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बिजनौर जिला पोषण समिति की बैठक: कुपोषण मुक्त समाज की ओर एक कदम

बिजनौर जिला पोषण समिति की बैठक: कुपोषण मुक्त समाज की ओर एक कदम

बिजनौर।  जिलाधिकारी जसजीत कौर की अध्यक्षता में हुई जिला पोषण समिति की मासिक समीक्षा बैठक कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर केंद्रित रही। इस बैठक में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार से लेकर आंगनबाड़ी केंद्रों की निगरानी और कुपोषित बच्चों की देखरेख तक, विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई।

योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन

बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना को अधिक से अधिक लाभार्थियों तक पहुँचाने के निर्देश दिए। यह योजना गर्भवती और धात्री महिलाओं के पोषण और स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही है। इसके प्रचार-प्रसार के लिए सीडीपीओ और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को प्रशिक्षण देने की बात कही गई, जिससे योजना की पहुंच अंतिम व्यक्ति तक सुनिश्चित की जा सके।

कुपोषित बच्चों पर विशेष ध्यान

समीक्षा बैठक में गंभीर कुपोषित (सैम) बच्चों के स्वास्थ्य की निगरानी को प्राथमिकता दी गई। जिलाधिकारी ने ऐसे बच्चों के लिए बनाए गए स्वास्थ्य केंद्रों के औचक निरीक्षण की बात कही, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि उन्हें उचित पोषण और स्वास्थ्य सेवाएँ मिल रही हैं। यह कदम बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग के प्रयासों को और प्रभावी बनाएगा।

आंगनबाड़ी केंद्रों की कार्यप्रणाली पर जोर

आंगनबाड़ी केंद्रों की नियमितता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी केंद्र समय पर खुले और बंद हों। साथ ही, लाभार्थियों को मानकों के अनुसार पोषण सामग्री उपलब्ध कराई जाए। यह निर्णय पोषण कार्यक्रमों की गुणवत्ता और प्रभावशीलता को बढ़ाने में सहायक होगा।

एनआरसी केंद्रों में सुविधाओं की समीक्षा

बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) को न्यूट्रिशन रिहैबिलिटेशन सेंटर (एनआरसी) की समीक्षा करने और वहां भर्ती बच्चों और उनके परिजनों को सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि जरूरतमंद बच्चों को उचित देखभाल मिले।

सुविधाओं का विस्तार और निगरानी

बैठक के दौरान यह पाया गया कि दिसंबर 2024 के लिए पोषण आहार का वितरण पूरा हो चुका है और जनवरी 2025 के लिए वितरण जारी है। इसके अलावा, सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में स्वच्छ पेयजल और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएँ 100% उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।

भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता पर जोर

मुख्य विकास अधिकारी पूर्ण बोरा ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की भर्ती प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अनियमितता न होने देने की सख्त हिदायत दी। यदि किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार या लापरवाही पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारी इसके लिए उत्तरदायी होंगे। इससे भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्षता बनी रहेगी और योग्य उम्मीदवारों को अवसर मिलेगा।

यह बैठक बाल पोषण और मातृ स्वास्थ्य के सुधार की दिशा में एक ठोस प्रयास थी। योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, निगरानी और पारदर्शिता पर दिए गए निर्देशों से न केवल सरकारी योजनाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित होगी, बल्कि इससे समाज के कमजोर वर्गों को भी सीधा लाभ मिलेगा। यह पहल बिजनौर जिले में कुपोषण के खिलाफ लड़ाई को और मजबूत करेगी और एक स्वस्थ भविष्य की नींव रखेगी।

 

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