Bijnor Pensioners Protest:
पुरानी पेंशन से 50% रेल किराया छूट तक… सरकार से आर-पार के मूड में पेंशनर्स, 24 घंटे धरने का ऐलान
TargetTvLive | विशेष रिपोर्ट: अवनीश त्यागी
बिजनौर। सेवानिवृत्ति के बाद सम्मानजनक और सुरक्षित जीवन की मांग को लेकर बिजनौर के पेंशनर्स अब अपनी आवाज को आंदोलन का रूप देने की तैयारी में हैं। सेवानिवृत्त कर्मचारी एवं पेंशनर्स संगठन की मासिक बैठक में पुरानी पेंशन को आठवें वेतन आयोग के दायरे में लाने से लेकर वरिष्ठ पेंशनरों को रेल किराए में 50 प्रतिशत छूट और पेंशन में अतिरिक्त वृद्धि तक कई महत्वपूर्ण मांगें जोरदार तरीके से उठीं।
बैठक में साफ संकेत दिया गया कि मांगों को लेकर संगठन अब केवल ज्ञापन तक सीमित नहीं रहना चाहता। संगठन ने 29 सितंबर से 30 सितंबर 2026 तक 24 घंटे के धरने की घोषणा की है। इसके बाद प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को संबोधित मांगपत्र जिला अधिकारी के माध्यम से भेजे जाने की बात कही गई है।
पेंशनर्स की बैठक बनी आंदोलन की रणनीति का मंच
पुराना महिला चिकित्सालय, सिविल लाइन बिजनौर स्थित संगठन कार्यालय में सुबह 10 बजे आयोजित बैठक की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष शिव ज्ञान सिंह ने की, जबकि संचालन जिला मंत्री योगेश्वर ने किया।
बैठक में 51 सदस्य शामिल हुए। वक्ताओं ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों की आर्थिक सुरक्षा और पेंशन से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हुए सरकार से नीतिगत स्तर पर निर्णय लेने की मांग की।
सबसे बड़ी मांग—पुरानी पेंशन को आठवें वेतन आयोग से जोड़ने की आवाज
बैठक में संगठन की ओर से मांग की गई कि पुरानी पेंशन व्यवस्था को आठवें वेतन आयोग के दायरे में लाया जाए।
पेंशनर्स का कहना है कि सेवानिवृत्ति के बाद नियमित आय ही उनके जीवन की आर्थिक रीढ़ होती है। ऐसे में वेतन आयोग से जुड़े लाभों और पेंशन व्यवस्था के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है।
यह मांग बैठक का प्रमुख मुद्दा रही और इसे लेकर संगठन ने सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाने का निर्णय लिया।
वरिष्ठ पेंशनरों को रेल किराए में 50% छूट की मांग
वरिष्ठ उपाध्यक्ष दिग्विजय सिंह ने वरिष्ठ पेंशनरों के लिए रेल किराए में 50 प्रतिशत छूट देने की मांग उठाई।
उनका कहना था कि उम्र बढ़ने के साथ चिकित्सा और अन्य जरूरी कार्यों के लिए यात्रा की आवश्यकता बढ़ती है। ऐसे में रेल किराए में रियायत वरिष्ठ पेंशनरों के लिए महत्वपूर्ण आर्थिक राहत साबित हो सकती है।
65, 70 और 75 वर्ष पर पेंशन में 5% वृद्धि की मांग
बैठक में ओमवीर सिंह मलिक ने एक और महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया। उन्होंने मांग की कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन में 65, 70 और 75 वर्ष की आयु पूरी होने पर पांच प्रतिशत की वृद्धि की जाए।
पेंशनर्स संगठन का मानना है कि बढ़ती उम्र के साथ स्वास्थ्य और दैनिक जीवन से जुड़े खर्च लगातार बढ़ते हैं। ऐसे में उम्र के विभिन्न पड़ावों पर पेंशन में वृद्धि वरिष्ठ नागरिकों को आर्थिक सहारा दे सकती है।
पेंशन पर आयकर खत्म करने की मांग
पीतम सिंह ने पेंशन को आयकर से मुक्त करने की मांग रखी।
बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन ही बड़ी संख्या में कर्मचारियों के परिवारों की आय का प्रमुख साधन होती है। संगठन चाहता है कि पेंशनरों पर आर्थिक बोझ कम करने के लिए सरकार इस दिशा में निर्णय ले।
कम्यूटेशन की कटौती 10 साल में खत्म करने की मांग
जिला मंत्री योगेश्वर ने पेंशन के कम्यूटेशन की कटौती की अवधि को 10 वर्ष में पूर्ण मानने की मांग उठाई।
संगठन का कहना है कि इससे सेवानिवृत्त कर्मचारियों को अपेक्षाकृत जल्दी पूर्ण पेंशन बहाल होने का लाभ मिल सकेगा।
24 घंटे का धरना क्यों महत्वपूर्ण?
बैठक में जिला अध्यक्ष शिव ज्ञान सिंह ने बताया कि ऑल इंडिया स्टेट गवर्नमेंट पेंशनर्स फेडरेशन के आह्वान और प्रांतीय निर्देशानुसार 29 सितंबर 2026 को सुबह 10 बजे से 30 सितंबर 2026 तक लगातार 24 घंटे धरना आयोजित किया जाएगा।
धरना जिला अधिकारी के कैंपस में प्रस्तावित है।
धरने के बाद संगठन की ओर से प्रधानमंत्री भारत सरकार और मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार को संबोधित मांगों का ज्ञापन जिला अधिकारी के माध्यम से सौंपा जाएगा।
एक मंच पर कई मुद्दे, अब सरकार की प्रतिक्रिया पर नजर
पेंशनर्स की बैठक में उठी मांगों को देखें तो संगठन का फोकस केवल पेंशन की राशि बढ़ाने तक सीमित नहीं है। इसमें पुरानी पेंशन, आठवां वेतन आयोग, वरिष्ठ पेंशनरों की यात्रा सुविधा, उम्र के साथ पेंशन वृद्धि, आयकर में राहत और कम्यूटेशन कटौती की अवधि जैसे अलग-अलग लेकिन सीधे तौर पर सेवानिवृत्त कर्मचारियों के जीवन से जुड़े मुद्दे शामिल हैं।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि 24 घंटे के धरने और प्रस्तावित ज्ञापन के बाद सरकार इन मांगों पर क्या रुख अपनाती है?
पेंशनर्स की इस बैठक ने फिलहाल यह संकेत जरूर दे दिया है कि संगठन अपने मुद्दों को लेकर सक्रिय है और आने वाले दिनों में आंदोलन का दबाव बढ़ सकता है।
बैठक में बड़ी संख्या में सदस्य रहे मौजूद
बैठक में महेंद्र सिंह मलिक, विजेंद्र सिंह राठी, शमशेर सिंह राठी, बृजेश सिंह, यशपाल सिंह, महेंद्र सिंह, लीलापत, सलामत हुसैन, विनोद राठी, ओमवीर सिंह मलिक, रामपाल सिंह अहलावत, एसके मिश्रा संप्रेक्षक सहित अनेक सदस्यों ने अपने विचार रखे।
इसके अलावा जयपाल सिंह, प्रमोद कुमार, अजय कुमार, सुखदेव सिंह, आशुतोष शर्मा, मुनेश्वर सिंह, योगेंद्र पाल, कर्मेंद्र सिंह, वीरेंद्र पाल, नरेश कुमार शर्मा, मास्टर बुद्ध प्रकाश, गजराज सिंह, धर्मपाल सिंह, सुरेश सिंह, ओमपाल सिंह, अध्यापक महावीर सिंह, भारत सिंह, राजेंद्र प्रसाद, रोहतास सिंह, अवनीश कुमार भटनागर, इरफान, मोहम्मद आरिफ आदि उपस्थित रहे।
बैठक के समापन पर जिला अध्यक्ष शिव ज्ञान सिंह ने सभी सदस्यों का आभार व्यक्त किया।
TargetTvLive के लिए अवनीश त्यागी की रिपोर्ट।












