ग्राउंड जीरो पर पहुंचे UP जल निगम MD योगेश कुमार, शरीफपुर पेयजल योजना का लिया जायजा; दिए सख्त निर्देश
रिपोर्ट: अवनीश त्यागी : TargetTvLive
डिजिटल डेस्क, बिजनौर (TargetTvLive)। उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी ‘हर घर नल से जल’ योजना और ग्रामीण अवसंरचना के विकास को लेकर प्रशासनिक सक्रियता धरातल पर दिखने लगी है। मंगलवार को बिजनौर के विकासखंड हल्दौर स्थित ग्राम पंचायत शरीफपुर में उस समय प्रशासनिक हलचल तेज हो गई, जब उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण) के प्रबंध निदेशक (MD) एवं जनपद के नोडल अधिकारी योगेश कुमार अचानक जमीनी हकीकत परखने औचक निरीक्षण पर पहुंच गए।
TargetTvLive की विशेष रिपोर्ट में जानिए नोडल अधिकारी के इस दौरे के मायने, जमीनी पड़ताल और ग्रामीण भारत में शुद्ध पेयजल आपूर्ति की दिशा में उठाए जा रहे कड़े प्रशासनिक कदमों का विश्लेषण।
ग्राउंड जीरो से विश्लेषण: केवल औपचारिकता नहीं, सूक्ष्म से सूक्ष्म बारीकियों पर नजर
ग्रामीण पाइप पेयजल योजनाओं में अक्सर देखा गया है कि बुनियादी ढांचा तैयार होने के बाद देख-रेख और तकनीकी मानकों में लापरवाही बरत दी जाती है। हालांकि, शरीफपुर में नोडल अधिकारी का यह दौरा केवल कागजी समीक्षा तक सीमित नहीं रहा।
नोडल अधिकारी ने प्रोजेक्ट के हर तकनीकी पहलू का सूक्ष्मता से विश्लेषण किया:
- सुरक्षा और रखरखाव (Safety Audit): ओवरहेड वॉटर टैंक का निरीक्षण करते हुए उन्होंने टैंक तक जाने वाली सीढ़ी के ऊपर सुरक्षा जाल (Safety Grill/Net) लगाने के निर्देश दिए। यह कदम कर्मचारियों और निरीक्षकों की सुरक्षा तथा नियमित मेंटेनेंस को आसान बनाने की दिशा में बेहद महत्वपूर्ण है।
- 30 वर्षों की दीर्घकालिक योजना: निर्मित ओवरहेड वॉटर टैंक की कार्यशील अवधि (Operational Life) लगभग 30 वर्ष आंकी गई है। यानी यह परियोजना अगली एक पीढ़ी तक गांव के जल संकट का समाधान करेगी।
- ग्रीन एनर्जी और हरित विकल्प: अक्सर ग्रामीण इलाकों में बिजली कटौती पेयजल आपूर्ति में बड़ा रोड़ा बनती है। इस समस्या से निपटने के लिए परिसर में 23 किलोवाट क्षमता का सोलर पैनल स्थापित किया गया है, जो निर्बाध जल वितरण सुनिश्चित करेगा।
जन-संवाद: जब ग्रामीणों से सीधा लिया गया पेयजल गुणवत्ता का फीडबैक
प्रशासनिक निरीक्षण का सबसे मजबूत पक्ष तब सामने आया जब नोडल अधिकारी ने अधिकारियों के लवाजमे को पीछे छोड़ सीधे ग्रामीणों से बातचीत की। TargetTvLive के अनुसार, उन्होंने ग्रामीणों से सीधे सवाल पूछे:
- क्या पानी नियमित समय पर आ रहा है?
- जल का प्रेशर और शुद्धता (TDS/Cleanliness) कैसी है?
ग्रामीणों से मिले प्रत्यक्ष फीडबैक के आधार पर नोडल अधिकारी ने संबंधित अभियंताओं एवं ठेकेदार को स्पष्ट निर्देश दिए कि पेयजल की गुणवत्ता और समयबद्ध आपूर्ति में किसी भी स्तर पर समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
श्रम अधिकारों और मानदेय की सीधी क्लास: वीटीएल इंफ्रा को कड़े निर्देश
पेज्वल योजनाएं केवल ओवरहेड टैंक और पाइपलाइन से नहीं, बल्कि उन्हें संचालित करने वाले ऑपरेटरों के श्रम से चलती हैं। निरीक्षण के दौरान नोडल अधिकारी ने पंप ऑपरेटर से सीधे बातचीत कर उसके ड्यूटी समय और मिलने वाले वेतन/मानदेय का ब्योरा लिया।
ज्ञात हो कि शरीफपुर में ग्रामीण पाइप पेयजल योजना का निर्माण वीटीएल इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड (VTL Infra Pvt Ltd) द्वारा कराया गया है। नोडल अधिकारी ने कार्यदायी संस्था के अधिकारियों को कड़े शब्दों में हिदायत दी कि योजना में कार्यरत सभी कर्मचारियों और श्रमिकों को श्रम कानूनों (Labor Laws) के तहत निर्धारित समय पर पूरा वेतन और अन्य देय सुविधाएं अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाएं।
प्रशासनिक कुनबा रहा मौजूद
निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक अमला पूरी मुस्तैदी के साथ मौजूद रहा। नोडल अधिकारी के साथ:
- रण विजय सिंह (मुख्य विकास अधिकारी, बिजनौर)
- स्मृति मिश्रा (ज्वाइंट मजिस्ट्रेट)
- जल निगम एवं संबंधित विभागों के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी व तकनीकी कर्मचारी उपस्थित रहे।
TargetTvLive (निष्कर्ष)
शरीफपुर में नोडल अधिकारी का यह औचक निरीक्षण यह संदेश देता है कि राज्य सरकार ग्रामीण पेयजल बुनियादी ढांचे की केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि उसके दीर्घकालिक स्थायित्व, सुरक्षा मानकों, श्रम अधिकारों और अंतिम छोर तक पानी पहुंचने की व्यवस्था पर पैनी नजर रख रही है। सोलर एनर्जी का उपयोग और 30 साल का दीर्घकालिक विजन यदि इसी कड़ाई से लागू रहा, तो बिजनौर के ग्रामीण इलाकों में जल संकट अतीत की बात बन जाएगा।












