बिजनौर में पार्वो वायरस का खतरा: पशुपालकों को सतर्क रहने की अपील

बिजनौर : जनपद मेरठ में फैल रहे पार्वो वायरस को लेकर बिजनौर में भी पशु चिकित्सा विभाग सतर्क हो गया है। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, डॉ. लोकेश कुमार अग्रवाल ने इस संक्रमण से बचाव के लिए आवश्यक कदम उठाने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह वायरस विशेष रूप से कुत्तों और बिल्लियों को प्रभावित करता है, जिसमें कुत्तों के लिए यह अत्यधिक घातक साबित हो सकता है।
क्या है पार्वो वायरस और कैसे फैलता है?
पार्वो वायरस एक संक्रामक बीमारी है, जो विशेष रूप से युवा और असंक्रमित कुत्तों को प्रभावित करती है। यह वायरस संक्रमित कुत्तों के मल, उल्टी या दूषित सतहों के संपर्क में आने से फैलता है। इसके लक्षणों में खूनी दस्त, भूख में कमी, सुस्ती, वजन घटना और तेज़ धड़कन शामिल हैं।
बचाव और रोकथाम के लिए निर्देश
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ने सभी उपमुख्य पशुचिकित्साधिकारियों एवं पशुचिकित्सकों को सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कुत्ते और बिल्ली पालने वाले लोगों से अपील की है कि वे अपने पालतू जानवरों को समय पर टीका लगवाएं, जिससे वे इस घातक वायरस से सुरक्षित रह सकें। साथ ही, संक्रमित जानवरों का उपचार तय मानकों (SOP) के तहत करने और संभावित आउटब्रेक की सूचना तुरंत विभाग को देने के निर्देश दिए गए हैं।
क्या करें पशुपालक ?
- अपने कुत्ते और बिल्लियों का नियमित टीकाकरण करवाएं।
- संक्रमित जानवरों से अन्य पालतू पशुओं को दूर रखें।
- यदि कोई लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत नजदीकी पशुचिकित्सा केंद्र पर संपर्क करें।
- स्वच्छता का ध्यान रखें और कुत्तों को खुले में घूमने से बचाएं।
बिजनौर में एहतियात बढ़ी
मेरठ में इस वायरस के मामलों के सामने आने के बाद बिजनौर के पशु चिकित्सा विभाग ने भी सतर्कता बढ़ा दी है। वैक्सीनेशन के प्रति जागरूकता अभियान तेज़ किया जा रहा है और संक्रमित जानवरों की निगरानी की जा रही है।
पार्वो वायरस कुत्तों और बिल्लियों के लिए घातक साबित हो सकता है, लेकिन सतर्कता और सही समय पर टीकाकरण से इससे बचा जा सकता है। बिजनौर जिला प्रशासन और पशु चिकित्सा विभाग इस चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है, लेकिन पशुपालकों की जागरूकता और सहयोग बेहद ज़रूरी है।












