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मौज्जमपुर तुलसी से मालन नदी तक: नजीबाबाद गौवध कांड की पूरी कहानी, जानें कब क्या हुआ

 मौज्जमपुर तुलसी से मालन नदी तक: नजीबाबाद गौवध कांड की पूरी कहानी, जानें कब क्या हुआ

नजीबाबाद के मौज्जमपुर तुलसी में गौवंशीय अवशेष मिलने के मामले में पुलिस ने मालन नदी के पास मुठभेड़ का दावा किया है। आरोपी मुजम्मिल के पैर में गोली लगी, तमंचा और पशुवध उपकरण बरामद। पढ़ें पूरी खबर।

हाईलाइट्स:

मौज्जमपुर तुलसी के बाग में 31 अगस्त को मिले थे गौवंशीय पशु के अवशेष
मुकदमा संख्या 427/2026 में पुलिस ने इदरीश और शहनवाज को 5 सितंबर को भेजा था जेल
6 सितंबर को मालन नदी के पास घेराबंदी के दौरान पुलिस पर फायरिंग का दावा
जवाबी कार्रवाई में मुजम्मिल के बाएं पैर में लगी गोली, अस्पताल में भर्ती
मौके से 315 बोर का तमंचा, दो खोखे, जिंदा कारतूस, बाइक और छुरी-चापड़ बरामद

बिजनौर/नजीबाबाद। नजीबाबाद क्षेत्र में गौवंशीय पशु के अवशेष मिलने के मामले की जांच अब मुठभेड़ तक जा पहुंची है। पुलिस का दावा है कि रविवार को चेकिंग के दौरान मिली सूचना पर मालन नदी के पास की गई घेराबंदी के दौरान आरोपियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। इसके बाद आत्मरक्षा में की गई जवाबी फायरिंग में एक आरोपी के बाएं पैर में गोली लग गई। घायल आरोपी को गिरफ्तार कर उपचार के लिए अस्पताल भिजवाया गया है, जबकि उसके साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए।

ऐसे शुरू हुआ था पूरा मामला

घटना की शुरुआत 31 अगस्त 2026 को हुई थी। नजीबाबाद थाना क्षेत्र के ग्राम मौज्जमपुर तुलसी स्थित एक बाग में गौवंशीय पशु के अवशेष मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया था। पुलिस ने इस संबंध में मुकदमा अपराध संख्या 427/2026 के तहत गौवध निवारण अधिनियम की धाराओं में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।

मामले के शीघ्र अनावरण के लिए पुलिस की टीमें गठित की गईं। विवेचना के दौरान पुलिस के मुताबिक इदरीश, शहनवाज और मुजम्मिल समेत अन्य आरोपियों के नाम सामने आए। पुलिस का कहना है कि 5 सितंबर को इदरीश और शहनवाज को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। इसके बाद भी मामले से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश लगातार जारी थी।

मालन नदी के पास बिछाया गया जाल, फिर चली गोलियां

पुलिस के अनुसार 6 सितंबर को चेकिंग के दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि मुकदमे से जुड़े कुछ आरोपी बाइक से ग्राम कल्हेड़ी स्थित मालन नदी के पास से हाईवे की ओर आने वाले हैं और दोबारा घटना करने की फिराक में हैं।

सूचना को गंभीरता से लेते हुए नजीबाबाद पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और घेराबंदी कर दी। पुलिस का दावा है कि पुलिस टीम को देखते ही आरोपियों ने जान से मारने की नीयत से फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिसमें मुजम्मिल पुत्र शराफत निवासी मोहल्ला किस्सावान, थाना मंडावर के बाएं पैर में गोली लग गई।

घायल अवस्था में आरोपी को गिरफ्तार कर अस्पताल भेजा गया। पुलिस के मुताबिक इस दौरान अन्य आरोपी अंधेरे और जंगल का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए, जिनकी तलाश की जा रही है।

मौके से क्या-क्या बरामद हुआ?

पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी के कब्जे से भारी मात्रा में सामान बरामद हुआ है। इसमें 315 बोर का एक अवैध तमंचा, दो खोखे और एक जिंदा कारतूस शामिल है। इसके अलावा बिना नंबर प्लेट की एक हीरो स्प्लेंडर मोटरसाइकिल भी बरामद की गई है।

पुलिस का दावा है कि आरोपी के पास से एक प्लास्टिक के कट्टे में रस्सा, छुरी और चापड़ भी मिले हैं, जिनका इस्तेमाल पशुवध में किया जाता है। मुठभेड़ के संबंध में नजीबाबाद थाने में अलग से मुकदमा अपराध संख्या 443/2026 दर्ज किया गया है। इसमें बीएनएस की धाराओं के साथ-साथ आर्म्स एक्ट की धाराएं भी लगाई गई हैं।

आरोपी का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी आया सामने

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार गिरफ्तार किए गए आरोपी मुजम्मिल का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ वर्ष 2012 से लेकर 2026 तक अलग-अलग थानों में कई मुकदमे दर्ज बताए गए हैं। इनमें मारपीट, हत्या के प्रयास, गैंगस्टर एक्ट, पॉक्सो एक्ट समेत अन्य गंभीर धाराओं के मामले शामिल हैं।

पुलिस के मुताबिक वर्ष 2026 में दर्ज गौवध निवारण अधिनियम का मुकदमा और ताजा मुठभेड़ से संबंधित मुकदमा भी उसके आपराधिक इतिहास में शामिल हो गया है। पुलिस का कहना है कि मामले में अग्रिम कार्रवाई जारी है।

इन सवालों के जवाब अभी बाकी

मामले में पुलिस ने अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें से दो जेल भेजे जा चुके हैं और एक घायल अवस्था में अस्पताल में है। हालांकि पुलिस के मुताबिक कुछ आरोपी अभी भी फरार हैं। ऐसे में जांच की अगली कड़ी फरार आरोपियों की गिरफ्तारी पर टिकी है।

वहीं उपलब्ध पुलिस प्रेसनोट में कथित पशुवध की पूरी पृष्ठभूमि, सभी आरोपियों की भूमिका और घटना के पीछे के उद्देश्य को लेकर विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है। इसलिए इन पहलुओं पर अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आ सकेगा।

कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम

पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई प्रभारी निरीक्षक अमित सिंह के नेतृत्व में की गई। टीम में उपनिरीक्षक कुलवीर सिंह, उपनिरीक्षक पशुपेंद्र राठी, उपनिरीक्षक विपिन कुमार समेत अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे।

डिस्क्लेमर: इस समाचार में लगाए गए सभी आरोप पुलिस के दावों पर आधारित हैं। अंतिम सत्यता जांच और न्यायालयीन प्रक्रिया के अधीन है।

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