अमरोहा में इंडस्ट्रियल क्रांति की आहट! गजरौला में महाजुटान, IIA अमरोहा चैप्टर गठन पर मोहर—बदलेगी जिले के कारोबार की तस्वीर
मंडी धनौरा/गजरौला | (TargetTvLive) विशेष रिपोर्ट: जितेंद्र शर्मा, आलेख अवनीश त्यागी
पश्चिम उत्तर प्रदेश के सबसे तेजी से उभरते औद्योगिक केंद्र अमरोहा के उद्यमियों के लिए शनिवार का दिन ऐतिहासिक साबित हुआ। गजरौला के होटल सुखदेव में आयोजित उच्चस्तरीय ‘IIA Amroha-Industry Connect’ सम्मेलन में जिले भर के प्रमुख उद्योगपतियों, निर्यातकों और एमएसएमई (MSME) दिग्गजों का महाजुटान हुआ।
अमरोहा के इतिहास में पहली बार इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (IIA) का स्वतंत्र जिला चैप्टर गठित करने की रणनीति पर अंतिम मोहर लगी। इस ऐतिहासिक कदम से न केवल स्थानीय उद्योगों की समस्याओं को प्रशासनिक गलियारों में नई ताकत मिलेगी, बल्कि अमरोहा का औद्योगिक परिदृश्य भी पूरी तरह बदलने वाला है।
राष्ट्रीय दिग्गज गजरौला पहुँचे, मुरादाबाद मंडल के उद्योगपति बने गवाह
सम्मेलन का वजन और गंभीरता इस बात से समझी जा सकती है कि इसमें IIA के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिनेश गोयल, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजीव बंसल और डिविजनल चेयरमैन गोपाल मेहता स्वयं मौजूद रहे। मुरादाबाद, बिजनौर, संभल और रामपुर जिलों से आए IIA के शीर्ष पदाधिकारियों ने अमरोहा के उद्यमियों को संगठनात्मक ताकत का रोडमैप दिखाया और बताया कि कैसे एक प्रभावी जिला चैप्टर से प्रशासनिक लालफीताशाही पर नकेल कसी जा सकती है।
अमरोहा के इन दिग्गजों ने संभाली कमान
जिले के औद्योगिक विकास को नई दिशा देने के लिए अमरोहा के शीर्ष कारोबारी एक मंच पर नज़र आए। सम्मेलन में प्रमुख रूप से शामिल होने वालों में:
- वैभव अग्रवाल (प्रबंध निदेशक, Norex Flavours Pvt. Ltd. एवं कार्यक्रम संयोजक)
- सम्राट अग्रवाल, अभिषेक जैन, दिव्यांशु अग्रवाल, नीलांशु अग्रवाल
- अंकित गुप्ता, अमोल अग्रवाल, अनिल जैन, अजय टंडन, अक्षत गोयल और किरत सिंह
‘सिंगल विंडो’ नहीं, अब ‘सिंगल वॉइस’ से हल होंगी समस्याएं: वैभव अग्रवाल
कार्यक्रम के संयोजक एवं प्रख्यात उद्यमी वैभव अग्रवाल ने अमरोहा की औद्योगिक क्षमताओं और जमीनी चुनौतियों का ब्लूप्रिंट प्रस्तुत करते हुए कड़ा संदेश दिया:
“अमरोहा में उद्योगों का दायरा लगातार बढ़ रहा है, लेकिन एक सशक्त और सामूहिक मंच के अभाव में हमारे उद्यमी अलग-थलग पड़ जाते हैं। आज MSME सेक्टर GST की जटिलताओं, भारी-भरकम बिजली बिलों, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के नियमों, श्रम एवं फैक्ट्री अनुपालन, फायर NOC, बैंकिंग बाधाओं और दर्जनों तरह की मंजूरियों से जूझ रहा है। जब तक हम एक स्वर में बात नहीं करेंगे, शासन-प्रशासन हमारी आवाज नहीं सुनेगा। IIA अमरोहा चैप्टर इसी बिखराव को खत्म कर एक अभेद्य ढाल बनेगा।”
उन्होंने आगे कहा:
“यह मंच किसी एक व्यक्ति, कॉर्पोरेट या घराने की जागीर नहीं होगा। यह पूर्णतः गैर-राजनीतिक, लोकतांत्रिक और परिणाम-केंद्रित होगा, जहाँ सूक्ष्म से लेकर बड़े उद्योगपति को समान सम्मान और अधिकार मिलेगा।”
ओपन हाउस: तीखे सवाल, ठोस जवाब
ओपन हाउस सेशन में उद्यमियों ने अपनी रोजमर्रा की प्रशासनिक दुश्वारियों को खुलकर रखा:
- अफसरशाही पर नकेल: सरकारी विभागों द्वारा बिना वजह उत्पीड़न रोकने में IIA की क्या भूमिका होगी?
- बिजनेस नेटवर्किंग: क्षेत्रीय उद्योगों को नए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार कैसे मिलेंगे?
- तकनीकी व वित्तीय मदद: सरकारी योजनाओं, सब्सिडी और एमएसएमई लोन को आसान बनाने के लिए क्या ढांचा रहेगा?
राष्ट्रीय अध्यक्ष दिनेश गोयल और वरिष्ठ पदाधिकारियों ने दूसरे जिलों की सफलता की कहानियाँ साझा करते हुए उद्यमियों की हर शंका का समाधान किया।
राष्ट्रगान के साथ नए युग का आगाज़, डिनर पर हुई बिजनेस डील
बैठक के अंत में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर IIA अमरोहा चैप्टर के औपचारिक गठन और बड़े पैमाने पर सदस्यता अभियान चलाने का फैसला लिया गया।
समारोह का समापन वंदे मातरम और राष्ट्रगान की गूंज के साथ हुआ। इसके बाद आयोजित नेटवर्किंग डिनर में विभिन्न जिलों से आए उद्यमियों ने अपने अनुभवों का आदान-प्रदान किया और आपसी व्यापार को बढ़ाने के कई बड़े अवसरों पर चर्चा की।
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