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“वन नेशन, वन इलेक्शन” पर युवाओं की बुलंद आवाज़ 

“वन नेशन, वन इलेक्शन” पर युवाओं की बुलंद आवाज़ 
विकसित भारत युवा संसद का सफल आयोजन

गौतमबुद्धनगर।  लोकतंत्र को सशक्त करने और युवाओं को नीति-निर्माण में भागीदारी के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से नेहरू युवा केन्द्र (माय भारत), गौतमबुद्धनगर द्वारा “विकसित भारत युवा संसद” का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम ने न केवल युवाओं को राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर सोचने का अवसर दिया, बल्कि उन्हें भविष्य के नेतृत्व के लिए भी तैयार करने का मंच प्रदान किया।

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण “वन नेशन, वन इलेक्शन” रहा, जिस पर विभिन्न जनपदों से आए प्रतिभागियों ने अपने विचार प्रस्तुत किए। एमएलसी श्रीचंद शर्मा के उद्घाटन भाषण ने युवाओं को प्रेरित किया कि वे लोकतांत्रिक सुधारों और राष्ट्रीय विकास में अपनी भूमिका को समझें। उन्होंने कहा कि एक साथ चुनाव कराने से चुनावी खर्च और समय की बचत होगी, जिससे देश के आर्थिक और प्रशासनिक संसाधनों को अधिक प्रभावी रूप से उपयोग किया जा सकेगा।

युवाओं की बेबाक राय – “एक देश, एक चुनाव” से होगा लोकतंत्र मजबूत

कार्यक्रम में गौतमबुद्धनगर, बागपत और गाजियाबाद के युवाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और “वन नेशन, वन इलेक्शन” को लेकर सार्थक विचार साझा किए। बागपत के शिवम ने इस विचार को समय की आवश्यकता बताते हुए कहा कि चुनावी प्रक्रिया पर खर्च होने वाले संसाधनों को शिक्षा, कौशल विकास और बुनियादी ढांचे में लगाया जाए तो यह विकसित भारत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा।

गौतमबुद्धनगर से अभिनव, अर्जुन प्रताप, अवनी मिश्रा और आशी पांडेय ने इस प्रणाली की संभावित चुनौतियों और लाभों पर विचार रखते हुए कहा कि यह प्रशासनिक कार्यों को गति देगा और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा। इसी तरह, गाजियाबाद के विशाल सिरोही, रेशु और सृष्टि पांडेय ने एकमत होकर कहा कि बार-बार होने वाले चुनावों से बचने से देश को विकास की अपूर्व गति मिलेगी

विशेषज्ञों का नजरिया – युवा संसद से उभरते भविष्य के नेता

कार्यक्रम में निर्णायक मंडल के रूप में उपस्थित शिक्षाविदों, पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने युवाओं के विचारों की सराहना की। वरिष्ठ पत्रकार ठाकुर पंकज सिंह और शिक्षाविद डॉ. सत्यवीर सिंह ने कहा कि युवा संसद जैसे मंच लोकतंत्र को मजबूत करने और युवाओं को नीति-निर्माण की दिशा में सशक्त भूमिका निभाने का अवसर प्रदान करते हैं

युवा संसद का एक अन्य महत्वपूर्ण पहलू यह रहा कि इससे युवाओं को सरकार की नीतियों से अवगत होने और अपनी आवाज़ नीति-निर्माण तक पहुंचाने का मौका मिला। जिला युवा अधिकारी स्निग्धा सिंह ने बताया कि इस कार्यक्रम में 150 से अधिक प्रतिभागी शामिल हुए, जिनमें से 10 चयनित युवा लखनऊ में राज्य स्तरीय युवा संसद में जनपद का प्रतिनिधित्व करेंगे

युवा संसद – लोकतांत्रिक भागीदारी का सशक्त मंच

“विकसित भारत युवा संसद” यह दर्शाता है कि युवा केवल देश के भविष्य नहीं, बल्कि वर्तमान के निर्णायक भी हैं। वे न केवल विचार रख रहे हैं, बल्कि नीति-निर्माण में भागीदारी के लिए भी तत्पर हैं।

“वन नेशन, वन इलेक्शन” की अवधारणा पर युवा संसद में हुई चर्चा यह संकेत देती है कि देश का युवा एक संगठित और कुशल लोकतंत्र की दिशा में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए तैयार है। यदि इस प्रणाली को लेकर सरकार ठोस कदम उठाती है, तो यह देश के लोकतांत्रिक ढांचे में एक बड़ा बदलाव ला सकती है

इस कार्यक्रम ने स्पष्ट कर दिया कि युवाओं को सही मंच मिले तो वे विचारशीलता और तर्कशीलता के साथ देश की राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक नीतियों में योगदान दे सकते हैं। “विकसित भारत युवा संसद” केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक नए भारत की दिशा में बढ़ाया गया सार्थक कदम है

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