नहटौर ब्लॉक में टेंडर प्रकाशन में घोटाला: नियमों की अनदेखी या भ्रष्टाचार ?

बिजनौर। नहटौर ब्लॉक की प० अथाई शेख पंचायत में टेंडर प्रकाशन को लेकर बड़े घोटाले की आशंका जताई जा रही है। आरोप है कि टेंडर विज्ञापन के नाम पर भुगतान नियमों की अनदेखी करते हुए ठेकेदार के नाम किया जा रहा है, जबकि आमतौर पर यह भुगतान संबंधित अखबार या सरकारी एजेंसी को होना चाहिए।
मनमाने तरीके से भुगतान, नियमों की अनदेखी
सूत्रों के अनुसार, इस प्रक्रिया में कई अनियमितताएँ सामने आई हैं:
1. बिना अखबार का बिल – टेंडर प्रकाशन का कोई आधिकारिक प्रमाण पत्र या बिल उपलब्ध नहीं है।
2. DAVP दरों की अनदेखी – सरकारी विज्ञापनों के लिए निर्धारित सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की DAVP (Directorate of Advertising and Visual Publicity) दरों का पालन नहीं किया गया है।
3. ठेकेदार को भुगतान – यह सबसे गंभीर आरोप है कि अखबार को सीधे भुगतान करने के बजाय ठेकेदार के नाम से भुगतान किया जा रहा है, जिससे पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
कौन है जिम्मेदार ?
ग्राम पंचायत से जुड़े अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। आमतौर पर, टेंडर विज्ञापन को स्थानीय या राष्ट्रीय अखबार में प्रकाशित किया जाता है, जिसके बाद भुगतान अखबार के खाते में ही किया जाना चाहिए। लेकिन इस मामले में ठेकेदार के माध्यम से लेन-देन किया जा रहा है, जिससे भ्रष्टाचार की आशंका बढ़ गई है।
क्या कहता है नियम ?
सरकारी टेंडरों और विज्ञापन प्रकाशन के लिए स्पष्ट नियम हैं:
- DAVP दरों पर ही भुगतान होगा – सरकारी विभागों और पंचायतों को अखबारों में विज्ञापन देने के लिए DAVP द्वारा तय की गई दरों का पालन करना होता है।
- सीधे अखबार को भुगतान – विज्ञापन प्रकाशन का भुगतान सीधे समाचार पत्र को किया जाना चाहिए, न कि किसी तीसरे पक्ष (जैसे ठेकेदार) को।
- प्रकाशन प्रमाण पत्र अनिवार्य – टेंडर विज्ञापन के भुगतान के लिए अखबार से प्रकाशन का प्रमाण पत्र (पीआईबी/आरएनआई पंजीकरण) लिया जाना चाहिए।
जिला पंचायत राज अधिकारी दमनप्रीत अरोरा ने कहा कि इस मामले में जांच करा कर उचित करवाई अमल में लाई जाएगी
जांच की जरूरत
यह मामला न केवल नियमों के उल्लंघन का संकेत देता है, बल्कि भ्रष्टाचार की भी ओर इशारा करता है। प्रशासन को चाहिए कि इस घोटाले की निष्पक्ष जांच कराए और यदि कोई अधिकारी या ठेकेदार दोषी पाया जाए, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
नहटौर ब्लॉक की अथाई शेख ग्राम पंचायत में टेंडर प्रकाशन का यह मामला सरकारी प्रक्रियाओं की अनदेखी और संभावित वित्तीय अनियमितताओं का गंभीर उदाहरण है। यदि इसमें भ्रष्टाचार साबित होता है, तो यह न केवल शासन की पारदर्शिता पर सवाल खड़ा करेगा, बल्कि जनता के धन के दुरुपयोग की पुष्टि भी करेगा। ऐसे में स्थानीय प्रशासन को तत्काल हस्तक्षेप कर इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करानी चाहिए, ताकि जिम्मेदार लोगों को सजा मिल सके और भविष्य में इस तरह की अनियमितताओं पर रोक लगाई जा सके।












