UP Flood Alert:
बिजनौर के जलीलपुर में जलप्रलय! 7,380 की आबादी पानी से घिरी, ग्राउंड पर उतरीं मेडिकल टीमें

Target TV Live विशेष रिपोर्टर: अवनीश त्यागी श्रेणी: ग्राउंड रिपोर्ट / यूपी बाढ़ / स्वास्थ्य अलर्ट स्थान: बिजनौर (उत्तर प्रदेश)
गंगा के तटीय 4 गांव बने टापू; ओआरएस-क्लोरीन बांट रही हैं स्वास्थ्य टीमें, सीएमओ बिजनौर ने जारी किया हाई-अलर्ट।
बिजनौर (Target TV Live Desk): उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के जलीलपुर ब्लॉक में जलभराव और बाढ़ जैसी विकराल स्थिति उत्पन्न हो गई है। गंगा नदी के तटीय व निचले इलाकों में तेजी से घुसे पानी के कारण कई गांवों का संपर्क कट गया है। मुख्य चिकित्साधिकारी (CMO) कार्यालय बिजनौर द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों और ज़मीनी पड़ताल के अनुसार, 7,000 से अधिक लोग सीधे तौर पर जलजमाव के संकट से जूझ रहे हैं।
ये 4 गांव सबसे ज्यादा प्रभावित, 7380 की आबादी संकट में
प्रशासनिक विज्ञप्ति और ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, जलीलपुर ब्लॉक के चार प्रमुख गांव इस आपदा की चपेट में हैं:
- बलिया नंगली
- रायपुर खादर
- पांडुनगर चौकी
- मिर्जापुर
इन चारों गांवों की लगभग 7,380 की आबादी जलभराव से बुरी तरह प्रभावित है। रास्तों में पानी भर जाने से ग्रामीणों का आवागमन पूरी तरह ठप हो चुका है और संक्रामक बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग का ऑन-ग्राउंड एक्शन: 116 मरीजों का इलाज
हालात बिगड़ते देख बिजनौर का स्वास्थ्य महकमा पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र जलीलपुर की मेडिकल टीमों को प्रभावित गांवों में कैंप लगाने के लिए रवाना किया गया है।
हेल्थ कैंपों के दौरान कुल 116 मरीजों का मौके पर इलाज कर दवाइयां बांटी गईं। राहत की बात यह है कि किसी भी मरीज की हालत गंभीर नहीं पाई गई।
कैंपों में सामने आ रहीं मुख्य स्वास्थ्य समस्याएं:
- वायरल बुखार व जुकाम-खांसी: लगातार नमी और गंदे पानी के संपर्क से मौसमी बीमारियों में इजाफा हुआ है।
- चर्म रोग (Skin Diseases): दूषित जलजमाव के कारण ग्रामीणों में त्वचा संबंधी इन्फेक्शन बढ़ रहा है।
महामारी रोकने की तैयारी: एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध, फॉगिंग जारी
बाढ़ व जलभराव के दौरान फैलने वाली महामारियों और हादसों से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कड़े कदम उठाए हैं:
- क्लोरीन और ORS वितरण: पीने के पानी को बैक्टीरिया-मुक्त बनाने के लिए क्लोरीन टैबलेट्स और डिहाइड्रेशन रोकने के लिए ORS के पैकेट घर-घर बांटे जा रहे हैं।
- कीटनाशक छिड़काव व फॉगिंग: डेंगू और मलेरिया फैलाने वाले मच्छरों को नियंत्रित करने के लिए गांव-गांव फॉगिंग कराई जा रही है।
- एंटी स्नेक वेनम (Anti-Snake Venom): पानी भरने से जहरीले जीव-जंतुओं और सांपों के निकलने की आशंका को देखते हुए सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर पर्याप्त मात्रा में एंटी स्नेक वेनम रिजर्व रखा गया है।
सीएमओ बिजनौर की सख्त चेतावनी: ‘पानी उबालकर ही पिएं’
मुख्य चिकित्साधिकारी बिजनौर ने सभी ब्लॉक प्रभारी अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में लगातार भ्रमणशील रहने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में तैनात आशा कार्यकत्रियों (ASHA Workers) को पाबंद किया गया है कि वे किसी भी आपात स्थिति या जलभराव की नई सूचना तुरंत उच्च अधिकारियों को दें।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से ग्रामीणों को पानी उबालकर ही पीने की विशेष सलाह दी जा रही है ताकि जलजनित बीमारियों से बचा जा सके।












