Bijnor DM Action:
‘समाधान दिवस’ में 192 शिकायतों से हड़कंप! जानिए क्यों गुस्से में आए डीएम उमेश प्रताप सिंह?
बिजनौर (उत्तर प्रदेश)। रिपोर्ट: अवनीश त्यागी | TargetTvLive
उत्तर प्रदेश में आमजन की समस्याओं के निस्तारण को लेकर योगी सरकार की सख्त हिदायतों के बावजूद जमीनी स्तर पर प्रशासनिक सुस्ती अक्सर सवालों के घेरे में रहती है। लेकिन बिजनौर जिले के धामपुर तहसील से जो खबर सामने आई है, उसने न केवल सरकारी महकमे में हड़कंप मचा दिया है, बल्कि प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यशैली पर बड़ा संदेश भी दिया है।
हाल ही में आयोजित ‘संपूर्ण समाधान दिवस’ में शिकायतों की भारी-भरकम संख्या और जिलाधिकारी उमेश प्रताप सिंह के तल्ख तेवरों ने यह साफ कर दिया है कि अब फाइलों को अटकाने और लटकाने का दौर खत्म होने वाला है।
192 शिकायती पत्र और मौके पर सिर्फ 7 निस्तारण: आंकड़ा क्या बयान करता है?
तहसील धामपुर में आयोजित इस ‘संपूर्ण समाधान दिवस’ की अध्यक्षता खुद जिलाधिकारी उमेश प्रताप सिंह ने की। दिनभर में जिले के अलग-अलग कोनों से पहुंचे फरियादियों ने कुल 192 शिकायती प्रार्थना पत्र दर्ज कराए। हालांकि, मौके पर सिर्फ 07 शिकायतों का ही तुरंत निस्तारण हो सका।
बड़ा सवाल: 192 शिकायतों में से महज 7 का मौके पर निपटना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि क्षेत्र में तहसील और ब्लॉक स्तर पर जनता के मुद्दों को समय पर नहीं सुलझाया जा रहा है, जिससे फरियादियों को सीधे जिलाधिकारी के पास दौड़ लगानी पड़ रही है।
“लापरवाही पर होगी कड़ी कार्रवाई”: डीएम की दोटूक चेतावनी
बैठक में प्राप्त जनसमस्याओं को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने उपस्थित अधिकारियों की बैठक ली और स्पष्ट निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि जनसमस्याओं का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि शासन और मुख्यमंत्री की शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल है।
डीएम उमेश प्रताप सिंह ने तल्ख रुख अपनाते हुए सख्त चेतावनी दी:
“यदि किसी भी स्तर पर शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही, उदासीनता या अनावश्यक विलंब पाया गया, तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।”
उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रत्येक शिकायत का पारदर्शी और संतोषजनक परीक्षण होना आवश्यक है, ताकि फरियादी को न्याय का अहसास हो।
भूमि विवाद और महिला अपराधों पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ के निर्देश
समाधान दिवस के दौरान सबसे ज्यादा शिकायतें भूमि विवाद, अवैध कब्जे, चक रोड पर अतिक्रमण, पैमाइश, पेंशन और पीएम आवास योजना से संबंधित आईं। इन गंभीर मुद्दों से निपटने के लिए डीएम ने विशेष कार्ययोजना के निर्देश दिए:
- राजस्व एवं पुलिस की संयुक्त टीम: भूमि विवाद और चक रोड पर अवैध कब्जे जैसे संवेदनशील मामलों में पुलिस और राजस्व विभाग की एक संयुक्त टीम गठित कर तत्काल मौके पर स्थलीय निरीक्षण कराने के निर्देश दिए गए हैं।
- महिला एवं बाल सुरक्षा पर त्वरित एक्शन: महिला एवं बच्चों से संबंधित अपराधों या शिकायतों पर विशेष संवेदनशीलता बरतने और शून्य-सहनशीलता (Zero Tolerance) की नीति अपनाते हुए तत्काल प्रभावी कार्रवाई के आदेश दिए गए।
विश्लेषण: क्या धरातल पर बदलेगी तस्वीर? (TargetTvLive की विशेष रिपोर्ट)
डिजिटल दौर में ‘संपूर्ण समाधान दिवस’ जैसे आयोजन केवल कागजी आंकड़े जुटाने का माध्यम नहीं बनने चाहिए। TargetTvLive के विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण से देखें तो जिलाधिकारी द्वारा ‘संयुक्त टीम जांच’ और ‘लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई’ के सख्त निर्देश निश्चित तौर पर प्रशासनिक तंत्र में अनुशासन लाने वाले हैं।
हालांकि, असल परीक्षा उन 185 बची हुई शिकायतों के निस्तारण की गुणवत्ता और समयसीमा पर निर्भर करेगी, जिन्हें अलग-अलग विभागों को सौंपा गया है। यदि विभागीय अधिकारी केवल कागजी खानापूर्ति करने के बजाय जमीनी स्तर पर जनता को राहत देते हैं, तभी इस ‘संपूर्ण समाधान दिवस’ का वास्तविक उद्देश्य पूरा होगा।
इस अवसर पर पुलिस, राजस्व, स्वास्थ्य और विकास विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।












