Target Tv Live

CBG से बायो-फर्टिलाइजर तक: बिजनौर में ₹375 करोड़ के निवेश प्रस्ताव, 360 रोजगार की संभावना

बिजनौर में ₹375 करोड़ का ‘ग्रीन निवेश’ प्रस्ताव! 41 TPD CBG क्षमता, 360 संभावित रोजगार; जानिए किस कंपनी का कितना दांव

चार स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं में 375 करोड़ रुपये का प्रस्तावित निवेश—कृषि अवशेष और प्रेस-मड से CBG, बायो-फर्टिलाइजर निर्माण की भी योजना

बिजनौर, 7 सितंबर।
बिजनौर की कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को स्वच्छ ऊर्जा उद्योग से जोड़ने की दिशा में एक बड़ी संभावना उभरती दिखाई दे रही है। जिले में CBG, बायोमास और जैविक उर्वरक क्षेत्र से जुड़ी चार परियोजनाओं के प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इन चारों परियोजनाओं में कुल 375 करोड़ रुपये का प्रस्तावित निवेश है, जबकि परियोजनाओं के धरातल पर उतरने के बाद करीब 360 प्रत्यक्ष रोजगार के संभावित अवसर सृजित होने का अनुमान है।

यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि ₹375 करोड़ का निवेश अभी प्रस्तावित है और 360 रोजगार संभावित हैं। ये आंकड़े परियोजनाओं के प्रस्तावों पर आधारित हैं और वास्तविक निवेश व रोजगार परियोजनाओं के क्रियान्वयन के बाद ही स्पष्ट होंगे।

किस कंपनी का कितना प्रस्तावित निवेश?

सबसे बड़ा प्रस्तावित निवेश REnergy Dynamics Pvt. Ltd. की ओर से है। कंपनी ने कृषि अवशेष और प्रेस-मड जैसे मिश्रित फीडस्टॉक पर आधारित 25 टीपीडी क्षमता के CBG प्लांट तथा फीडस्टॉक कलेक्शन सेंटर की स्थापना के लिए 250 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव दिया है। इस परियोजना से करीब 150 प्रत्यक्ष रोजगार के संभावित अवसर सृजित होने का अनुमान है।

दूसरा बड़ा प्रस्ताव Yuva Bio Energy का है। कंपनी ने 10 टीपीडी क्षमता के CBG प्लांट के लिए 60 करोड़ रुपये के प्रस्तावित निवेश की योजना रखी है। इससे करीब 80 रोजगार के संभावित अवसर सामने आने की उम्मीद है।

AAGMIK Green Energy Private Limited ने CBG और बायो-फर्टिलाइजर निर्माण परियोजना के लिए 40 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव दिया है। कंपनी की ओर से इस परियोजना से करीब 100 संभावित रोजगार सृजित होने का अनुमान है।

वहीं UP Green Ventures LLP ने 6 टीपीडी क्षमता के CBG प्लांट की स्थापना के लिए 25 करोड़ रुपये के प्रस्तावित निवेश की योजना प्रस्तुत की है। इससे करीब 30 प्रत्यक्ष रोजगार के संभावित अवसर मिलने का अनुमान है।

41 TPD की प्रस्तावित CBG क्षमता—क्या है इसका मतलब?

तीन परियोजनाओं में CBG उत्पादन की क्षमता स्पष्ट रूप से प्रस्तावित की गई है। UP Green Ventures का 6 TPD, REnergy Dynamics का 25 TPD और Yuva Bio Energy का 10 TPD क्षमता वाला CBG प्लांट प्रस्तावित है।

इन तीनों क्षमताओं को जोड़ने पर कुल 41 TPD की प्रस्तावित CBG उत्पादन क्षमता सामने आती है। यानी यदि ये परियोजनाएं अपनी प्रस्तावित क्षमता के अनुरूप संचालित होती हैं तो प्रतिदिन लगभग 41 टन CBG उत्पादन की क्षमता विकसित हो सकती है।

साल के 365 दिन के हिसाब से देखें तो यह करीब 14,965 टन सालाना की सैद्धांतिक उत्पादन क्षमता के बराबर होगी। हालांकि वास्तविक उत्पादन प्लांट के संचालन, फीडस्टॉक की उपलब्धता और अन्य तकनीकी कारकों पर निर्भर करेगा।

AAGMIK Green Energy के प्रस्ताव में CBG के साथ बायो-फर्टिलाइजर निर्माण की योजना शामिल है, लेकिन उपलब्ध प्रस्ताव में इसकी उत्पादन क्षमता का अलग आंकड़ा नहीं दिया गया है।

₹375 करोड़ का प्रस्तावित निवेश कैसे बनेगा?

चारों परियोजनाओं के निवेश प्रस्तावों को जोड़ने पर आंकड़ा साफ है।

REnergy Dynamics के 250 करोड़ रुपये, Yuva Bio Energy के 60 करोड़ रुपये, AAGMIK Green Energy के 40 करोड़ रुपये और UP Green Ventures के 25 करोड़ रुपये—इन सभी को मिलाकर कुल 375 करोड़ रुपये का प्रस्तावित निवेश बनता है।

यानी अकेले REnergy Dynamics का प्रस्तावित निवेश कुल प्रस्तावित निवेश का करीब 66.7 प्रतिशत है।

बाकी तीन कंपनियों का संयुक्त प्रस्तावित निवेश 125 करोड़ रुपये है।

360 संभावित रोजगार का भी पूरा गणित

रोजगार के प्रस्तावित आंकड़ों को जोड़ने पर भी तस्वीर स्पष्ट है।

REnergy Dynamics से 150 संभावित रोजगार, Yuva Bio Energy से 80 संभावित रोजगार, AAGMIK Green Energy से 100 संभावित रोजगार और UP Green Ventures से 30 संभावित रोजगार का अनुमान है।

इन सभी को जोड़ने पर कुल 360 प्रत्यक्ष रोजगार के संभावित अवसर सामने आते हैं।

यह संख्या अभी अनुमानित/संभावित है। परियोजनाओं के संचालन में आने के बाद ही वास्तविक रोजगार संख्या स्पष्ट होगी।

कृषि अवशेष से बन सकती है नई आर्थिक श्रृंखला

बिजनौर की सबसे बड़ी ताकत उसका कृषि आधार है और यही ताकत इन प्रस्तावित परियोजनाओं के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है।

कृषि अवशेष और प्रेस-मड जैसे पदार्थों को फीडस्टॉक के रूप में इस्तेमाल कर CBG बनाने की योजना है। इससे भविष्य में कृषि अवशेषों के संग्रह, परिवहन और प्रसंस्करण से जुड़ी अतिरिक्त आर्थिक गतिविधियों की संभावित गुंजाइश बन सकती है।

इसका फायदा केवल प्रस्तावित प्लांटों में मिलने वाले प्रत्यक्ष रोजगार तक सीमित नहीं रह सकता। फीडस्टॉक कलेक्शन, परिवहन, मशीनरी, रखरखाव और अन्य सहायक सेवाओं में भी संभावित अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा हो सकते हैं। हालांकि इनके लिए फिलहाल कोई निश्चित आंकड़ा प्रस्तावित नहीं किया गया है।

बिजनौर के लिए बड़ा अवसर, लेकिन असली परीक्षा क्रियान्वयन की

इन प्रस्तावित निवेशों को बिजनौर के औद्योगिक विकास के लिहाज से सकारात्मक संकेत माना जा सकता है, लेकिन इनके वास्तविक प्रभाव का आकलन परियोजनाओं के धरातल पर उतरने के बाद ही संभव होगा।

भूमि, वित्तीय व्यवस्था, विभागीय अनुमति, पर्यावरणीय स्वीकृति, बिजली-पानी और सबसे महत्वपूर्ण पर्याप्त फीडस्टॉक की निरंतर उपलब्धता इन परियोजनाओं की सफलता के लिए अहम होगी।

इसलिए फिलहाल तस्वीर को इस रूप में समझना ज्यादा सही होगा—₹375 करोड़ प्रस्तावित हैं, 41 TPD CBG क्षमता प्रस्तावित है और 360 रोजगार संभावित हैं।

जिलाधिकारी के प्रयासों पर टिकी निगाहें

जिलाधिकारी जसजीत कौर ने निवेशकों को आवश्यक सहयोग और सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन की प्रतिबद्धता जताई है। प्रशासन का प्रयास स्वच्छ ऊर्जा आधारित परियोजनाओं को प्रोत्साहित कर बिजनौर में औद्योगिक गतिविधियों को गति देना है।

अब प्रशासन के सामने सबसे महत्वपूर्ण चुनौती इन प्रस्तावित परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से वास्तविक परियोजनाओं में बदलने की होगी।

TargetTvLive विश्लेषण: आंकड़ों में दिख रही है बड़ी संभावना

बिजनौर में स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र की मौजूदा तस्वीर को एक लाइन में समझें तो—

₹375 करोड़ का प्रस्तावित निवेश + 41 TPD की प्रस्तावित CBG क्षमता + 360 संभावित प्रत्यक्ष रोजगार।

इनमें सबसे बड़ा प्रस्तावित निवेश 250 करोड़ रुपये का है, जबकि रोजगार के लिहाज से सबसे बड़ा संभावित आंकड़ा 150 है।

लेकिन इन आंकड़ों के साथ सबसे जरूरी शब्द हैं—“प्रस्तावित” और “संभावित”।

अर्थात अभी यह पैसा निवेशित नहीं हुआ है और न ही 360 नौकरियां वास्तविक रूप से सृजित हो चुकी हैं। ये सभी आंकड़े संबंधित परियोजनाओं के प्रस्ताव और अनुमान पर आधारित हैं।

अगर ये प्रस्तावित परियोजनाएं वास्तव में जमीन पर उतरती हैं, तो बिजनौर के लिए इसका अर्थ केवल नए प्लांट लगना नहीं होगा। इससे कृषि अवशेष → फीडस्टॉक → CBG → उद्योग → रोजगार की एक नई आर्थिक श्रृंखला विकसित होने की संभावित राह खुल सकती है।

यही वजह है कि आने वाले समय में नजर सिर्फ ₹375 करोड़ के प्रस्ताव पर नहीं, बल्कि इस बात पर होगी कि इनमें से कितना प्रस्तावित निवेश वास्तव में जमीन पर उतरता है और कितने संभावित रोजगार वास्तविक नौकरियों में बदलते हैं।

रिपोर्ट: अवनीश त्यागी | TargetTvLive

Leave a Comment

यह भी पढ़ें