस्थाओं के संचालन के लिए उप जिलाधिकारी (सदर) बिजनौर स्मृति मिश्रा को मेला मजिस्ट्रेट की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
SDM स्मृति मिश्रा को मेला मजिस्ट्रेट की कमान, दिए कड़े निर्देश
अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत बिजनौर द्वारा प्रेषित पत्र का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी उमेश प्रताप सिंह ने मेले को निर्विघ्न संपन्न कराने के लिए SDM सदर स्मृति मिश्रा (मो. 9454416896) को मेला मजिस्ट्रेट नामित किया है।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट आदेश जारी करते हुए निर्देशित किया है कि मेला अवधि के दौरान गंगा घाटों पर सुरक्षा, शांति और प्रशासनिक तालमेल में किसी भी प्रकार की चूक बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मेला मजिस्ट्रेट को मौके पर रहकर सभी व्यवस्थाएं पुख्ता कराने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।
24 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा का मुख्य स्नान, उमड़ेगी भारी भीड़
कार्तिक गंगा स्नान मेले का पूरा कार्यक्रम इस प्रकार तय किया गया है:
- आयोजन अवधि: 20 नवंबर से 24 नवंबर 2026 तक
- प्रमुख स्थल: ग्राम दारानगर गंज (विदुर कुटी गंगा घाट), तहसील बिजनौर
- मुख्य स्नान पर्व: 24 नवंबर 2026 (मंगलवार)
24 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा के पावन अवसर पर बिजनौर के अलावा पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पड़ोसी राज्यों से भी लाखों श्रद्धालु पवित्र गंगा में आस्था की डुबकी लगाने पहुंचेंगे।
सुरक्षा और जन-सुविधाओं के पुख्ता इंतजाम
श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए संबंधित विभागों को ग्राउंड लेवल पर काम शुरू करने के निर्देश दे दिए गए हैं:
- जल सुरक्षा: गहरे पानी में जाने से रोकने के लिए बैरिकेडिंग, गोताखोरों और जल पुलिस की तैनाती।
- जन-सुविधाएं: स्वच्छ पेयजल, अस्थायी प्रकाश व्यवस्था, चल शौचालय और प्राथमिक चिकित्सा शिविर।
- यातायात व भीड़ नियंत्रण: मेले के दौरान सुगम यातायात व्यवस्था और पार्किंग की अलग से व्यवस्था।












