3 लाख की भैंस चोरी में चौंकाने वाला खुलासा: 75 CCTV कैमरों ने खोला संभल तक का राज, 28 मुकदमों वाले 2 हिस्ट्रीशीटर समेत 3 गिरफ्तार!

बिजनौर / उत्तर प्रदेश (विशेष रिपोर्ट: अवनीश त्यागी, टार्गेट टीवी लाइव)
ग्रामीण इलाकों में पशुपालकों की रातों की नींद हराम करने वाले एक हाई-प्रोफाइल अंतरजनपदीय पशु चोर सिंडिकेट का बिजनौर पुलिस ने धमाकेदार पर्दाफाश किया है। किसान के घेर का ताला तोड़कर उड़ाई गई 3 लाख रुपये की दो दुधारू भैंसों को पुलिस और सर्विलांस टीम ने करीब 75 सीसीटीवी (CCTV) कैमरों का ग्रिड खंगालते हुए संभल जिले से बिल्कुल सही-सलामत बरामद कर लिया है।
इस सनसनीखेज वारदात को अंजाम देने वाले गिरोह के 3 शातिर सदस्यों को दबोचा गया है, जिनमें 2 ऐसे कुख्यात हिस्ट्रीशीटर शामिल हैं जिनके आपराधिक कारनामों से कई जिलों की पुलिस परेशान थी।
डिजिटल सर्विलांस का बिछा चक्रव्यूह: 80 किलोमीटर दूर ऐसे पहुंची पुलिस
घटना 8 सितंबर 2026 की रात की है। थाना कोतवाली देहात क्षेत्र के गांव इस्लामपुर लालू उर्फ मालीवाला निवासी जलालुद्दीन पुत्र मुर्तजा के घेर से अज्ञात चोरों ने ताला तोड़कर करीब 3 लाख रुपये कीमत की दो भारी-भरकम भैंसें गायब कर दी थीं। पीड़ित की तहरीर पर धारा 305(a)/331(4) BNS के तहत केस दर्ज कर पुलिस एक्शन मोड में आई।
स्वाट, सर्विलांस और कोतवाली देहात पुलिस की संयुक्त टीम ने अपराध स्थल से लेकर संभावित रास्तों तक 75 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज की हर एक कड़ी को जोड़ते हुए पुलिस टीम सीधे जनपद संभल के थाना असमौली क्षेत्र में जा पहुंची। वहां की गई अचानक छापेमारी में पुलिस ने चोरी की गई दोनों जीवित भैंसों को सकुशल बरामद कर लिया।
सलाखों के पीछे पहुंचे आरोपी: 28 मुकदमों का खौफनाक इतिहास
पुलिस ने मौके से तीन शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है, जिनका लंबा-चौड़ा आपराधिक रिकॉर्ड सामने आया है:
- सुभान उर्फ भूरा (पुत्र उस्मान, निवासी: ग्राम भनेड़ा, थाना किरतपुर) — हिस्ट्रीशीटर (कुल 11 संगीन मुकदमे दर्ज, जिनमें चोरी, एनडीपीएस, आर्म्स एक्ट और जानलेवा हमले की धाराएं शामिल हैं)।
- नीटू (पुत्र जगदीश, निवासी: ग्राम भरेकी, थाना किरतपुर) — हिस्ट्रीशीटर (कुल 17 मुकदमे दर्ज, जिनमें हत्या का प्रयास (307), एनडीपीएस, आर्म्स एक्ट और चोरी के गंभीर मामले शामिल हैं)।
- इस्तकार उर्फ टाईगर (पुत्र हनीफ, निवासी: ग्राम भनेड़ा, थाना किरतपुर)।
विश्लेषण: पशु चोरी से लेकर अंतरजनपदीय सिंडिकेट तक का पूरा खेल
टार्गेट टीवी लाइव के विश्लेषणात्मक अध्ययन से साफ होता है कि यह साधारण चोरी नहीं, बल्कि एक सुनियोजित ऑर्गनाइज्ड क्राइम है:
- मोडस ऑपरेंडी (कार्यप्रणाली): शातिर अपराधी वारदात को अंजाम देने के लिए रात के अंधेरे में रेकी करते थे। चोरी के तुरंत बाद मवेशियों को गाड़ियों में लादकर दूसरे जिलों में ले जाया जाता था ताकि स्थानीय पुलिस और ग्रामीणों को भनक तक न लगे।
- तकनीक से ध्वस्त हुआ नेटवर्क: इस मामले ने यह साबित कर दिया है कि पारंपरिक पुलिसिंग के साथ अगर सीसीटीवी और सर्विलांस का सही इस्तेमाल हो, तो अपराधियों का बचना असंभव है।
- कानूनी शिकंजा कसता पुलिस का रुख: मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने विवेचना के दौरान आरोपियों के खिलाफ चोरी का माल बरामद होने से जुड़ी धारा 317(2) BNS का इजाफा किया है।
जांबाज पुलिस टीम को मिली सराहना
इस पूरे ऑपरेशन को निरीक्षक सचिन मलिक (स्वाट/सर्विलांस), थानाध्यक्ष सुनील कुमार (कोतवाली देहात) और सर्विलांस प्रभारी हिमांशू गोस्वामी की अगुवाई वाली टीम ने अंजाम दिया। पुलिस की इस तेजतर्रार कार्रवाई से क्षेत्र के किसानों और पशुपालकों ने राहत की सांस ली है।
सच्ची, सटीक और सबसे तेज खबरों के लिए देखते रहिए टार्गेट टीवी लाइव। (रिपोर्ट: अवनीश त्यागी, टार्गेट टीवी लाइव)












