इंजीनियर्स बने जीवनदाता! स्व. आर.के. दत्त की पुण्यतिथि पर शामली में रक्तदान, मानवता का दिया बड़ा संदेश

शामली, 15 सितंबर 2026।
किसी के लिए रक्त की एक बोतल महज चिकित्सा जरूरत हो सकती है, लेकिन किसी मरीज और उसके परिवार के लिए यही रक्त जिंदगी और मौत के बीच उम्मीद की डोर बन जाता है। इसी मानवीय संवेदना को केंद्र में रखते हुए उत्तर प्रदेश डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ, जनपद शामली ने स्वर्गीय इं. आर.के. दत्त की पुण्यतिथि को सेवा और सामाजिक सरोकार से जोड़ते हुए रक्तदान शिविर आयोजित किया।
Target TV Live के लिए अवनीश त्यागी की रिपोर्ट।
पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि का अनूठा तरीका, रक्तदान से दिया मानवता का संदेश
डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ भवन, लोक निर्माण विभाग परिसर, शामली में आयोजित रक्तदान शिविर का उद्देश्य जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त की उपलब्धता में योगदान देना और समाज में नियमित रक्तदान के प्रति जागरूकता पैदा करना रहा।
कार्यक्रम में मौजूद वक्ताओं ने कहा कि रक्तदान केवल एक सामाजिक दायित्व नहीं, बल्कि किसी अनजान व्यक्ति के जीवन को बचाने का अवसर भी है। स्वस्थ व्यक्ति द्वारा किया गया रक्तदान जरूरत के समय किसी मरीज के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी समेत विभागीय अधिकारी रहे मौजूद
शिविर में मुख्य अतिथि मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. तृतीय कुमार सक्सेना रहे। अति विशिष्ट अतिथि इं. राजकुमार, अधिशासी अभियंता, प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग, शामली तथा इं. हबीबुल्लाह, अधिशासी अभियंता, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग, शामली उपस्थित रहे।
विशिष्ट अतिथियों में इं. सलमान जैदी, सोमांशु मोहन, मदन पाल सिंह, मनोज कुमार, प्रमोद कुमार डिंगल, कलीम मिर्जा, पाखी वर्मा, सहायक अभियंता बिजेंद्र कुमार, संजय चपराना, बिजेंद्र कुमार, अनुराग तिवारी, अरविंद कुमार, कन्हैया लाल, ओमबीर सिंह, प्रदीप कुमार और आनंद कुमार सहित बड़ी संख्या में डिप्लोमा इंजीनियर्स, विभागीय अधिकारी-कर्मचारी एवं गणमान्य नागरिक शामिल रहे।
‘रक्तदान महादान’—एक संदेश, जो सीधे जिंदगी से जुड़ा है
कार्यक्रम में वक्ताओं ने ‘रक्तदान महादान’ का संदेश देते हुए स्वस्थ एवं सक्षम नागरिकों से समय-समय पर रक्तदान करने की अपील की। उन्होंने कहा कि रक्त किसी फैक्ट्री में तैयार नहीं होता और न ही इसे किसी अन्य माध्यम से कृत्रिम रूप से उपलब्ध कराया जा सकता है। जरूरत के समय इसकी उपलब्धता मानव समाज की सामूहिक जिम्मेदारी बन जाती है।
यही वजह है कि रक्तदान को लेकर जागरूकता केवल शिविर तक सीमित न रहकर समाज के व्यापक वर्ग तक पहुंचना जरूरी है।
संचालन से लेकर आभार तक, सेवा भावना रही केंद्र में
कार्यक्रम का संचालन सोमांशु मोहन ने किया। उन्होंने शिविर के आयोजन में सहयोग के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी का आभार व्यक्त किया।
डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ के जनपद अध्यक्ष इं. दिप्तेश कुमार तोमर ने कहा कि संगठन भविष्य में भी सामाजिक सरोकारों से जुड़े सेवा कार्यों में निरंतर अपनी भूमिका निभाता रहेगा।
श्रद्धांजलि तब और सार्थक होती है, जब उससे किसी का जीवन जुड़े
स्वर्गीय इं. आर.के. दत्त की पुण्यतिथि पर आयोजित यह कार्यक्रम इस दृष्टि से उल्लेखनीय रहा कि श्रद्धांजलि को सामाजिक सेवा से जोड़ा गया। किसी दिवंगत व्यक्ति की स्मृति में किया गया ऐसा कार्य समाज के लिए प्रत्यक्ष उपयोगिता पैदा करता है और लोगों को सेवा की प्रेरणा देता है।
कार्यक्रम में व्यक्त पंक्तियां इसी भावना को प्रभावी ढंग से सामने रखती हैं—
“वतन पर अभिमान करिए, स्वयं भी स्वाभिमानी बनिए;
किसी की जिंदगी पर बनी हो तो सहर्ष रक्तदानी बनिए।”
Target TV Live की नजर से
रक्तदान का महत्व केवल रक्त की उपलब्धता तक सीमित नहीं है। इसके पीछे समाज में एक-दूसरे के जीवन के प्रति जिम्मेदारी की भावना भी जुड़ी है। शामली में डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ का यह आयोजन इसी सामाजिक चेतना को सामने लाता है कि सेवा के लिए हमेशा बड़े संसाधनों की जरूरत नहीं होती—कभी-कभी एक छोटा सा मानवीय कदम भी किसी परिवार के लिए बड़ी उम्मीद बन सकता है।
— अवनीश त्यागी
Target TV Live | डिजिटल न्यूज़ डेस्क












