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बिजनौर का चर्चित हत्याकांड: 8 साल बाद न्याय की जीत, कातिल राम सिंह को उम्रकैद; TargetTvLive पर जानिए Inside Story

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बिजनौर का चर्चित हत्याकांड: 8 साल बाद न्याय की जीत, कातिल राम सिंह को उम्रकैद 

चांदपुर में महिला की नृशंस हत्या का मामला: यूपी पुलिस के ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ से थर-थर कांपे अपराधी, बिजनौर FTC कोर्ट ने 50 हजार के जुर्माने के साथ मुख्य आरोपी को भेजा सलाखों के पीछे।

  •  TargetTvLive Exclusiv
  • विशेष विश्लेषण: अवनीश त्यागी (क्राइम ब्यूरो)
  • कैटेगरी: क्राइम & जुडीशियरी (उत्तर प्रदेश)
  • स्थान: बिजनौर
  • दिनांक: 01 सितंबर 2026
क्राइम डेस्क (TargetTvLive):

उत्तर प्रदेश के जनपद बिजनौर से कानून और न्याय व्यवस्था से जुड़ी एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है। वर्ष 2018 में थाना चांदपुर क्षेत्र में हुए सनसनीखेज हत्याकांड में अदालत ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए साफ संदेश दे दिया है कि जुर्म का अंत सिर्फ और सिर्फ सलाखों के पीछे ही होता है।

बिजनौर पुलिस और अभियोजन विभाग की अचूक व सशक्त पैरवी के बल पर माननीय अपर सत्र न्यायाधीश/एफ0टी0सी0, बिजनौर की अदालत ने मुख्य हत्यारोपी राम सिंह को धारा 302/393/457 भा0दं0सं0 के तहत आजीवन कारावास (उम्रकैद) और 50,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।

क्या था 8 साल पुराना खौफनाक हत्याकांड?

TargetTvLive के वरिष्ठ पत्रकार अवनीश त्यागी की ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, यह खौफनाक वारदात 19 मई 2018 को सामने आई थी।

  • सनसनीखेज वारदात: थाना चांदपुर क्षेत्र में अज्ञात बदमाशों ने घर में घुसकर वादी की बहन की नृशंस हत्या कर दी थी और लूटपाट का प्रयास किया था।
  • पुलिस की त्वरित कार्रवाई: वादी की लिखित तहरीर के आधार पर थाना चांदपुर पर मुकदमा अपराध संख्या 347/2018 के तहत धारा 302 और 394 आईपीसी (बाद में तफ्तीश के दौरान धारा 457 व 393 भादवि) में अभियोग पंजीकृत किया गया था।
  • चार्जशीट दाखिल: विवेचना के दौरान चांदपुर पुलिस ने शाहजहांपुर जिले के निवासी तीन शातिर अपराधियों के खिलाफ पुख्ता साक्ष्य जुटाकर अदालत में चार्जशीट प्रेषित की थी।

न्यायालय का सख्त फैसला: किस आरोपी को क्या मिली सजा?

मामले की गंभीरता, पेश किए गए गवाहों और सबूतों के आधार पर अदालत ने तीनों अभियुक्तों के खिलाफ फैसला सुनाया:

  1. राम सिंह (पुत्र त्रिलोकी, निवासी ग्राम रावतपुर, थाना सिंधौली, शाहजहांपुर): अदालत ने इसे हत्या और गृह-भेदन का मुख्य दोषी पाते हुए धारा 302/393/457 आईपीसी के तहत आजीवन कारावास और कुल ₹50,000/- के अर्थदंड की सजा सुनाई।
  2. खेम सिंह उर्फ खिम्मा (पुत्र टेकराम, निवासी ग्राम मिलकिया, थाना निगोही, शाहजहांपुर): इसे धारा 393/457 आईपीसी के तहत दोषी ठहराते हुए जेल में बिताई गई अवधि (Custodial Period) की सजा से दंडित किया गया।
  3. बचराम उर्फ लीची (पुत्र लक्ष्मण, निवासी ग्राम ईशापुर, थाना निगोही, शाहजहांपुर): इसे भी धारा 393/457 आईपीसी के तहत दोषी पाते हुए जेल में बिताई गई अवधि की सजा सुनाई गई।

‘ऑपरेशन कन्विक्शन’: बिजनौर पुलिस और मॉनिटरिंग सेल की मिसाल पैरवी

उत्तर प्रदेश शासन द्वारा अपराधियों को सजा दिलाने के लिए चलाए जा रहे “ऑपरेशन कन्विक्शन” अभियान के तहत इस केस को बिजनौर पुलिस ने प्राथमिकता पर रखा था। local पुलिस, मॉनिटरिंग सेल और अभियोजन पक्ष की संयुक्त टीम ने अदालत के समक्ष मजबूत गवाह और अकाट्य वैज्ञानिक साक्ष्य प्रस्तुत किए। इसी का नतीजा रहा कि 8 साल पुराने इस संगीन मामले में आरोपी को सजा दिलाने में सफलता हासिल हुई।

TargetTvLive विश्लेषणात्मक निष्कर्ष:

दूसरे जनपद (शाहजहांपुर) से आकर बिजनौर के चांदपुर में संगीन वारदात को अंजाम देने वाले इन अपराधियों को लग रहा था कि वे कानून की नजरों से बच निकलेंगे। लेकिन बिजनौर पुलिस की मजबूत विवेचना और अदालत के इस सख्त फैसले ने यह साबित कर दिया है कि उत्तर प्रदेश में ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति धरातल पर काम कर रही है। TargetTvLive की यह विशेष रिपोर्ट आम जनता के मन में न्याय व्यवस्था के प्रति विश्वास को और गहरा करती है।

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