स्कूल से निकलते ही गोलियों की बौछार, फिर थाने में सरेंडर! बिजनौर के नौशाद हत्याकांड में पुराने शक की खौफनाक परिणति
युवती से बातचीत को लेकर था संदेह, पुलिस के मुताबिक विवाद बढ़ा तो तमंचा लेकर स्कूल के बाहर पहुंचा आरोपी; दो तमंचे, कारतूस और बाइक बरामद
बिजनौर। Target TV Live | अवनीश त्यागी
एक युवती से बातचीत को लेकर पैदा हुआ संदेह और कथित विवाद आखिरकार गोलीकांड में बदल गया। नजीबाबाद में 15 सितंबर को नौशाद अहमद की गोली मारकर हत्या के मामले में पुलिस ने आरोपी गौरव पुत्र होरी सिंह निवासी पुरनपुर गढ़ी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार वारदात के बाद आरोपी फरार हुआ, लेकिन कुछ ही देर बाद थाने पहुंचा और हथियारों के साथ आत्मसमर्पण कर दिया।
पुलिस प्रेस नोट के मुताबिक आरोपी के कब्जे से दो अवैध तमंचे, सात जिंदा कारतूस और एक खोखा कारतूस .315 बोर बरामद हुआ है। घटनास्थल से भी दो खोखे बरामद किए जाने की बात पुलिस ने कही है। बरामदगी के आधार पर मुकदमे में आर्म्स एक्ट की धाराएं भी बढ़ाई गई हैं।
मामले की शुरुआत मृतक की पत्नी खुर्शीदा की तहरीर से हुई। पुलिस के अनुसार तहरीर में आरोप लगाया गया कि गौरव ने नौशाद को गोली मार दी। इसके बाद थाना नजीबाबाद में मु0अ0सं0 461/2026, धारा 103(1) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
चार महीने पहले देखा था बाइक पर युवती और युवक को
पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपी ने घटना के पीछे करीब चार महीने पुराने घटनाक्रम का जिक्र किया। आरोपी के कथन के मुताबिक उसने एक युवती को तालिब नामक युवक के साथ मोटरसाइकिल पर देखा था।
पुलिस प्रेस नोट के अनुसार आरोपी को युवती के भाई से जानकारी मिली कि तालिब, युवती से बातचीत करता था। इसके बाद आरोपी को कथित तौर पर संदेह हुआ कि नौशाद ही तालिब को युवती से बातचीत के लिए प्रेरित करता है।
यहीं से शुरू हुआ कथित शक धीरे-धीरे विवाद में बदलता गया।
पुलिस के मुताबिक आरोपी ने युवती को तालिब से बातचीत न करने के लिए समझाया था। आरोपी ने पूछताछ में यह भी बताया कि घटना से करीब चार दिन पहले नौशाद ने उसे इस मामले से दूर रहने को कहा और विरोध करने पर मारपीट की धमकी दी।
हालांकि ये बातें आरोपी द्वारा पुलिस पूछताछ में बताए गए कथन हैं। इनकी स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है और इन्हें न्यायालय द्वारा सिद्ध तथ्य नहीं माना जा सकता।
तमंचा लेकर स्कूल के बाहर पहुंचा आरोपी
पुलिस के अनुसार 15 सितंबर को आरोपी तमंचा और कारतूस लेकर नौशाद के स्कूल के बाहर पुलिया के पास पहुंचा।
प्रेस नोट के मुताबिक नौशाद जैसे ही स्कूल से बाहर निकला, आरोपी ने उस पर फायर कर दिया। गोली चलने के बाद नौशाद स्कूल के अंदर भागा और आरोपी मौके से फरार हो गया।
लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई।
पुलिस के अनुसार आरोपी बाद में खुद थाना नजीबाबाद पहुंचा और आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की और उसके कब्जे से हथियार तथा कारतूस बरामद किए।
घटना में प्रयुक्त बताई गई स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल संख्या UP20CK0770 भी पुलिस ने बरामद की है।
घटनास्थल के खोखे और बरामद हथियार जांच की अहम कड़ी
पुलिस के मुताबिक घटनास्थल की जांच के दौरान फील्ड यूनिट ने दो खोखे बरामद किए। वहीं आरोपी के कब्जे से दो तमंचे, सात जिंदा कारतूस और एक खोखा कारतूस बरामद किया गया।
बरामदगी के बाद मुकदमे में धारा 3/25/27 आर्म्स एक्ट की बढ़ोतरी की गई।
अब जांच में इन हथियारों और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों की वैज्ञानिक जांच महत्वपूर्ण होगी। फोरेंसिक रिपोर्ट और अन्य साक्ष्य यह स्पष्ट करने में मदद करेंगे कि बरामद हथियारों और घटना के बीच क्या संबंध स्थापित होता है।
आरोपी के पुराने मुकदमे भी पुलिस रिकॉर्ड में
पुलिस ने आरोपी का आपराधिक इतिहास भी प्रेस नोट में जारी किया है। इसमें वर्ष 2024 के थाना मंडावली और थाना नजीबाबाद से जुड़े धारा 392/411 भादवि के मुकदमों का उल्लेख किया गया है।
यह जानकारी पुलिस रिकॉर्ड का हिस्सा है। इन मामलों की प्रकृति और उनमें न्यायिक स्थिति अलग-अलग जांच का विषय है।
अब असली सवाल—शक से हत्या तक पहुंची कहानी में कितनी कड़ियां जुड़ेंगी?
नौशाद हत्याकांड में गिरफ्तारी हो चुकी है, हथियार बरामदगी का दावा भी पुलिस ने किया है, लेकिन जांच के लिहाज से कहानी अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि चार महीने पुराने कथित शक ने ऐसा कौन सा मोड़ लिया कि विवाद गोलीबारी तक पहुंच गया?
क्या आरोपी और मृतक के बीच पहले से कोई विवाद था? घटना से पहले कथित धमकी या विवाद के कोई स्वतंत्र साक्ष्य मौजूद थे? स्कूल के बाहर हुई फायरिंग के प्रत्यक्षदर्शी कौन हैं? घटनास्थल से मिले खोखे और बरामद हथियारों की फोरेंसिक जांच क्या बताती है? इन सवालों के जवाब जांच को आगे बढ़ाएंगे।
थाने में आत्मसमर्पण ने भी खींचा ध्यान
इस मामले की एक खास बात आरोपी का घटना के बाद पुलिस के सामने आत्मसमर्पण करना है। पुलिस के अनुसार वह दो तमंचों और कारतूसों के साथ थाने पहुंचा।
एक तरफ घटनास्थल पर हुई फायरिंग ने इलाके में सनसनी पैदा की, तो दूसरी तरफ आरोपी का स्वयं थाने पहुंचना पुलिस कार्रवाई का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया।
अब पुलिस के सामने चुनौती केवल आरोपी को गिरफ्तार करने तक सीमित नहीं है, बल्कि घटना की पूरी कड़ी को स्वतंत्र साक्ष्यों और वैज्ञानिक जांच के आधार पर स्थापित करना भी है।
Target TV Live की पड़ताल
नजीबाबाद की यह घटना बताती है कि कई बार शक, निजी विवाद और आपसी टकराव बेहद गंभीर आपराधिक वारदात का रूप ले सकते हैं। लेकिन किसी भी मामले में आरोपी की कहानी को अंतिम सत्य मान लेना उचित नहीं है।
इस मामले में पुलिस ने गिरफ्तारी, हथियार बरामदगी और मुकदमे में आर्म्स एक्ट की बढ़ोतरी की जानकारी दी है। अब आगे की जांच और न्यायिक प्रक्रिया यह तय करेगी कि घटना की वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं और आरोपों के समर्थन में उपलब्ध साक्ष्य कितने निर्णायक हैं।
Target TV Live इस मामले में पुलिस के दावे के साथ-साथ जांच से सामने आने वाले आधिकारिक तथ्यों पर नजर रखेगा।












