भारतीय किसान यूनियन ने राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन, किसान आंदोलन पर की कार्रवाई की निंदा

बिजनौर। भारतीय किसान यूनियन (BKU) के प्रतिनिधियों ने आज जिलाधिकारी बिजनौर को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में देशभर में जारी किसान आंदोलन और हाल ही में हरियाणा-पंजाब बॉर्डर पर किसानों के खिलाफ की गई कार्रवाई को लेकर विरोध जताया गया।
ज्ञापन में कहा गया कि किसान लंबे समय से अपनी फसलों के वाजिब दाम और गारंटी कानून की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। दिल्ली आंदोलन से लेकर शंभू व कॉलोनी बॉर्डर तक किसान शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों के लिए संघर्ष कर रहे थे। केंद्र सरकार और किसान संगठनों के बीच वार्ता चल रही थी, लेकिन 19 मार्च 2025 को वार्ता समाप्त होने के बाद पंजाब सरकार ने किसान नेताओं को गिरफ्तार कर लिया। इसके अलावा, दोनों मोर्चों पर प्रशासन ने बलपूर्वक प्रदर्शनकारियों को हटाया और बुजुर्ग किसानों व महिलाओं को भी हिरासत में लिया गया, जिससे पूरे देश के किसानों में आक्रोश फैल गया।
किसानों ने इसे अपने संवैधानिक अधिकारों का हनन बताते हुए कहा कि उन्हें “राइट टू प्रोटेस्ट” का अधिकार प्राप्त है। ज्ञापन में राष्ट्रपति से इस विषय पर गंभीरता से विचार करने और किसानों के हित में उचित निर्णय लेने की मांग की गई है।
ज्ञापन सौंपने वालों में रामावतार सिंह, महिला जिला अध्यक्ष उपमा चौहान, महेंद्र सिंह, वीरेंद्र सिंह, सुनील प्रधान, मुकुल चौधरी, डॉक्टर विजय सिंह, विजय पहलवान, अवनीश कुमार, संदीप त्यागी, मुनेश कुमार, हर्षवर्धन, गजेंद्र सिंह, कवराज सिंह, अजय बालियां, विकार अहमद, मुकुल शेरावत, मानसिंह, अंकुर चौधरी, ऋषिपाल सिंह, देवेंद्र चौधरी, अमरपाल सिंह, पंकज शेरावत, शिवकुमार सहित कई किसान नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
किसानों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर उचित निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।










