महाशिवरात्रि कांवड़ मेला 2025: प्रशासन ने सुरक्षा और सुविधाओं को लेकर दिए निर्देश

बिजनौर। आगामी महाशिवरात्रि पर्व के अवसर पर आयोजित होने वाले कांवड़ मेला 2025 को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। अपर जिला मजिस्ट्रेट (प्रशासन) विनय कुमार सिंह ने बताया कि 16 फरवरी से 26 फरवरी तक चलने वाले इस वार्षिक आयोजन में लाखों की संख्या में कांवड़िए हरिद्वार से गंगाजल लेकर बिजनौर के विभिन्न मार्गों से गुजरेंगे। इस दौरान उनकी सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
यात्रा मार्गों की सुरक्षा और सुगम आवागमन पर विशेष ध्यान
कांवड़ यात्रा के दौरान भारी संख्या में श्रद्धालु पैदल चलते हैं, जिसके चलते सड़क किनारे लगे पेड़ों की झुकी हुई डालियां कांवड़ियों के मार्ग में बाधा उत्पन्न कर सकती हैं। इसे ध्यान में रखते हुए अपर जिला मजिस्ट्रेट ने डीएफओ बिजनौर और नजीबाबाद को निर्देशित किया है कि वे अपने क्षेत्र में आने वाली सड़कों और मार्गों के किनारे खड़े पेड़ों की टहनियों की छंटाई शीघ्र कराएं। यह कदम इस यात्रा को निर्बाध और सुरक्षित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।
गुलदार प्रभावित क्षेत्रों में सतर्कता के निर्देश
जनपद बिजनौर के कुछ मार्ग वन क्षेत्रों से होकर गुजरते हैं, जहां जंगली जानवरों, विशेषकर गुलदार के दिखने की संभावना बनी रहती है। इसे ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने निर्देश दिया है कि इन संवेदनशील इलाकों में “गुलदार प्रभावित क्षेत्र, कृपया अकेले न जाएं” जैसे चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं। साथ ही, किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक मोबाइल नंबरों वाले बोर्ड भी प्रमुख स्थानों पर लगाए जाएंगे, ताकि कांवड़िए किसी खतरे की स्थिति में त्वरित सहायता प्राप्त कर सकें।
यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता
कांवड़ यात्रा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि प्रशासनिक रूप से भी एक चुनौतीपूर्ण कार्य होता है। लाखों श्रद्धालुओं की सुगम यात्रा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन को यातायात प्रबंधन, सुरक्षा उपायों और स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष ध्यान देना होता है। इस बार प्रशासन ने पहले से ही संभावित चुनौतियों की पहचान कर संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दे दिए हैं।
कांवड़ मेला 2025 की तैयारियों को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। पेड़ों की कटाई-छंटाई से लेकर जंगली जानवरों से बचाव तक, हर पहलू पर गंभीरता से कार्य किया जा रहा है। इन कदमों से न केवल कांवड़ियों की यात्रा सुगम होगी, बल्कि उनकी सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा सकेगी। आने वाले दिनों में प्रशासन और भी ठोस योजनाएं लागू कर सकता है, जिससे इस धार्मिक आयोजन को व्यवस्थित और सुरक्षित बनाया जा सके।












