OPS से 8वें वेतन आयोग तक: पेंशनरों की 12 सूत्रीय हुंकार, क्या आर-पार के मूड में हैं सेवानिवृत्त कर्मचारी?

ऑल इंडिया स्टेट गवर्नमेंट पेंशनर्स फेडरेशन और यूपी सेवानिवृत्त कर्मचारी संघ ने बिजनौर से फूंका बिगुल; आठवें वेतन आयोग, राशीकरण कटौती अवधि और 18 माह के DA एरियर पर सरकार को घेरा
विशेष विश्लेषण: अवनीश त्यागी (targetTvLive) बिजनौर (उत्तर प्रदेश) | 29 सितंबर 2026
देशभर के लाखों सेवानिवृत्त कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के असंतोष की ज्वाला अब सड़कों पर खुलकर नजर आने लगी है। ऑल इंडिया स्टेट गवर्नमेंट पेंशनर्स फेडरेशन एवं सेवानिवृत्त कर्मचारी एवं पेंशनर्स एसोसिएशन उत्तर प्रदेश के संयुक्त आह्वान पर मंगलवार, 29 सितंबर 2026 को जनपद मुख्यालय स्थित इंदिरा बाल भवन, बिजनौर में पेंशनरों ने अपनी 12 सूत्रीय मांगों को लेकर विशाल धरना-प्रदर्शन किया। इस विरोध प्रदर्शन की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष शिव ध्यान सिंह ने की तथा मंच का सफल संचालन जिला मंत्री योगेश्वर द्वारा किया गया। बिजनौर में आयोजित यह प्रदर्शन महज़ एक ज़िलास्तरीय आयोजन नहीं है, बल्कि देश और प्रदेश के उस विशाल पेंशनभोगी वर्ग के बढ़ते आक्रोश का प्रतीक है, जो सेवानिवृत्ति के बाद अपने मौलिक अधिकारों, वित्तीय सुरक्षा और सामाजिक सम्मान के लिए संघर्ष कर रहा है।
धरना स्थल पर वक्ताओं ने केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार की नीतियों की कड़े शब्दों में आलोचना करते हुए अपनी 12 प्रमुख मांगों पर विस्तार से चर्चा की। पेंशनर संघों की सबसे मुख्य मांग है कि वैलिडेटर एक्ट को तुरंत रद्द कर पुराने पेंशनरों की पेंशन पुनरीक्षण का लाभ आठवें वेतन आयोग के दायरे में लाया जाए। इसके साथ ही, 8वें वेतन आयोग के गठन में हो रहे विलंब और निरंतर बढ़ती महंगाई को दृष्टिगत रखते हुए कर्मचारियों, शिक्षकों एवं पेंशनरों को तत्काल अंतरिम राहत दी जाए। पेंशनरों ने यह भी मांग उठाई कि उनके लिए अलग से उपभोक्ता मूल्य सूचकांक तैयार किया जाए और नई पेंशन योजना को समाप्त कर गारंटीकृत पुरानी पेंशन व्यवस्था (OPS) को बहाल किया जाए।
आर्थिक मोर्चे पर पेंशनभोगियों ने पेंशन के राशीकरण (कम्यूटेशन) की कटौती को वर्तमान 15 वर्ष से घटाकर 10 वर्ष करने की पुरजोर वकालत की। वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण को ध्यान में रखते हुए 65 वर्ष की आयु पूरी कर चुके पेंशनरों को प्रत्येक 5 वर्ष पर 5 प्रतिशत अतिरिक्त पेंशन वृद्धि देने, पेंशन को पूरी तरह से आयकर मुक्त रखने तथा कोविड-19 काल के रोके गए 18 महीनों के बकाया डी.ए. व डी.आर. एरियर का तत्काल भुगतान करने की मांग की गई। इसके अलावा, वरिष्ठ नागरिकों को रेल किराये में पूर्व की तरह 50 प्रतिशत की छूट बहाल करने, आयुष्मान कैशलेस योजना के तहत इलाज की सीमा को 5 लाख से बढ़ाकर 10 लाख रुपये करने, डी.ए. 50 प्रतिशत होने पर उसे मूल पेंशन में मर्ज करने और वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक स्वतंत्र आयोग का गठन करने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया।
targetTvLive के ग्राउंड एनालिसिस के अनुसार, पेंशनरों के इस आक्रोश के पीछे ठोस वित्तीय कारण हैं। वैलिडेटर एक्ट का पेंच और आठवें वेतन आयोग में अनिश्चितता पुराने सेवानिवृत्त कर्मचारियों के भविष्य को अंधकारमय बना रही है। वहीं राशीकरण (कम्यूटेशन) कटौती का गणित समझें तो 10 से 11 वर्षों में ही सरकार ब्याज सहित मूल राशि वसूल कर लेती है, जिसके बाद शेष 4-5 वर्षों की कटौती पेंशनरों पर सीधा वित्तीय बोझ है। इसके साथ ही कोरोना काल के 18 माह के एरियर का न मिलना और रेलवे रियायत खत्म होना भी बुजुर्गों के मन में गहरा असंतोष पैदा कर रहा है।
प्रदर्शन के उपरांत बिजनौर जिलाध्यक्ष शिव ध्यान सिंह और जिला मंत्री योगेश्वर के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने देश के माननीय प्रधानमंत्री एवं उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी बिजनौर के माध्यम से नायब तहसीलदार बिजनौर को सौंपा। इस विशाल धरना-प्रदर्शन में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के वरिष्ठ उपाध्यक्ष शूरवीर सिंह, जिला मंत्री क्रांति कुमार शर्मा, अटेवा के प्रांतीय उपाध्यक्ष चंद्रहास सिंह तथा पुलिस पेंशनर्स कल्याण बोर्ड के महासचिव महेंद्र सिंह सहित सुरेंद्र सिंह मलिक, कल्याण सिंह, योगेंद्र पाल सिंह योगी, देशराज सिंह, दिग्विजय सिंह, उमेश सिंह, राजेश शर्मा, बाबूराम सैनी, रामपाल सिंह अहलावत, शमशेर सिंह राठी, हरज्ञान सिंह, बलजीत सिंह, नरपाल सिंह मलिक, खवानी सिंह, सलामत हुसैन, धर्मपाल सिंह राजपूत, गुलशरन सिंह, ओमवीर सिंह मलिक, सुषमा शर्मा, अमलेश लता, सुधारानी, विनोद कुमार, राजवीर सिंह, ओम सिंह, अतहर हुसैन, प्रीतम सिंह, महावीर सिंह, सुखदेव सिंह, हरवीर सिंह, टीकम सिंह, सत्य प्रकाश सिंह, वी.आर. मेहरा, सूरजभान सिंह, सूरज सिंह, अशोक कुमार शर्मा, नरेश कुमार, लक्ष्मण सिंह, प्रमोद कुमार, आशुतोष शर्मा, जयपाल सिंह और इरफानुद्दीन आदि भारी संख्या में शामिल रहे। अंत में जिलाध्यक्ष शिव ध्यान सिंह ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए सभा के समापन की घोषणा की और चेताया कि मांगें न मानने पर यह आंदोलन और उग्र होगा।
रिपोर्टिंग: अवनीश त्यागी सर्वाधिकार सुरक्षित: targetTvLive Digital Network कर्मचारी, शिक्षक और पेंशनर हित से जुड़ी सटीक, निष्पक्ष और धारदार ख़बरों के लिए जुड़े रहें targetTvLive के साथ।












