शमसाबाद के ढाई घाट गंगा तट पर श्रीराम विवाह की कथा सुन भावविभोर हुए श्रद्धालु

शमसाबाद। ढाई घाट गंगा तट पर स्थित दंडी आश्रम में चल रही नव दिवसीय संगीतमय रामकथा में श्रद्धालु भक्ति के रस में डूबे नजर आए। कथा के छठे दिन वृंदावन से आए प्रख्यात कथावाचक वीरेश अग्निहोत्री ने भावपूर्ण शैली में श्रीराम विवाह की कथा सुनाई।
कथा के दौरान उन्होंने राजा जनक की प्रतिज्ञा, धनुष यज्ञ, श्रीराम द्वारा शिवधनुष भंग करने और राम-सीता विवाह का विस्तृत वर्णन किया। जैसे ही उन्होंने बताया कि श्रीराम ने धनुष की प्रत्यंचा चढ़ाकर उसे तोड़ दिया, कथा स्थल पर उपस्थित श्रद्धालु ‘जय श्रीराम’ के जयकारों से गूंज उठे।
श्रद्धालुओं ने भावविभोर होकर कथा का रसपान किया और भगवान श्रीराम व माता सीता के विवाह के इस पावन प्रसंग को श्रवण कर स्वयं को कृतार्थ महसूस किया। इस मौके पर भक्तों ने भजन-कीर्तन कर अपनी आस्था प्रकट की। आयोजन समिति के अनुसार, कथा के आगामी दिनों में राम राज्याभिषेक और अन्य महत्वपूर्ण प्रसंगों का वर्णन किया जाएगा।












