बिजनौर में श्रीअन्न (मिलेट्स) मेले का आयोजन: किसानों के लिए नवाचार और अवसरों की नई राह

बिजनौर। उत्तर प्रदेश में मिलेट्स (श्रीअन्न) के पुनरोद्धार को गति देने के उद्देश्य से कृषि विज्ञान केंद्र, नगीना में एक भव्य मिलेट्स मेला सह प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम ने किसानों, कृषि वैज्ञानिकों और प्रशासनिक अधिकारियों को एक मंच पर लाकर श्रीअन्न की खेती, उसके लाभ और संभावनाओं पर व्यापक चर्चा का अवसर प्रदान किया।
कृषकों के लिए ज्ञानवर्धक अनुभव
मेले का उद्घाटन जिलाधिकारी श्रीमती जसजीत कौर द्वारा किया गया, जिन्होंने प्रदर्शनी में लगे विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण कर किसानों से उनके उत्पादों और तकनीकों के विषय में संवाद किया। उन्होंने मशरूम लैब, मृदा परीक्षण प्रयोगशाला तथा पॉलीहाउस का भी अवलोकन किया, जिससे किसानों को उन्नत तकनीकों के प्रति जागरूक किया जा सके। अपने संबोधन में उन्होंने कृषकों से मिलेट्स को अपनी खेती और खानपान का अभिन्न हिस्सा बनाने की अपील की।
मिलेट्स: स्वास्थ्य और समृद्धि का माध्यम
कार्यक्रम के दौरान कृषि वैज्ञानिकों, उद्यान अधिकारियों और एफपीओ प्रतिनिधियों ने मिलेट्स की खेती और उनके प्रसंस्करण पर विस्तृत जानकारी दी। उप कृषि निदेशक गिरीशचंद ने बाजरा, ज्वार, सांवा, रागी, कोदो, रामदाना, चेना, कंगनी, कुटकी और कुट्टू जैसी फसलों की विशेषताओं और उनसे बनने वाले उत्पादों की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। उन्होंने किसानों को मिलेट्स आधारित चिप्स और कुकीज जैसे नए उत्पादों को बढ़ावा देने की सलाह दी ताकि बच्चों और युवाओं के बीच भी इनका सेवन लोकप्रिय हो सके।
सेवानिवृत्त कृषि अधिकारी हरज्ञान सिंह ने विशेष रूप से सांवा मिलेट्स के स्वास्थ्य लाभों पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इसमें प्रोटीन और फाइबर की उच्च मात्रा होती है, जिससे यह मधुमेह और हृदय रोगियों के लिए अत्यंत लाभकारी साबित हो सकता है। इसी तरह, कृषि वैज्ञानिक डॉ. के.के. सिंह और डॉ. पिंटू कुमार ने मिलेट्स की खेती की नवीनतम तकनीकों और फसलों में लगने वाले रोगों की रोकथाम के उपायों पर चर्चा की।
सरकारी योजनाओं और किसानों के लिए लाभकारी पहल
मेले में कृषि विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गई, जिनका उद्देश्य किसानों को तकनीकी सहायता और आर्थिक लाभ पहुंचाना है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि शासन द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का पूरा लाभ किसानों तक पहुंचाने के लिए प्रशासन पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
कृषकों के लिए संदेश
इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य किसानों को पारंपरिक खाद्य अनाजों की ओर लौटने के लिए प्रेरित करना था। जिलाधिकारी ने किसानों से प्राकृतिक खेती को अपनाने और एफपीओ से जुड़कर सहफसली खेती के रूप में मिलेट्स की पैदावार बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मिलेट्स न केवल किसानों के लिए आर्थिक रूप से लाभदायक है, बल्कि यह स्वास्थ्यवर्धक और पर्यावरण के अनुकूल भी है।
बिजनौर का यह मिलेट्स मेला कृषकों के लिए न केवल एक जानकारीपूर्ण आयोजन साबित हुआ, बल्कि इसने उन्हें आधुनिक कृषि तकनीकों और मिलेट्स आधारित उद्यमिता के नए अवसरों से भी परिचित कराया। सरकार और कृषि विभाग के संयुक्त प्रयासों से यह उम्मीद की जा सकती है कि आने वाले समय में मिलेट्स की खेती और उसके उत्पादों का व्यापक प्रचार-प्रसार होगा, जिससे किसानों की आय बढ़ेगी और उपभोक्ताओं को स्वास्थ्यवर्धक आहार उपलब्ध होगा।












