परिवहन सेवाओं में डिजिटलीकरण: आधार प्रमाणीकरण से मिलेगी नई गति

बिजनौर । भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने परिवहन सेवाओं को अधिक पारदर्शी, सुगम और डिजिटल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की है। इस पहल के तहत 58 परिवहन सेवाओं को आधार प्रमाणीकरण के माध्यम से कॉन्टैक्टलेस / फेसलेस रूप में आम जनता के लिए उपलब्ध कराने की घोषणा की गई है। इस दिशा में तेजी से कदम बढ़ाते हुए सरकार ने 44 सेवाओं को पहले ही लाइव कर दिया है, जिससे नागरिक अब परिवहन कार्यालयों के चक्कर लगाने से बच सकेंगे।
डिजिटलीकरण से क्या बदलेगा ?
अब तक, ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने, वाहन पंजीकरण कराने या अन्य परिवहन सेवाओं का लाभ उठाने के लिए लोगों को आरटीओ कार्यालयों का दौरा करना पड़ता था। इससे न केवल आम जनता का समय बर्बाद होता था बल्कि बिचौलियों और अनावश्यक प्रक्रियाओं की वजह से पारदर्शिता पर भी सवाल उठते थे। लेकिन अब, सरकार ने सारथी पोर्टल की 25 और वाहन पोर्टल की 19 सेवाओं को ऑनलाइन कर दिया है, जिससे ये सेवाएं अब पूरी तरह से डिजिटल और आसान हो गई हैं।
कैसे मिलेगी सेवाएं ?
सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई इन फेसलेस सेवाओं का लाभ लेने के लिए नागरिक परिवहन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट www.parivahan.gov.in पर जाकर आधार प्रमाणीकरण के माध्यम से अपनी आवश्यक सेवाओं के लिए आवेदन कर सकते हैं। इससे न केवल प्रक्रिया तेज होगी, बल्कि कागजी कार्यवाही और भ्रष्टाचार पर भी अंकुश लगेगा।
डिजिटल इंडिया की ओर एक और कदम
सरकार की इस पहल को डिजिटल इंडिया मिशन के तहत एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। इससे नागरिकों को बिना किसी परेशानी के घर बैठे सुविधाएं मिलेंगी और सरकारी कार्यों में पारदर्शिता और दक्षता भी बढ़ेगी। यह पहल भ्रष्टाचार को कम करने, समय की बचत करने और जनता को बेहतर सेवाएं प्रदान करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
परिवहन सेवाओं के इस डिजिटलीकरण से आम जनता को काफी राहत मिलेगी। अब नागरिकों को ड्राइविंग लाइसेंस से लेकर वाहन पंजीकरण तक की सभी महत्वपूर्ण सेवाएं घर बैठे ही मिल सकेंगी। यह न केवल सरकारी सेवाओं में सुधार की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है, बल्कि डिजिटल और आत्मनिर्भर भारत की ओर भी एक मजबूत प्रयास है।












