डीएम की बैठक में ग्राम प्रधानों की समस्याओं पर गंभीर चर्चा, विकास कार्यों में गुणवत्ता का दिया संदेश

BIJNOR. कलेक्ट्रेट सभागार में आज जिलाधिकारी जसजीत कौर की अध्यक्षता में ग्राम प्रधान संगठन के पदाधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में ग्राम प्रधानों ने अपने गांवों में विकास कार्यों से जुड़ी समस्याओं को साझा किया, जिन पर जिलाधिकारी ने गंभीरता से विचार करते हुए कई ठोस निर्देश दिए।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने ग्राम प्रधानों की भूमिका को लोकतंत्र की नींव बताते हुए उनके कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि ग्राम प्रधानों के सहयोग से शासन की योजनाओं को गांव स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू किया जा सकता है। विशेष रूप से, बिजनौर जिले की ग्राम पंचायतों में लाइब्रेरी की स्थापना और स्कूलों में कंप्यूटर की उपलब्धता जैसे कार्यों की प्रशंसा करते हुए उन्होंने इसे पूरे प्रदेश के लिए एक मिसाल बताया।
समस्याओं और समाधान पर चर्चा:
प्रधान संघ ने जल जीवन मिशन के अंतर्गत पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़कों की मरम्मत न होने की समस्या प्रमुखता से उठाई। इस पर जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि संबंधित कार्यदायी संस्थाओं को सड़कों की मरम्मत पूर्ण मानकों के अनुसार कराने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जब तक ग्राम प्रधान मरम्मत कार्य से संतुष्ट नहीं होंगे और इसका प्रमाण पत्र नहीं देंगे, तब तक कार्यदायी संस्थाओं को भुगतान नहीं किया जाएगा।
ग्राम विकास में प्रधानों की भूमिका पर जोर:
जिलाधिकारी ने कहा कि ग्राम प्रधान शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, पानी और सफाई जैसी बुनियादी सुविधाओं को सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने प्रधानों से आग्रह किया कि वे जनकल्याण के केंद्र में रहकर अपने कार्यों को ईमानदारी और पारदर्शिता से पूरा करें। साथ ही, उन्होंने जिला पंचायत राज अधिकारी, ग्राम विकास अधिकारी और ग्राम सचिवों के साथ समन्वय स्थापित कर कार्य करने की अपील की।
भविष्य की योजना:
जिलाधिकारी ने कहा कि जिला और ब्लॉक स्तर पर प्रधानों के साथ नियमित बैठकों का आयोजन किया जाएगा ताकि उनकी समस्याओं का समयबद्ध समाधान हो सके। इसके साथ ही, उन्होंने प्रधानों को भरोसा दिलाया कि जिला प्रशासन उनके साथ हर कदम पर खड़ा रहेगा।
मुख्य विकास अधिकारी का आह्वान:
मुख्य विकास अधिकारी पूर्ण बोरा ने विकास कार्यों में गुणवत्ता और मानकों के पालन पर जोर दिया। उन्होंने ग्राम प्रधानों को धन्यवाद देते हुए कहा कि शासन के निर्देशों के अनुसार कार्य करना और जनता को मूलभूत सुविधाएं प्रदान करना उनकी प्राथमिकता होनी चाहिए।
विश्लेषण:
इस बैठक में यह स्पष्ट हुआ कि जिला प्रशासन ग्राम विकास में ग्राम प्रधानों की भूमिका को न केवल महत्वपूर्ण मानता है, बल्कि उनके समक्ष आने वाली समस्याओं को दूर करने के लिए प्रतिबद्ध भी है। पाइपलाइन बिछाने से क्षतिग्रस्त सड़कों की समस्या जैसे मुद्दों पर प्रशासन का सक्रिय रवैया ग्रामीण विकास में एक सकारात्मक संदेश देता है।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, डीसी मनरेगा और अन्य विभागीय अधिकारी भी उपस्थित रहे। यह बैठक प्रशासन और प्रधानों के बीच समन्वय को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई।












